एड-टेक जायंट बायजू की स्टार्ट-अप स्टोरी पर एक नज़र

03 मार्च,2022

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इस आर्टिकल में रीडर्स को बायजू के फाउंडर बायजू रवींद्रन के जीवन और करियर के बारे में बताने की कोशिश की गई है।

बायजू का लेखा-जोखा

बायजू एक एड-टेक यूनिकॉर्न है, जिसने पिछले वर्ष के 5.75 बिलियन अमेरीकी डॉलर के मूल्यांकन की तुलना में 2020 में 11 बिलियन अमेरिकी डॉलर के स्तर पर पहुँच गया। जब बाकी दुनिया महामारी और बाजार सहित जीवन के विभिन्न पहलुओं पर पड़ने वाले इसके गंभीर परिणाम से बेहाल, बायजू फलता-फूलता रहा। देश भर में लगाए गए लॉकडाउन ने बायजू जैसे ऑनलाइन लर्निंग स्टार्ट-अप को बाजार में घुसपैठ बढ़ाने में मदद की। आज, बायजू ने पेटीएम को पीछे छोड़ दिया है और इसे भारत में सबसे अधिक वैल्यूएशन वाले स्टार्ट-अप के रूप में जाना जाता है। इसने ब्लैकस्टोन, ए डीक्यू और यूबीएस समूह सहित कई इन्वेस्टर्स के ज़रिये 2,500 करोड़ रुपये (लगभग 340 मिलियन अमेरिकी डॉलर) जुटाए।

इस फंडिंग के बाद बायजू की वैल्यूएशन 16.5 अरब डॉलर हो गई। हालाँकि, अप्रैल 2021 में, एड-टेक की इस कंपनी ने एक्सएन एक्सपोनेंट होल्डिंग और बैरन कैपिटल ग्रुप इंक सहित अतिरिक्त इन्वेस्टर्स एक और एक अरब डॉलर जुटाए।

बायजू का मौजूदा रेवेन्यू 700 मिलियन अमेरिकी डॉलर है जो अगले 12 से 15 महीनों में बढ़कर 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो जाने की उम्मीद है। एड-टेक क्षेत्र आने वाले दिनों में छलांग लगाने और विस्तार के लिए तैयार है, इसने इन्वेस्टर्सों का ध्यान आकर्षित किया है।

कंपनी पर एक निगाह

बैंगलोर की इस टेक्नोलॉजी-ड्रिवेन मल्टीनेशनल कंपनी की स्थापना 2011 में बायजू रवींद्रन और दिव्या गोकुलनाथ ने की थी और इसका ऑपरेशन फ्रीमियम मॉडल के ज़रिये होता है। यह फिलहाल देश की सबसे बड़ी एड-टेक कंपनी है और देश के सबसे लोकप्रिय स्मार्टफोन और टैबलेट एजुकेशन एप्लिकेशन की क्रिएटर भी है।

चार साल के डेवलपमेंट के बाद, बायजू को 2015 में लॉन्च किया गया था और इसने कई इफेक्टिव लर्निंग प्रोग्राम की पेशकश शुरू की। इनमें से हर एक को पहली क्लास से 12वीं तक के स्टूडेंट के साथ-साथ आईआईटी-जेईई, कैट, जीमैट, जीआरई और एनईईटी सहित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले स्टूडेंट के लिए भी डिज़ाइन किया गया है। इस एप्लिकेशन के माध्यम से उपलब्ध कराई गई सर्विसेज़, स्टूडेंट्स को सिर्फ ट्रेडिशनल लर्निंग मेथड पर निर्भर करने के बजाय, अनूठे तरीकों से सीखने में मदद करती हैं।

थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड बायजू के प्रभारी मूल कंपनी के रूप में कार्य करता है।

बायजू के फाउंडर्स की पृष्ठभूमि की पृष्ठभूमि पर एक नज़र

बायजू रवींद्रन और दिव्या गोकुलनाथ ने मिलकर इस कंपनी की स्थापना की और उनकी पृष्ठभूमि पर नीचे चर्चा की गई है।

बायजू रवींद्रन

बायजू रवींद्रन का जन्म 1981 में केरल में हुआ था। बायजू की नींव रखने से पहले उन्होंने अपने गृह राज्य के एक सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री हासिल की।

2003 बायजू के लिए उल्लेखनीय मुकाम था क्योंकि उन्होंने न केवल अपने दोस्तों को कैट परीक्षा की तैयारी में मदद की बल्कि खुद भी परीक्षा दी और 100 प्रतिशत अंक हासिल किए। इसके बाद, उन्होंने मैथमेटिकल वर्कशॉप चलाना शुरू किया, जिसके लिए उन्होंने शुरू में पैसे नहीं लिए।

2009 में उन्होंने अपने वर्कशॉप की वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू की। और 2011 में उन्होंने और उनकी पत्नी दिव्या गोकुलनाथ ने बायजू की आधारशिला रखी। 2021 तक उन्हें एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर के लिए फोर्ब्स इंडिया लीडरशिप अवार्ड मिल गया।

दिव्या गोकुलनाथ

दिव्या गोकुलनाथ बायजूज की को-फाउंडर और डायरेक्टर हैं। उनका जन्म कर्नाटक के बेंगलुरु में हुआ था और उन्होंने आरवी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से बायोटेक्नोलॉजी में बी.टेक की डिग्री हासिल की।

उनके पति बायजू ने उन्हें एक शिक्षक के रूप में अपना करियर बनाने के लिए राज़ी किया और इस तरह उन्होंने 2008 में पढ़ाना शुरू किया। 2021 में उन्हें अपने पति के साथ एंट्रेप्रेन्योर ऑफ द ईयर अवार्ड से सम्मानित किया गया। फिलहाल बायजू में वह कंटेंट मैनेजमेंट, ब्रांड मार्केटिंग और यूजर्स एक्सपीरियंस का काम देखती हैं।

बायजू की यात्रा पर एक नज़र

नीचे दी गई टाइमलाइन से साफ़ होता है कि कैसे बायजू का विस्तार हुआ और साधारण सी स्टार्ट-अप से आज एड-टेक की विशाल कंपनी बन गई।

2003 - बायजू रवींद्रन ने कैट परीक्षा के लिए पढ़ाई किया, परीक्षा दी और 100 प्रतिशत अंक हासिल किए।

2005 - उन्होंने अपने दोस्तों को उसी परीक्षा के लिए कोचिंग देना शुरू किया और फिर से परीक्षा दी और फिर से 100 प्रतिशत अंक मिले। उन्होंने आईआईएम-अहमदाबाद, बैंगलोर और कलकत्ता का साक्षात्कार भी दिया और हर एक में पास हुए। धीरे-धीरे, उन्होंने और स्टूडेंट्स को पढ़ाना शुरू किया और उन्हें कैट परीक्षाओं के लिए तैयारी करने में मदद की।

2008 - उन्होंने अपने कोचिंग को औपचारिक रूप दिया और ऑफ़लाइन कैट कोचिंग शुरू की।

2009 - बायजू ने कई एंट्रेंस एग्ज़ाम के लिए वीडियो फॉर्मेट से कैट के लिए ऑनलाइन क्लास शुरू किये।

2011 - इस साल बायजू ने थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी को बनाया और रजिस्टर किया जो बायजू की मूल कंपनी है। बायजू ने ऐसे लर्निंग प्रोडक्ट बनाने शुरू किये जो आज स्मार्टफोन एप्लिकेशन के हिस्से के रूप में उपयोग किए जा रहे हैं।

2012 - बायजूस ए सीरीज़ राउंड में आरिन कैपिटल के ज़रिये नौ मिलियन अमेरीकी डॉलर जुटा सका।

2013 - आरिन कैपिटल से और एक बार नौ मिलियन अमेरीकी डॉलर जुटाया गया।

2014 - बायजू ने एक ऐसा टैबलेट लर्निंग प्रोग्राम शुरू किया, कि कक्षा 8, 9, 10, 11 और 12 के स्टूडेंट प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अध्ययन कर सकें।

2015 - बायजू का लर्निंग एप्लिकेशन लॉन्च किया गया और तीन महीने के भीतर 20 लाख से अधिक स्टूडेंट ने साइन अप किया।

2016 - इस साल बायजू ने बड़ी लीग में प्रवेश किया क्योंकि यह सिकोइया कैपिटल और सोफिना से 75 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक जुटा सका। इसे गूगल प्ले से पुरस्कार भी मिला और चान ज़करबर्ग इनिशिएटिव से भी इसने 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाए।

2017 - बायजू ने विद्यार्थ, ट्यूटरविस्टा और एडुराइट जैसे अन्य एजुकेशन प्लेटफार्मों का अधिग्रहण करना शुरू किया। इसने स्टूडेंट्स और गार्जियन्स के लिए अपनी पेशकश का विस्तार किया और इसके लर्निंग एप्लीकेशन को हार्वर्ड बिजनेस स्कूल ने केस स्टडी के रूप में शामिल किया, जिसमें यह दिखाया गया है कि बायजू जिस टेक्नोलॉजी का प्रयोग करती है वह लर्निंग को कैसे प्रभावित कर सकी।

2018 - बायजू ने यूनिकॉर्न का दर्जा हासिल किया क्योंकि इसकी वैल्यू एक बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक आंकी गई।

2019 - कंपनी भारतीय क्रिकेट टीम की आधिकारिक स्पॉन्सर बनी।

2020 - बायजू सबसे अधिक वैल्यू वाला एड-टेक स्टार्ट-अप बन गया क्योंकि इसका वैल्यूएशन अब 10.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है।

2021 - कंपनी ने आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड और स्कॉलर सहित और अधिक कंपनियों का अधिग्रहण किया।

निष्कर्ष

जैसा कि इस लेख से पता चलता है, बायजू और इसके फाउंडर्स की यात्रा लंबी लेकिन सफल रही और कंपनी ने भारी वृद्धि दर्ज़ की और इस प्रक्रिया में बहुत पुरस्कार और प्रशंसा हासिल की।  बायजू की सक्सेस स्टोरी प्रेरणादायक है और इससे वह वैल्यू ज़ाहिर होती है जो एजुकेशन प्रदान करता है।

 

डिस्क्लेमर: इस ब्लॉग का उद्देश्य है जानकारी देना, न कि इन्वेस्टमेंट के लिए कोई सलाह/टिप्स देना और न ही किसी स्टॉक को खरीदने या बेचने की सिफारिश करना।

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