फंड ऑफ फंड्स: क्या ये आपके पोर्टफोलियो में होने चाहिए

28 मार्च,2021

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फंड ऑफ फंड्स: क्या ये आपके पोर्टफोलियो में होने चाहिए- स्मार्ट मनी
ज़रा सोचें कि जब लॉकडाउन के बाद घर से काम करने का पागलपन शुरू हुआ तो आप अपने कमरे में एक नया स्विच बोर्ड लगाना चाहते थे।

आप शायद इस काम को दो तरीके से कर सकते थे। पहला तरीका है, आपको नापना होगा कि आपको कितना तार चाहिए, आपको स्विच बोर्ड, स्विच और इन स्विच को सॉकेट से जोड़ने के लिए जिस तार की ज़रुरत है वह खरीदना होगा - शायद कुछ पेंच और चिपकाने वाला टेप और निश्चित रूप से, एक इलेक्ट्रीशियन की भी ज़रुरत होगी। लेकिन यदि 10-20-30 मीटर की ही मात्रा में उपलब्ध हों जबकि आपको चाहिए सिर्फ एक या दो मीटर ही? और स्विच और बोर्ड जैसी दूसरी चीज़ों का क्या करेंगे - क्या करेंगे यदि वे चीज़ें भी थोक में ही मिलें? इस काम को करना का एक और तरीका है- और वह है कि ये काम किसी इलेक्ट्रीशियन को आउटसोर्स कर दें - वह स्थिति का आकलन करेगा, आपके लिए सामान खरीदेगा (यदि उसके पास पहले से नहीं है तो) और अपने दम पर इंस्टॉलेशन का काम कर लेगा!

फंड ऑफ़ फंड्स को इस कहानी से आसानी से समझा जा सकता है - एक निवेशक के रूप में, आपको इक्विटी में निवेश करने में रुचि हो सकती है, और आप निवेश के लिए म्यूचुअल फंड में निवेश करना चुन सकते हैं। लेकिन कितने म्यूचुअल फंड में निवेश करना है? फंड मैनेजर कैसे हैं, क्या वे आपके फंड का ठीक से प्रबंधन कर सकते हैं? क्या आपके पास विभिन्न फंडों में निवेश करने के लिए पर्याप्त पैसा है, या आप केवल एक या दो में निवेश कर सकते हैं - या शायद तीन में भी? यहींआपकी मदद फंड ऑफ़ फंड्स करेंगे- क्योंकि फंड ऑफ़ फंड्स आपको, शुरूआती बाधा, फंड प्रबंधकों की साख और कम डाइवर्स पोर्टफोलियो के बारे में चिंता किए बगैर कई म्यूचुअल फंडों में निवेश में विविधता लाने में मदद करेगा।

कुल मिलाकर, फंड ऑफ़ फंड्स आपको कई म्युचुअल फंडों में निवेश करने में मदद करता है और वे यह सुनिश्चित करते हैं कि आपका निवेश परिसंपत्तियों और देनदारियों की जांच-परख के बाद हुआ है । इसके अलावा, यह आपको अपने पास मौजूद पूंजी से अधिक निवेश करने का मौका दे सकता है। इसका क्या मतलब है? सो, जब आप कई म्यूचुअल फंड में निवेश कर रहे होते हैं, तो आपको कई तरह की परिसंपत्तियों में निवेश करने के लिए उन सबकी न्यूनतम निवेश सीमा का ध्यान रखना होगा। एफओएफ आपको इस सीमा से छुटकारा पाने में मदद करता है, और आपके पोर्टफोलियो में विविधता ला सकता है चाहे आपके पास उतने पैसे हों या नहीं। खैर, अब तक ये अच्छा लग रहा है। तो हर कोई उनमें निवेश क्यों नहीं करता?

क्योंकि एफओएफ में कुछ कमियां भी हैं। कल्पना करें कि आप जिस फंड में निवेश करना चाहते हैं उसमें राशि पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
इस तरह, आप अपने सौ रुपये का निवेश सौ अलग-अलग फंडों में कर सकते हैं, जिनमें से हर फंड अलग-अलग सिक्योरिटी निवेश करते हैं - जैसे स्टॉक, बॉन्ड, रियल एस्टेट, मेटल कमोडिटी आदि। हालांकि, फंडों के उचित मिश्रण के बजाय, इस तरह डाइवर्स किया जाना घाटे का सौदा हो सकता है - क्योंकि आप पायेंगे कि कई फंड हैं जो एक जैसी सिक्योरिटी में निवेश कर रहे हैं। कुछ एफओएफ में ये दिक्कत हो सकती है।

इसके अलावा, एफओएफ आपके मुनाफे में सेंध लगा सकते हैं। क्यों आपको पता होगा कि म्यूचुअल फंड आपके लिए पैसे बनाने के लिए आपसे कितना शुल्क लेते हैं - यानी प्रदर्शन शुल्क और प्रबंधन शुल्क के ज़रिये। एफओएफ ऐसा ही दो स्तरों पर होता है। पहली बात कि, एफओएफ में निवेश कर, आप सारे अंतर्निहित फंडों के प्रबंधन और प्रदर्शन शुल्क का भुगतान करेंगे, और इसके अलावा, आप एफओएफ के लिए भी भुगतान करेंगे। यह आपके मुनाफे का एक बड़ा हिस्सा ले सकता है और साथ ही आपके निवेश पर जो कर लगना है वह तो लगेगा ही।

दूसरी बात, एफओएफ आपको लॉक-इन अवधि समेत बाहर निकलने से जुड़े अन्य नियमों के पालन के लिए बाध्य कर सकता है। हालांकि ऐसे उपाय कंपनी कई निकासी से बचाने के लिए किए जाते हैं, यह ऐसे समय में आपके लिए हानिकारक साबित हो सकता है जब केवल कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में ही अच्छा प्रदर्शन हो रहा हो, और अर्थव्यवस्था आम तौर पर मंदी के दौर से गुजर रही हो। यदि आपने कई फंडों में निवेश किया था, तो आप बस अपने फंड को बेच कर अपना धन उन फंडों में लगा सकते हैं जो आपके पैसे को प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों में लगा सकते हैं।

आखिरकार, एफओएफ का प्रदर्शन माइक्रो इकोनॉमिक्स से प्रभावित हो सकता है जो प्रबंधन प्रक्रिया को मज़बूती प्रदान करता है। उदाहरण के लिए, यदि फंड मैनेजरों को प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों (एसेट अंडर मैनेजमेंट) के एक हिस्से या प्रदर्शन शुल्क से हुए मुनाफे का भुगतान किया जा रहा है तो वे ऐसी रणनीति अपना सकते हैं उन्हें अधिक मुनाफा हो रहा है - जैसे, अल्पकालिक पूँजी लाभ और ट्रेडिंग फीस के लिए फंड का निवेश करना।

तो एफओएफ में किसे निवेश करना चाहिए और क्यों, यदि उनमें ये कमियाँ हैं?
निवेश के अन्य अवसरों की तरह, एफओएफ अपने ही किस्म के फायदे और नुकसान के साथ आते हैं। यह अनूठा मिश्रण एफओएफ मुनाफे के लिहाज़ से आकर्षक लगता है नहीं यह आपको तय करना है। हालांकि, एफओएफए कुछ किस्म के निवेशकों अच्छा हो सकता है। उदाहरण के लिए, 50 साल से ऊपर का एक दम्पति अपनी बचत को इक्विटी बाजार में लगाना चाहता है, और वे अगले दशक में सेवानिवृत्त होना चाहते हैं।

ऐसे निवेशक अपने निवेश पर पारंपरिक विकल्पों से बेहतर लाभ की तलाश में हैं, लेकिन अपनी जोखिम झेल पाने की क्षमता के लिहाज़ से पुरानी सोच के ही हैं तो एफओएफ उनका पसंदीदा विकल्प बन सकता है। इसके अलावा, अपने स्वयं के राष्ट्रीय सीमाओं से परे कई बाजारों में अपने फंड का पर्दाफाश करने वाले लोगों के लिए, एफओएफ निवेश प्रक्रिया को सरल बना सकते हैं और अधिक अनुभवी प्रबंधकों पर बाजार परिश्रम और पोर्टफोलियो प्रबंधन की जिम्मेदारी को स्थगित कर सकते हैं। सभी निवेश के अवसरों की तरह, एफओएफ अपने लक्ष्यों के आधार पर निवेशकों की एक विशेष प्रोफ़ाइल और उनके व्यक्तिगत निवेश से जोखिम और इनाम लेने पर निर्भर करेगा।

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