साल 2021 में टेलीकॉम सेक्टर की तलाश इन्वेस्टमेंट एवेन्यू के रूप में

26 मई,2021

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2021 में दूरसंचार उद्योग में निवेश के अवसर - स्मार्ट मनी
भारतीय शेयर बाजारों में इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग से बड़ा मुनाफा हासिल हो सकता है।

भूमिका-

भारतीय शेयर बाजारों में इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग से बड़ा मुनाफा हासिल हो सकता है। इन्वेस्टर और ट्रेडर को समझ-बूझ कर, ठीक से अध्ययन कर फैसला करना चाहिए ताकि शेयर की स्थिति ठीक न रहने पर धन का नुकसान कम से कम किया जा सके। समय के साथ एक सेक्टर विशेष से दूसरे सेक्टर के स्टॉक का रुख करना लाज़िमी है। अनुमान है कि टेलिकॉम सेक्टर के लिए 2O21 महत्वपूर्ण रहने वाला है और इस खंड के शेयरों के कीमत में बढ़ोतरी की संभावना है।

टेलिकॉम सेक्टर क्या है?

यदि हम टेलिकॉम सेक्टर को ध्यान से देखें तो पता चलता है कि यह उन कंपनियों से बना है जो वैश्विक स्तर पर कम्युनिकेशन में मदद करती हैं। फोन से लेकर इंटरनेट तक कई अलग-अलग प्लेटफॉर्म ने कम्युनिकेशन के इस रूप को संभव बनाया है। वे एयरवेव, केबल, तारों का उपयोग करते हैं या वायरलेस के आधार पर काम करते हैं। इस सेक्टर के तहत आने वाली कंपनियाँ दुनिया भर में प्रसारित किए जाने वाले ऑडियो, डेटा, टेक्स्ट, वॉयस और / या वीडियो के रूप में सूचना प्रदान करने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर बनाती हैं।

टेलिकम्युनिकेशन सेक्टर में निवेश -

टेलिकॉम सेक्टर दुनिया भर में कम्युनिकेशन संभव बनाता है। कोरोनावायरस महामारी ने इस सेक्टर के महत्व को और अधिक बढ़ा दिया है। इस सेक्टर की सेवाओं का उपयोग बढ़ा है क्योंकि वे वर्चुअल कम्युनिकेशन के ज़रिये सोशल डिस्टेंसिंग में मदद करते हैं। 

निवेश के दृष्टिकोण से दूरसंचार कंपनियों के शेयर इन्कम और ग्रोथ स्टॉक दोनों लिहाज़ से मशहूर हैं। उदाहरण के लिए शेयर की कीमत सबसे अधिक बढ़ने की संभावना तब होती है जब इन्वेस्टर उन छोटी कंपनियों के शेयरों को खरीदने पर विचार करते हैं जो वायरलेस सेवा प्रदान करती हैं। यह ग्रोथ इन्वेस्टर के लिए लाभ उठाने का बेहतरीन मौक़ा होता है। दूसरी ओर इन्कम केन्द्रित इन्वेस्टर बड़ी कंपनियों के स्टॉक ढूँढ सकते हैं जो उपकरण और सेवाओं खंड में काम करते हैं।

वैल्यू इन्वेस्टर के पास टेलिकॉम सेक्टर में बड़ा मुनाफा हासिल करने का मौका है। ऐसा इसलिए है कि इस सेक्टर द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवा बेहद महत्वपूर्ण है और यह बनी रहेगी चाहे बिज़नेस साइकल कोई भी बदलाव लेकर आए। इस सेक्टर में काम करने वाली कंपनियाँ सरकारी मैंडेट द्वारा संरक्षित प्रतिस्पर्धा के दायरे में काम करने के लिए जानी जाती हैं। हालांकि, टेक्नोलॉजी के विकास या विलय और अधिग्रहण के कारण पैदा अनिश्चितता से नुकसान - और फिर संभावित सुधार हो सकता है। वैल्यू इन्वेस्टर मंदी के दौरान इन्वेस्ट कर सकते हैं बशर्ते उन्हें कंपनी के फंडामेंटल में भरोसा हो और वे सोचते हों कि जो बदलाव हुए हैं वे शेयर में तेज़ी लाने के लिए पर्याप्त हैं।

हालांकि, ऊपर बताये गए तरीके के इन्वेस्टर को इस सेक्टर के संभावित जोखिम कीपहचान करनी चाहिए। इन शेयरों में इन्वेस्ट करने से फिनांशियल मार्केट में तेज़ी से दौरान सामान्य से अधिक लाभ उठाने की उम्मीद होती है हालांकि मंदी के दौरान उन्हें बहुत अधिक नुकसान हो सकता है।

2021 में भारत की टेलिकम्यूनिकेशन इंडस्ट्री -

टेलिकम्यूनिकेशन इंडस्ट्री किसी भी देश के लिए महत्वपूर्ण है - और भारत में इसका विशेष महत्व है। यदि हम आंकड़ों पर विचार करें, तो टेलीफोन कनेक्शन के लिहाज़ से भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर है। भारत में 117.17 करोड़ (30 अक्टूबर, 2020 तक के आंकड़े) टेलीफोन कनेक्शन हैं, जिनमें से 115.17 मोबाइल कनेक्शन हैं। कहा जा रहा है कि भारतीय टेलिकम्युनिकेशन सेक्टर एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) से जुड़े मुद्दों से परेशान रहा है। लिगेसी टैक्स से जुड़े मुद्दों ने भी चुनौतियाँ पेश की है जो मुख्य रूप से रेट्रोस्पेक्टिव अमेंडमेंट से जुडी हैं जिन्हें 2012 में लागू किया गया था। 

मौजूदा सरकार ने इन मुद्दों को मान्यता दी है और इसलिए 2021-22 के बजट में 14,200 करोड़ रूपये आवंटित किए गये हैं, ताकि उन मुद्दों पर काबू पाया जा सके जो अतीत में इससे जुड़े रहे हैं। इन फंडों का उपयोग डिफेंस सेवाओं के लिए एक ऑप्टिकल फाइबर केबल-आधारित नेटवर्क को पूरा करने, नॉर्थ ईस्ट में मोबाइल सेवाओं में सुधार और देश भर की 2.2 लाख पंचायतों में ब्रॉडबैंड प्रदान करने के लिए किया जाना है।

ऐसी हर प्रस्तावित योजनाओं से उस दायरे में ऑपरेशन बेहतर होगा और इसका विस्तार होगा जिसके दायरे में दूरसंचार नेटवर्क सेवा प्रदान करते हैं। दूर-दराज़ और कटे हुए इलाके वैसे अलग-थलग नहीं रहेंगे जैसे वे फिलहाल हैं। टेलीकम्यूनिकेशन सेक्टर पर दबाव कम करने और इतनी विशाल राशि आवंटित करने से भारत की अर्थव्यवस्था में सुधार लाने में बहुत मदद मिल सकती है।

इस तरह, भारतीय टेलीकम्यूनिकेशन नेटवर्क ने खुद को कोरोवायरस वायरस की महामारी के मद्देनज़र लोगों के जीवन, काम, पढ़ाई और एक दूसरे से जुड़ने के तरीके में हुए बदलाव के मुताबिक़ खुद को ढालने में कामयाब रहे हैं। कम्युनिकेशन के उन्नत और नए तरीके प्रदान करने की क्षमता के कारण, टेलीकम्यूनिकेशन कंपनियाँ अन्य कंपनियों (हर तरह की इंडस्ट्री से जुड़ी) को वह स्टेबिलिटी प्रदान कर सकती हैं जो उनके उबरने और पनपने के लिए ज़रूरी हैं।

टेलीकम्यूनिकेशन सेक्टर के लिए सबसे अधिक जरूरी है एंटरप्राइज मार्केट पर केन्द्रित बिज़नेस मॉडल तैयार किया जाए जिन्हें एडवांस वायरलेस टेक्नोलॉजी से विशेष लाभ मिल सकता है। इन्हें थर्ड-पार्टी भागीदारों की ज़रुरत होगी जो कुछ इंडस्ट्री की विभिन्न किस्म की ज़रूरतें बेहतर तरीके से पूरा कर सकते हैं।

भारत सरकार ने देश भर में इंटरनेट की पहुंच बढ़ाने के लिए एक सार्वजनिक वायफाय अभियान शुरू किया है, जिसे पीएम वाणी कहते हैं। इस योजना के तहत, बगैर लाइसेंस वाली इकाइयाँ जैसे कि छोटे-मोटे चाय के स्टॉल और फूड स्टॉल अपने ग्राहकों को सार्वजनिक वायफाय सेवा प्रदान कर सकेंगे। आईएसपी से बैंडविड्थ मिलने पर वे यह सेवा प्रदान कर सकेंगे। देश भर में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी बढ़ाने के अलावा, यह परियोजना टेलीकम्यूनिकेशन कंपनियों की क्षमता की कमी को भी कम करेगी।

टेलीकम्यूनिकेशन सेक्टर में इन्वेस्ट करने के लिए किन चीज़ों पर विचार करना चाहिए-

इस सेक्टर के शेयर में इन्वेस्ट करने से पहले, यह महत्वपूर्ण है कि इन्वेस्टर कंपनी के कैश फ्लो पर ध्यान दे और यह भी देखे कि इसका बैलेंस शीट ठीक है। कंपनी के पैमाने को समझना भी ज़रूरी है क्योंकि किसी में अधिक सब्सक्रिप्शन से मार्जिन में बहुत सुधार होता है और मुक्त कैश फ्लो भी सुनिश्चित करता है। इन्वेस्टर को उस कंपनी के प्रतिस्पर्धात्मक लाभ और विकास क्षमता पर विचार करना चाहिए, जिसमें वे इन्वेस्ट करना चाहते हैं। इस उद्योग को प्रेरित करने वाले रुझान महत्वपूर्ण हैं और ये उसी की मांग के संकेत भी हो सकते हैं। इस इंडस्ट्री के जिन स्टॉक ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है वे आम तौर पर बाज़ार में अग्रणी हैं। इसलिए इन्वेस्टर उन कंपनियों में इन्वेस्ट करने पर विचार कर सकते हैं जो अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। इसका मतलब है कि उन्हें तय करना चाहिए कि इन कंपनियों का फिस्कल पैटर्न अच्छा हो। भारत में टेलीकम्यूनिकेशन बाज़ार में फिलहाल रिलायंस जियो और भारती एयरटेल का दबदबा है।

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