क्रिप्टोकरेंसी इंश्योरेंस, अगला बड़ा उद्योग

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24 नवम्बर,2021

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क्रिप्टोकरेंसी के माहौल की अस्थिरता पर गौर करते समय क्रिप्टोकरेंसी इंश्योरेस ज़रूरी लगने लगता है। बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसी की बढ़ते कीमत के बीच ऑनलाइन वॉलेट और एक्सचेंज से भारी-भरकम चोरी हुई है।

परिचय

जैसे-जैसे क्रिप्टोकरेंसी बाजार आगे बढ़ रहा है, विभिन्न उद्योगों में से जुड़े इन्वेस्टर इसकी ओर आकर्षित हो रहे हैं। उदाहरण के लिए, इंश्योरेंस उद्योग की इसमें दिलचस्पी है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक़, क्रिप्टोकरेंसी इंश्योरेंस अगला बड़ा उद्योग बनने के लिए तैयार है। यह रुचि उस प्रासंगिकता, महत्व और व्यापकता से पैदा हुई जिसके साथ क्रिप्टोकरेंसी अब भरोसेमंद बन रही है।

क्रिप्टोकरेंसी के परिदृश्य में इंश्योरेंस की क्या प्रासंगिकता है?

क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया मुख्य रूप से स्टार्ट-अप और एक्सचेंज से बनी है, और यही वजह है कि यह फिलहाल इंश्योरेंस इंडस्ट्री के लिए बहुत मुनाफे वाला साबित नहीं हो सकता। सार्वजनिक रूप से जो जानकारी उसे देखते हुए, कॉइनबेस, जो उत्तरी अमेरिका का सबसे बड़ा क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज है, इसके पास केवल 2 प्रतिशत कॉइन का इंश्योरेंस है जो हॉट स्टोरेज के तहत सुरक्षित है। शेष क्रिप्टोकरेंसी इंटरनेट से कनेक्ट नहीं है और इनका इंश्योरेंस है या नहीं यह स्पष्ट नहीं है।

क्रिप्टोकरेंसी के लिए इंश्योरेंस इसलिए प्रासंगिक है कि क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में बहुत अस्थिरता है। जिस तेज़ी से क्रिप्टोकरेंसी के कुछ फॉर्म्स की वैल्यू में तेज़ी आई है , उससे एक्सचेंज के साथ-साथ ऑनलाइन वॉलेट में चोरी बहुत बढ़ी है। इससे स्पष्ट है कि क्रिप्टोकरेंसी दुनिया में सेंध लग सकती है जिसे ट्रेडिशनल फिनांस इकोसिस्टम या तो अनदेखा करता है या उपेक्षा करता है।

क्रिप्टोकरेंसी के मामले में इंश्योरर्स के सामने फिलहाल कई चुनौतियाँ हैं।

  • आमतौर पर, इंश्योरेंस प्रीमियम हिस्टोरिकल डाटा को ध्यान में रखकर तय किया जाता है। क्रिप्टोकरेंसी के मामले में यह डाटा उपलब्ध नहीं है। 
  • क्रिप्टोकरेंसी के वैल्यूएशन के मामले में वोलैटिलिटी, जिसका अर्थ है कि थ्री-फिगर प्राइस चेंज कोई बहुत अलग नहीं, वे भी प्रीमियम को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसा इसलिए है कि इससे इंश्योर्ड कॉइन के कुल आंकड़े कम होते हैं। 
  • क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज के मामले में नियामकीय अनिश्चितता और निरीक्षण की कमी भी इस इंडस्ट्री को सर्विस देने के इच्छुक  इंश्योरर्स पर विपरीत असर डाल सकती है।

क्रिप्टोकरेंसी में इंश्योरेंस कंपनियों की हमेशा रुचि रही है। उदाहरण के लिए, 2015 में, लॉयड ने कुछ क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े रिस्क फैक्टर्स का ज़िक्र करते हुए एक रिपोर्ट जारी की थी। रिपोर्ट में इस बात पर ज़ोर दिया गया था कि क्रिप्टोकरेंसी के ऑफ़लाइन और ऑनलाइन भंडारण के लिए मान्यता प्राप्त सीक्योरिटी स्टैंडर्ड से एसेट रिस्क मैनेजमेंट में सुधार होगा और इंश्योरेंस संभव हो जाएगा।

क्रिप्टोकरेंसी इंश्योरेंस- एक रेवेन्यू चैनल

क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया की समस्या इंश्योरेंस कंपनियों के लिए आय का प्रमुख स्रोत भी हो सकती हैं। क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े कई इंश्योरेंस प्रॉडक्ट ग्राहक की प्राथमिकताओं के अनुरूप और डिज़ाइन किए गए हैं।

उदाहरण के लिए, इस इंडस्ट्री से जुड़े स्टार्ट-अप और कंपनियां अक्सर चोरी के कवरेज का लाभ उठाती हैं जो साइबर इंश्योरेंस और सायबर क्राइम को सुरक्षा प्रदान करती है। हालाँकि, इस कवरेज में हैक शामिल नहीं हैं। इस कवर को सुरक्षित करने के लिए स्टार्ट-अप अपनी कवरेज सीमा के 5 प्रतिशत तक का भुगतान कर सकते हैं। चोरी के कवरेज को सुरक्षित करने के लिए वार्षिक प्रीमियम 10 मिलियन अमरीकी डॉलर जितना हो सकता है। बड़ी राशि के इंश्योरेंस में कई अंडरराइटर्स शामिल होते हैं, जिन्हें 50 लाख -1.5 करोड़ अमेरीकी डॉलर के बीच भुगतान किया जाता है ताकि किसी भी इंश्योरर को किसी भी हैक के मामले में जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सके।

इंश्योरेंस कंपनियों को यह मौका पसंद आया हैऔर प्रीमियम के आकलन के लिए नए तरीके तैयार किए गये हैं।

निष्कर्ष

इनिशियल कॉइन ऑफ़रिंग और क्रिप्टोकरेंसी, दोनों में समान स्तर का रिस्क है और बहुत सी अटकलें हैं। अलग-अलग इन्वेस्टर की रिस्क झेलने की क्षमता और उनकी प्राथमिकता अलग-अलग होती हैं। यही वजह है कि इन्वेस्टर को कोई भी बड़ा फिनांशियल फैसला करने से पहले हमेशा प्रोफेशनल की राय लेनी चाहिए। हालांकि इस क्षेत्र से बहुत से रिस्क जुड़े हैं और इन्हीं से इंश्योरर्स के लिए जगह बनती है। इंश्योरेंस कंपनियों को उम्मीद है कि इस क्षेत्र में एक बड़ा उद्योग तैयार हो सकेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न1. इंश्योरेंस क्रिप्टोकरेंसी स्पेस के लिए क्यों प्रासंगिक है?
उत्तर1. इंश्योरेंस क्रिप्टोकरेंसी के लिए प्रासंगिक है क्योंकि इस क्षेत्र में वोलैटिलिटी बहुत अधिक है। जिस तेज़ी से क्रिप्टोकरेंसी ने वैल्यू हासिल किया है, उसके कारण ऑनलाइन वॉलेट के साथ-साथविभिन्न क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज से संबंधित वॉलेट ऑनलाइन चोरी हो गए। इसका असर क्रिप्टोकरेंसी दुनिया को कमजोर बनाता है। मेनस्ट्रीम फिनांशियल इकोसिस्ट में इस कमज़ोरी की या तो अनदेखी की जाती है या इस पर विचार नहीं किया जाता है।

प्रश्न 2. क्रिप्टोकरेंसी को इंश्योर करने के मामले में कंपनियों को सामान्य चुनौतियों का सामना करना पड़ता है?
उत्तर2. क्रिप्टोकरेंसी के मामले सबसे बड़ी मुश्किल है कि इसका हिस्टोरिकल डाटा उपलब्ध नहीं है, जिससे प्रीमियम तय करने की क्षमता प्रभावित होती है। वोलैटिलिटी भी चिंता का विषय है क्योंकि यह प्रीमियम को प्रभावित कर सकता है। वोलैटिलिटी की स्थिति में इंश्योरेंस वाले कॉइन की संख्या घट सकती है।  क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज के मामले में नियामकीय अनिश्चितता और निरीक्षण की कमी भी इस इंडस्ट्री को सर्विस देने के इच्छुक इंश्योरर्स पर विपरीत असर डाल सकती है।

 

एंजेल वन: एंजेल वन लिमिटेड क्रिप्टोकरेंसी में इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग का समर्थन नहीं करता है। यह लेख केवल सूचना और जागरूकता के लिए है। ऐसा जोखिम भरा फैसला करने से पहले अपने इन्वेस्टमेंट एडवाइज़र से बात करें।

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