ज़ोमैटो के आईपीओ प्लान पर एक नज़र

25 जून,2021

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कोविड -19 ने दुनिया को पलटकर रख दिया - पर्यटन, एयरलाइंस, फैशन, एफएंडबी सेक्टर को जबरदस्त नुकसान हुआ है लेकिन ऑनलाइन फिनांशियल गेटवे, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, कुरियर सर्विस और फ़ूड डिलीवरी सर्विसेज खूब फला-फूला है।

बेशक फार्मास्युटिकल्स सदाबहार सेक्टर है और आज के हालात में इसमें और भी तेज़ी आई है। 

फूड डिलीवरी स्पेस के एक बड़े नाम ज़ोमाटो ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) में अपना रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया है और अब पब्लिक होने के लिए तैयार है। यह इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) इस साल के मध्य में आने की उम्मीद है। ये कुछ महत्वपूर्ण तथ्य हैं जिन्हें आपको इस मशहूर और शायद देश का सबसे मशहूर फ़ूड डिलीवरी ब्रांड के आगामी आईपीओ के बारे में जानना चाहिए। 

ज़ोमैटो के आईपीओ को लेकर निवेशक और अखबार इतने उत्साहित क्यों हैं?

हालांकि यह नहीं कहा जा सकता है कि दुनिया के सामान्य स्थिति में लौटने के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का क्या होगा लेकिन बहुत संभव है कि ऑनलाइन पेमेंट वॉलेट और ऑनलाइन फ़ूड डिलीवरी जैसी सर्विस आम हो जाएगी। जब लोगों को सुविधा के उपयोग की आदत हो जाती है, तो ज्यादातर मामलों में, उस सुविधा का विकल्प चुनने के लिए बाध्य करने वाली परिस्थिति से बाहर निकलने पर भी उसका उपयोग करना जारी रखते हैं। सुविधाजनक चीज़ सभी को पसंद होती है। इसलिए ज़ोमैटो के आईपीओ प्लान को लेकर उत्साह और चर्चा है।  इसके अलावा कंपनी को "यूनिकॉर्न कंपनी" या ऐसी कंपनी के रूप में जाना जाता है जिसकी वैल्यू एक अरब रूपये से अधिक है। 

आइए पहले देखें कि ज़ोमैटो का कितना बड़ा हिस्सा सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा:

आईपीओ कुल 1.1 अरब रुपये का होगा। कुल 8250 करोड़ रुपये के शेयर होंगे बाज़ार में जिनमें से 7,500 करोड़ रुपये का नया इशू होगा और शेष 750 करोड़ रुपये का ओएफएस होगा - या ऑफर फॉर सेल होगा - इसके एक एंकर स्टेकहोल्डर, इन्फो एज की ओर से। 

अब देखते हैं कि ब्रांड अपने आईपीओ की तैयारी कैसे कर रहा है:

जैसा कि अक्सर होता है, लोग मैनेजमेंट टीम के बारे में पता लगाएंगे और कंपनी कैसे है यह भी जानने की कोशिश करेंगे, साथ ही उसकी फिनांशियल स्थिति के बारे में भी जानने की कोशिश होगी, इसलिए ज़ोमैटो ने आईपीओ को ध्यान में रखते हुए तीन पहल की हैं-

  • कंपनी ने अब खुद को एक निजी से पब्लिक कंपनी में तब्दील कर लिया है। इसने अपने एमओयू का स्वरुप बदला है अब इसे ज़ोमैटो लिमिटेड कहा जाता है। 
  • दीपिंदर गोयल को अगले पांच वर्षों के लिए इसका प्रबंध निदेशक बनाया गया है। गोयल ने आईआईटी-दिल्ली से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और कभी वह बेन एंड कंपनी में कंसलटेंट थे। 
  • ज़ोमैटो  ने मूल्यांकन के आंकड़े जारी किए हैं जो 5.4 अरब अमेरिकी डॉलर है
  • कंपनी ने इसी क्षेत्र की छोटी कंपनी उबरईट्स का अधिग्रहण किया, लेकिन यह जनवरी 2020 में हुआ और हो सकता है यह आईपीओ से जुडी रणनीति का हिस्सा हो भी और न भी हो।

यदि आप इन सारी जानकारियों से उत्साहित हैं और आप ब्रांड के आगामी आईपीओ में भागीदारी के प्रति गंभीर हैं तो आप शायद यह जानना चाहते हों कि इसने कैसा प्रदर्शन किया है। हालांकि हम हमेशा सुझाव देते हैं कि आप खुद बहुत ध्यान से मैगनिफायिंग ग्लास लेकर फिनांशियल आंकड़ों को देखें, हमने कुछ प्रमुख आंकड़े निकालने की कोशिश की है जो आपको यह समझने में मदद कर सकते हैं कि क्या वाक़ई आपकी रूचि आईपीओ में हैं - वैसे अपनी ओर से जानकारी ज़रूर जुटाएं। 

  • 31 मार्च, 2018 को समाप्त साल में जोमैटो ने कुल आठ करोड़ अमेरिकी डॉलर के व्यय के मुकाबले 6.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर का रेवेन्यू अर्जित किया
  • दिसंबर 2020 में समाप्त पिछली तीन तिमाहियों में रेवेन्यू 1,301 करोड़ रुपये थी
  • 31 मार्च, 2020 को समाप्त साल में  नेट लॉस 32 करोड़ अमेरिकी डॉलर था। यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले दोगुना नेट लॉस था। क्या हालात खराब हो रहे हैं? रेवेन्यू बढ़कर 36.8 करोड़ अमेरीकी डॉलर हो गया, लेकिन कुल खर्च लगभग छह गुना बढ़ गया, जो आश्चर्यजनक रूप से 67.2 करोड़ अमेरिकी डॉलर पर पहुँच गया
  • पिछले कुछ साल के मुकाबले घाटा 2021 में कम हुआ है
  • कंपनी का आकार पिछले चार साल में तीन गुना हो गया है

कंपनी के फिनांशियल आंकड़े एक नज़र में

2018 के अंत तक ज़ोमैटो की इन्कम

6.5 करोड़ डॉलर

इसी अवधि में ज़ोमैटो का एक्सपेंस

8 करोड़ डॉलर

अप्रैल 2017 से मार्च 2018 के बीच रेवेन्यू

487 करोड़ रूपये

अप्रैल 2018 से मार्च 2019 के बीच रेवेन्यू

1398 करोड़ रूपये

अप्रैल 2019 से मार्च 2020 के बीच रेवेन्यू

2743 करोड़ रूपये

अप्रैल 2020 से दिसम्बर 2020 के बीच रेवेन्यू

1,301 करोड़ रूपये

एक अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 के बीच नेट लॉस

32 करोड़ डॉलर

बाज़ार हिस्सेदारी

45 प्रतिशत

ज़ोमैटो के मुकाबले प्रतिस्पर्धी कंपनी की बाज़ार हिस्सेदारी

45:47

 बेशक, किसी शेयर को खरीदने से पहले - चाहे वह आईपीओ के हिस्से के रूप में हो या खुले बाजार में - आप उस सेक्टर की झलक चाहते हैं जिसमें कंपनी संचालित होती है। 

मौजूदा कंपनियां: फिलहाल इस सेक्टर में दरअसल सिर्फ कंपनियां हैं और ये हैं: ज़ोमैटो और स्विगी। स्विगी के पास 47 प्रतिशत जितनी बड़ी बाज़ार हिस्सेदारी है जबकि ज़ोमैटो के पास 45 प्रतिशत हिस्सेदारी है। 

भविष्य में उम्मीद: इस बाजार में अमेज़न केप्रवेश करने की उम्मीद है। किसी एक नई कंपनी के बाज़ार में आने से कोई ख़ास फर्क नहीं पड़ता लेकिन जब बाजार में केवल दो कंपनियां हों और नई कंपनी अमेज़न हो तो यह चिंता वाज़िब है कि नई कंपनी इस सेक्टर में कैसे हलचल मचा सकती है। 

आपको आईपीओ से जुड़ी इन सुर्खियों की भी जानकारी होनी चाहिए:

  • कंपनी आईपीओ से पहले कर्मचारियों के लिए तीन करोड़ डॉलर के शेयर बिक्री कर रही है
  • कंपनी की 1,500 करोड़ रुपये से कम राशि की प्री-आईपीओ प्लेसमेंट योजना भी है। 
  • रिटेल इन्वेस्टर कोटा - आप जैसे इन्वेस्टर रिटेल इनवेस्टर कहलाते हैं - कंपनी को जो नुकसान हुआ है उसकी वजह से यह सिर्फ 10 प्रतिशत तक सीमित रह सकता है। 

आईपीओ में इन्वेस्ट करने से पहले इन्वेस्टर को जिन बातों का ध्यान रखना चाहिए

  1. आपके पास स्टॉक मूल्य के रिकॉर्ड जैसा कुछ नहीं होता है इसलिए कम से कम फिनांशियल आंकड़ों पर नजर रखें। स्टॉक के वास्तविक मूल्य के मूल्यांकन के लिए पढ़ें और रिसर्च करें जैसा कि आप अभी कर रहे हैं। 
  2. स्टॉक के बाजार में लिस्ट होने तक इंतज़ार करने पर विचार करें ताकिआपको पता चल पाए कि बाकी बाज़ार स्टॉक के बारे में क्या सोचता है। 
  3. यदि आप अप्लाय करने वाले हैं तो ध्यान रखें कि आपके दस्तावेज़ सही ऑर्डर में रहें और समय पर अप्लाय करें।

याद रखें कि किसी भी शेयर बाजार में इन्वेस्टमेंट जोखिम होता है, तब भी जबकि आप जोमैटो जैसी कंपनी में निवेश कर रहे हैं। अपनी जोखिम उठाने की क्षमता की तुलना कंपनी से करें और यदि इसमें कोई मैच हो तभी इन्वेस्ट करें। केवल अतिरिक्त पूंजी के साथ ही इन्वेस्ट करें और अपने जोखिम को कम करने के लिए लंबी अवधि के लिए इनवेस्टेड रहने का प्रयास करें। याद रखें कि इन्वेस्ट कोई भी कर सकता है चाहे उम्र, जेंडर या प्रोफेशन कुछ भी हो - हालांकि रिसर्च पर कोई समझौता नहीं होना चाहिए। एंजेल ब्रोकिंग के साथ अपना इन्वेस्टमेंट सफ़र शुरू करें।  

आम तौर पर पूछे जाने वाले सवाल:

ज़ोमैटो आईपीओ के खुलने और बंद होने की तारीख क्या है?

ज़ोमैटो आईपीओ की तारीख तय होनी अभी बाकी है। 

ज़ोमैटो लिमिटेड कहाँ लिस्ट होगा?

ज़ोमैटो लिमिटेड को एनएसई और बीएसई दोनों में लिस्ट किये जाने का प्रस्ताव है। 

ज़ोमैटो लिमिटेड का आईपीओ कितनी राशि का है?

  • यह आईपीओ कुल 1.1 अरब रूपये का होगा। 
  • 7,500 करोड़ रूपये का फ्रेश इश्यू होगा
  • 750 करोड़ रूपये का ओएफएस होगा

मैं कम से कम कितने शेयर के लिए बिड कर सकता हूँ?

इसकी घोषणा होनी बाकी है। 

ज़ोमैटो आईपीओ प्राइस या ज़ोमैटो आईपीओ की शेयर प्राइस क्या है?

फेस वैल्यू 10 रूपये प्रति शेयर होने का अनुमान है। 

क्या यह ज़ोमैटो आईपीओ का कुल रिटेल हिस्सा है?

हाँ

ज़ोमैटो आईपीओ में रिटेल अलॉटमेंट कितनी होगी?

ज़ोमैटो आईपीओ का रिटेल अलॉटमेंट 35 प्रतिशत है

आप इस अध्याय का मूल्यांकन कैसे करेंगे?

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