निजी क्षेत्र में एचडीएफसी बैंक लिमिटेड की ताज रत्न यात्रा

27 Jan, 2021

9 min read

886 Views

निजी क्षेत्र में एचडीएफसी बैंक लिमिटेड की ताज रत्न यात्रा - स्मार्ट मनी
25 नवंबर 2020 में एचडीएफसी बैंक 8 लाख करोड़ पूंजी अर्जित कर रिलायंस और टीसीएस के बाद तीसरे नंबर पर पहुंच गया।

 

इसमें कोई  संदेह नहीं कि एचडीएफसी बैंक मार्केट में पूंजी निवेश कर भारत का सबसे बड़ा और पसंदीदा बैंक बन चुका है।

गत वर्षों में स्टॉक के बढ़ते ग्राफ के आधार पर एचडीएफसी बैंक की वृद्धि का पता लगाया जा सकता है। तथ्यों के आधार पर एचडीएफसी बैंक के सबसे करीबी प्रतियोगी कोटक महिंद्रा बैंक को आंकने पर ज्ञात हुआ कि उसका मूल्य  3.7 लाख करोड़ रुपए है जो कि एचडीएफसी से आधे मूल्य से भी कम है।

जनवरी 2011 में इसके शेयर्स का मूल्य ₹210 था जबकि जनवरी 2021 में यह मूल्य 1488 रुपए पर पहुंच गया। पिछले 10 वर्षों में यह 600% की वृद्धि है।

इस उछाल को समझने के लिए हमें यह जानना आवश्यक है कि एचडीएफसी किस प्रकार इस स्थिति पर पहुंच गया।

स्थिरता

एचडीएफसी बैंक ने सदा अपनी रफ्तार को दूसरों से थोड़ा अधिक बनाते हुए स्थिर रखा। यही कारण है कि यह 1994 से चला आ रहा है और आज भी कायम है।

2011 से 2013 में इसके शेयर्स की कीमत 205 रुपए से  334 रुपए तक पहुंच गई। इस दौरान किसी विशेष गिरावट को नहीं देखा गया।

2010 में एचडीएफसी बैंक ने भारत के सबसे बेहतरीन बैंकों में अपनी जगह बना ली है।

आदित्य पुरी, जो कि एमडी हैं, उन्होंने हमेशा से व्यावसायिकता पर बल दिया जिससे एचडीएफसी को आज भी सफलता मिल रही है।

एचडीएफसी का लक्ष्य ऐसे ग्राहकों को आकर्षित करना है जो कि करंट अकाउंट या सेविंग अकाउंट खोलने में इच्छुक हैं।

2011 के मापदंडों के अनुसार एचडीएफसी ने अपने ग्राहकों को कुछ बेहतरीन प्रोत्साहन दिए जैसे कि प्लैटिनम कार्ड्स, फ्री इंश्योरेंस, कैशबैक्स इत्यादि।

इन गतिविधियों से एचडीएफसी अपने मध्यवर्गीय ग्राहकों को आकर्षित करने में सफल रहा और मार्केट में अपनी बड़ी भागीदारी साबित की। 2013 तक इसका मकसद अधिक से अधिक ग्राहकों को अपना खाता खोलने के लिए प्रेरित करता रहा।

एचडीएफसी ने ऐसे कॉरपोरेट हाउसेस के साथ साझा किया जिनके श्रमिकों का सैलरी खाता था।

अपनी शक्ति का लाभ उठाना

2013 के अंत तक एचडीएफसी की वृद्धि को उसके शेयर्स के द्वारा आंका जा सका। मात्र 322 रुपए से व्यापार कर एचडीएफसी शीघ्र  2014 में यह 470 रुपए के मूल्य तक पहुंच गया और 2016 के अंत तक यह 600 रुपए तक पहुंच गया।

इस दौरान एचडीएफसी की अन्य गतिविधियां भी सामने आई।

एचडीएफसी की प्राथमिकता इस बात पर नजर आईं कि निरंतर वृद्धि के बावजूद इन्होंने एनपीए को कम ही रखा।

एचडीएफसी ने अपने रिटेल ग्राहकों के साथ रिश्ते कायम रखे जिससे इसे बढ़ोतरी में मदद मिली।

कॉरपोरेट हाउसेस और निजी खाता ग्राहक के विस्तारित ऋण को उनकी आकांक्षाओं और ऋण क्षमताओ के अनुरूप ऋण दिया गया।अपने इन्ही ग्राहकों को जोखिम मुक्त ऋण देने का लाभ एचडीएफसी बैंक को हुआ। 

एचडीएफसी की ऋण प्रणाली लाल फीता शाही पर निर्धारित नहीं है। ये  लापरवाही न बरतते हुए तुरंत ऋण देते हैं।( जबकि उसके साथी येस बैंक द्वारा ऐसा नही किया जाता) लंबी अवधि वाले कॉरपोरेट ग्राहकों के साथ एक कदम आगे बढ़कर उन्हें पहले से मान्य ऋण दिया जाता है।

इन गतिविधियों से त्रुटि कम और आय अधिक होती है।

इन्ही कार्यों के अंतर्गत एचडीएफसी बेहतरीन रूप से उभर कर आया जहां उसने अपने एनपीए को कम रखते हुए अपने संसाधनों को बढ़ाया।

जोखिम प्रणाली, सतर्कता और गुणवत्ता के आधार पर इसने अपने लिए एक अलग स्थान बनाया है।

नई ऊंचाइयां

2017 के आते आते एचडीएफसी अपने प्रतियोगियों से हर क्षेत्र में आगे निकल गया। उसने तकनीकी बैंकिंग पर व्यय किया और ग्राहकों को भी आकर्षित किया।यह उन अग्रणीय कंपनियों में से था जिसने नेट बैंकिंग और निफ्टी बिलिंग की उपलब्धता अपने ग्राहकों को कराई।

2017 में एचडीएफसी, आरबीआई से जुड़ गया और भारत के उत्तम बैंकों में शुमार हो गया(DSIB)।अन्य शब्दों में, एचडीएफसी को पराजित नहीं किया जा सकता। एसबीआई और आईसीआईसीआई के बाद एचडीएफसी का स्टॉक आज 900 रुपए में बंद होता है।

तब से एचडीएफसी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और कार्य करने के तरीके के लिए कई पुरस्कार प्राप्त किए।

कोविड 19 जैसी महामारी से जो गिरावट आई, उसके बावजूद एचडीएफसी निरंतर प्रगति करता रहा। आज एचडीएफसी का स्टॉक ट्रेड 1500 रुपए पर पहुंच गया है जिससे यह सिद्ध होता है कि इसने हमेशा अपने शेयरहोल्डर्स को गुणवत्ता प्रदान की है।

निष्कर्ष

एचडीएफसी की 26 वर्षीय यात्रा के आधार पर कहा जा सकता है कि यह भारत के अग्रणीय बैंकों में से एक है जो कि वित्तीय क्षेत्र में कार्यरत लोगों को महत्वपूर्ण सीख प्रदान कर सकता है।

एचडीएफसी बैंक के कुछ मुख्य बिंदु हैं…

1. स्थिरता

एचडीएफसी बैंक की प्रणाली हमेशा से साधारण रही है।स्थिरता बनाते हुए अपने प्रतियोगियों से एक कदम रहना। इसके अंतर्गत औषध मिश्रण को भी बढ़ावा मिलता है।

2. प्रवती से हटकर कार्य

एचडीएफसी ने ये महसूस किया कि भारतीय जनसंख्या की समृद्धि आवश्यक है। उन्होंने कॉरपोरेट हाउसेस और ग्राहकों के साथ अपने रिश्ते बनाए जिससे उन्हें फायदा हुआ।

3. जोखिम प्रबंधन

यह एचडीएफसी को सबसे भिन्न बनाता है। निरंतर वृद्धि होने पर भी उसने एनपीए को कम रखा। कम जोखिम उठाते हुए विवेक के साथ निर्णय लेना उनका आधार रहा।

4. तकनीक

बढ़ती प्रतियोगिता में एचडीएफसी ने अपने ग्राहकों के लिए तकनीकी रूप से कार्य करना शुरू कर दिया। उसने ग्राहकों को बैंक से ज्यादा प्राथमिकता दी।जिससे उसकी साख बढ़ी।

How would you rate this blog?

Comments (0)

Add Comment

Related Blogs

  • icon

    मुकेश अंबानी: भारत के सबसे...

    18 Oct, 2020

    5 min read

    READ MORE
  • icon

    गौतम अडानी की सफलता की कहानी

    28 Dec, 2020

    8 min read

    READ MORE
  • icon

    इंडियामार्ट का क्यूआईपी:...

    16 Mar, 2021

    8 min read

    READ MORE
  • icon

    इन्वेस्टर से उद्यमी तक:...

    16 Jan, 2021

    8 min read

    READ MORE
  • icon

    अडाणी पोर्ट्स और इसकी...

    26 May, 2021

    8 min read

    READ MORE
  • icon

    रतन टाटा: मानवता और...

    04 Oct, 2020

    6 min read

    READ MORE
  • icon

    सॉफ्टवेयर इंजिनियर से...

    23 Mar, 2021

    8 min read

    READ MORE
  • icon

    पीवीआर- क्या वापसी की राह पर है?

    10 Mar, 2021

    8 min read

    READ MORE
  • icon

    एशियन पेंट्स: 17 साल में...

    21 May, 2021

    8 min read

    READ MORE
  • icon

    श्री सीमेंट्स: एक सबक बुद्धिमानी का

    24 Feb, 2021

    7 min read

    READ MORE
  • icon

    भारत के वैक्सीन किंग की...

    16 Jan, 2021

    8 min read

    READ MORE
  • icon

    स्मॉल-कैप के बादशाह,...

    10 Apr, 2021

    7 min read

    READ MORE
  • icon

    बाज़ार के पूर्वानुमान के...

    27 Mar, 2021

    7 min read

    READ MORE
  • icon

    टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज:...

    06 Jan, 2021

    6 min read

    READ MORE
  • icon

    फंड ऑफ फंड्स: क्या ये आपके...

    28 Mar, 2021

    7 min read

    READ MORE
  • icon

    रघुराम राजन का बिटकॉइन पर...

    08 Mar, 2021

    8 min read

    READ MORE
  • icon

    क्या आपको आईटीसी पर दांव...

    20 May, 2021

    9 min read

    READ MORE
  • icon

    राकेश जुझुनवाला: 5 हजार...

    25 Oct, 2020

    5 min read

    READ MORE
  • icon

    रिलायंस का उदय: जैसा कि...

    28 Dec, 2020

    5 min read

    READ MORE
  • icon

    मामूली क़र्ज़दाता से एशिया...

    13 Mar, 2021

    8 min read

    READ MORE
  • icon

    वॉरेन बफे: ओमाहा के ओरेकल...

    01 Nov, 2020

    5 min read

    READ MORE
  • icon

    कौन से ईवी स्टॉक उपलब्ध...

    25 May, 2021

    9 min read

    READ MORE
  • icon

    अजीम प्रेमजी: कैसे एक आदमी...

    11 Oct, 2020

    4 min read

    READ MORE

ज्ञान की शक्ति का क्रिया में अनुवाद करो। मुफ़्त खोलें* डीमैट खाता

* टी एंड सी लागू

Latest Blog

दिमागीपन! जानकारी लो

बाजार के साथ पकड़

60 सेकंड में समाचार।


किसी भी समय और कहीं भी अपनी सीखने की यात्रा शुरू करने और उसके साथ बने रहने के लिए एकदम सही स्टार्टर।

वेबसाइट देखे
smartbuzz_logo smartbuzz_promotion_img

दिमागीपन! जानकारी लो

बाजार के साथ पकड़

60 सेकंड में समाचार।

smartbuzz_logo

किसी भी समय और कहीं भी अपनी सीखने की यात्रा शुरू करने और उसके साथ बने रहने के लिए एकदम सही स्टार्टर।

smartbuzz_promotion_img

के साथ व्यापार करने के लिए तैयार?

angleone_itrade_img

#स्मार्टसौदा न्यूज़लेटर की सदस्यता लें

Open an account