इंडियन रेलवेज़ ने साझा किया क्वार्टरली रिजल्ट - आईआरसीटीसी शेयर न्यूज़

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01 अक्टूबर,2021

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इंडियन रेलवेज़ कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) इंडियन रेलवेज़ की सहायक कंपनी है।

आईआरसीटीसी दुनिया के सबसे बड़े रेलवे नेटवर्क - इंडियन रेलवेज़ के लिए केटरिंग, टूरिज्म और टिकटिंग जैसी सर्विसेज़ प्रदान करती है। जाहिर है, आईआरसीटीसी स्टॉक की बहुत डिमांड है - पीएसयू स्टॉक होने का आकर्षण तो है ही, इसके साथ ही रेलवे टिकटों की बुकिंग पर इसका एकाधिकार है।

हालांकि, किसी भी दूसरे इन्वेस्टमेंट की तरह, आईआरसीटीसी स्टॉक को भी बुनियादी बातों का सावधानी से मूल्यांकन, इसके हालिया परफॉरमेंस के विश्लेषण और कीमत घटने या बढ़ने के पैटर्न को देखने की ज़रुरत होती है। सही फैसला करने के लिए, इन्वेस्टर को आईआरसीटीसी से जुड़ी ताज़ा ख़बरों और भविष्य में स्टॉक की कीमत पर इसके असर पर भी ध्यान देना चाहिए। आईआरसीटीसी के शेयर हाल ही में चर्चा में क्यों हैं:

स्टॉक स्प्लिट

आईआरसीटीसी ने 13 अगस्त को स्टॉक स्प्लिट की घोषणा की। स्टॉक स्प्लिट एक कॉर्पोरेट एक्शन है जिसके तहत कंपनी लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए अपने हर शेयर को कई हिस्सों में बांटती है। आईआरसीटीसी के फैसले के मुताबिक, स्टॉक स्प्लिट 1:5 के रेशियो में किया जाएगा। इसका मतलब है कि 10 रुपये के अंकित मूल्य का हर इक्विटी शेयर अब 2 रुपये मूल्य के पांच शेयर में बदल जाएगा। इस फैसला के बारे में अभी रेल मंत्रालय और अन्य संबंधित शेयरधारकों से मंजूरी लेना बाकी है।

पीएसयू ने यह भी कहा कि अपने स्टॉक को विभाजित करने का फैसला फिनांस मिनिस्ट्री के डिपार्टमेंट ऑफ़ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (दीपम) द्वारा घोषित कैपिटल रिस्ट्रक्चरिंग गाइडलाइन्स के अनुपालन दायित्व के तहत किया गया। 2017 में, दीपम ने घोषणा की थी कि सभी सरकारी कंपनियों को कैपिटल रिस्ट्रक्चरिंग गाइडलाइन्स का पालन करना होगा ताकि सरकार के इन्वेस्टमेंट से अधिकाधिक मुनाफा हो सके।

इसका क्या मतलब है?

जैसा कि पहले बताया गया है, स्टॉक स्प्लिट के लक्ष्य होता है कंपनी के स्टॉक की लिक्विडिटी में सुधार करना। लिक्विडिटी से मतलब उस स्टॉक की मात्रा से है जिसका बाजार में कारोबार किया जा रहा है। आईआरसीटीसी के मामले में, कंपनी ने छोटे इन्वेस्टरों को भी शेयर खरीदने की अनुमति देकर लिक्विडिटी बढ़ाने का फैसला किया है।

स्टॉक स्प्लिट आईआरसीटीसी स्टॉक को खुदरा इन्वेस्टरों के लिए अधिक सुलभ बना देगा जो तादाद में कुल मार्केट पार्टिसिपेंट के 45 प्रतिशत के बराबर हैं। फिलहाल आईआरसीटीसी के पास 10 रुपये के 25,00,00,000 शेयर हैं। स्प्लिट के बादकुल शेयरों की संख्या बढ़कर 125,00,00,000 शेयर हो जाएगी जिनकी फेस वैल्यू 2 रुपये होगी।

हालांकि, शेयरों की संख्या डायल्यूट करने से कंपनी का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन प्रभावित नहीं होगा। स्टॉक स्प्लिट के साथ, कंपनी के महंगे शेयर सस्ते हो जाते हैं। इससे लिक्विडिटी बढ़ती है, जिससे शेयरधारकों के लिए शेयर खरीदना-बेचना आसान हो जाता है। हालांकि स्टॉक स्प्लिट से सीधे शेयरों की कीमत में बदलाव नहीं होता है, इस तरह की घोषणा से इन्वेस्टर की स्टॉक खरीदने में रुचि हो सकती है। ऐसा असर अक्सर अस्थायी होता है।

स्टॉक स्प्लिट की घोषणा के बाद आईआरसीटीसी के शेयर की कीमत 2,668 रुपये के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया। यह कीमत 320 रुपये प्रति शेयर के आईपीओ मूल्य से 734% अधिक है। हालाँकि, यह तेज़ी बरकरार नहीं रह सकती है - आंशिक रूप से इसलिए कि इस घोषणा को फिनांस मिनिस्ट्री अनुमोदन मिलना बाकी है। दरअसल, प्रॉफिट बुकिंग के कारण शेयर 2 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,635.85 रुपये के न्यूनतम इंट्राडे स्तर पर आ गया।

क्वार्टरली रिजल्ट और आईआरसीटीसी का ट्रैक रिकॉर्ड

जून 2021 को समाप्त तिमाही के दौरान कंपनी के रिजल्ट के साथ आईआरसीटीसी के स्टॉक की खबर जारी की गई थी। कंपनी ने 82 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही के दौरान 24 करोड़ रुपये नेट लॉस दर्ज हुआ था। ऑपरेशंस से आईआरसीटीसी के रेवेन्यू में पिछले साल के इसी क्वार्टर के मुकाबले 85 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज़ हुई। जून 2020 में यह 131 करोड़ रुपये था, लेकिन जून 2021 में यह बढ़कर 243 करोड़ रुपये हो गया।

आईआरसीटीसी टिकटिंग, ट्रेवल एवं टूरिज्म, केटरिंग और ड्रिंकिंग वॉटर जैसे चार खंडों में काम करती है। कंपनी का इन खंडों में लगभग एकाधिकार है क्योंकि यह टिकट बुकिंग के लिए पसंदीदा स्थान है, और इसका रेल नीर बेहद लोकप्रिय है और रेलवे स्टेशनों पर होने वाले पानी के बोतलों के कारोबार में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी इसकी है। अपने कैटरिंग डिवीजन में, आईआरसीटीसी ने इक्सिगो और मोबिक्विक जैसे निजी टेक प्लेटफॉर्म के साथ साझेदारी की है।

आईआरसीटीसी मोनोपॉली मार्केट में करती है, यह फैक्टर कई इन्वेस्टरों के लिए आकर्षक है। बिजनेस-टू-कस्टमर (बी2सी) वेंचर के तौर पर इसका कैश फ्लो मजबूत है। आईआरसीटीसी के स्टॉक स्प्लिट की खबर पर इन्वेस्टरों की प्रतिक्रिया अच्छी रही क्योंकि इससे इसके स्टॉक प्राइस में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई थी। इसके अलावा, कोविड-19 महामारी के कारण लगाए गए प्रतिबंधों में ढील दी जा रही है, ऐसे में कुछ डेवलपमेंट आईआरसीटीसी स्टॉक के बेहतर परफॉरमेंस का संकेत दे रहे हैं।

ट्रेनों में ई-केटरिंग सर्विसेज़ फिर से शुरू कर दी गई हैं। अगस्त की शुरुआत में, मुंबई लोकल ट्रेनों को पूरी तरह से वैक्सीनेटेड पैसेंजर के लिए खोले जाने की घोषणा के बाद स्टॉक में तेजी आई। इसके अलावा, रेलवे के बुनियादी ढांचे पर व्यय बढ़ने से भी आईआरसीटीसी के शेयर चढ़ रहे हैं। इंडियन रेलवेज़ में और अपेक्षाकृत अधिक निजी ट्रेनों की शुरूआत से कंपनी के लिए राजस्व के अतिरिक्त स्रोत भी खुलेंगे।

निष्कर्ष

छोटे इन्वेस्टरों के लिए आईआरसीटीसी का शेयर स्प्लिट और शेयर के बारे में दूसरी पॉजिटिव खबरें उत्साहजनक होनी चाहिए। स्टॉक स्प्लिट कंपनी के मूल्यांकन को प्रभावित नहीं करेगा, और छोटे इन्वेस्टर्स ज़ोरदार तेज़ी की संभावनाओं बाले एक भरोसेमंद सरकारी पीएसयू के शेयर खरीद सकेंगे। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि छोटे इन्वेस्टर ये शेयर अभी खरीदें क्योंकि उम्मीद है कि आने वाले कुछ सालों में होने वाले शेयर स्प्लिट से पहले इसकी कीमत इसी उच्च स्तर पर पहुँच जाएगी।

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