आईआरसीटीसी स्टॉक और शेयर स्प्लिट

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16 दिसम्बर,2021

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स्टॉक स्प्लिट के लिए एक शुरुआती इन्वेस्टर्स गाइड, सुर्ख़ियों में आया आईआरसीटीसी स्टॉक स्प्लिट और स्टॉक प्राइस में भारी बढ़ोतरी और गिरावट।

ऑफिस में किसी के जन्मदिन की या ऐसे अवसरों की मिठाई या पेस्ट्री मिलती है, तो आप आमतौर पर खुद खाते हैं। हालाँकि, जब आपको ग्राहकों और सहयोगियों से दिवाली में मिठाई का डब्बा या नए साल के लिए एक पूरा केक मिलता है, तो आप आमतौर पर ये अपने परिवार या साथी या प्रियजनों के साथ बांटते हैं।

शौकिया इन्वेस्टर के लिए सिनॉप्सिस / वास्तव में क्या हुआ इसका एक छोटा सा गाइड: आईआरसीटीसी स्टॉक स्प्लिट क्या है और यह कैसा रहा?

ऐसा ही कुछ आईआरसीटीसी स्टॉक स्प्लिट के मामले में भी हुआ। इस साल अक्टूबर के मध्य में शेयर की प्राइस 1200 रुपये से अधिक के बेहतरीन स्तर पर पहुंच गई। इस स्तर पर, आईआरसीटीसी ने लिक्विडिटी बढ़ाने और स्टॉक की प्राइस को कम करने के लिए स्टॉक स्प्लिट का फैसला किया, ताकि ज़्यादा शेयरहोल्डर्स के लिए शेयर खरीदना आसान हो जाए।

जैसे मिठाई का एक पूरा डब्बा अकेले ख़त्म करना अपने-आप में चुनौती है (शायद आपके स्वाद के लिए नहीं, लेकिन निश्चित रूप से आपके इंसुलिन के स्तर के लिए)। उसी तरह 1200 रुपये से अधिक की प्राइस वाला आईआरसीटीसी का एक शेयर चुनौती हो सकता है क्योंकि बहुत सारे संभावित खरीदारों को यह बहुत महंगा लग सकता है, खासकर इसलिए कि शेयर लॉट में खरीदे जाते हैं। इस बीच, आईआरसीटीसी स्टॉक स्प्लिट का उद्देश्य था हर शेयरकी कीमत को 1:5 के रेशियों में स्प्लिट करना। इस बीच जो हुआ वह थोड़ा अभूतपूर्व था, हालांकि, घोषणा के बाद शेयर की प्राइसें लगभग 150 प्रतिशत बढ़ी और 6,000 रुपये से अधिक के स्तर पर पहुंच गईं। बेशक, यह संभवत: अचानक आई तेज़ी थी और आईआरसीटीसी स्टॉक स्प्लिट की तारीख 29 अक्टूबर के बाद से प्राइस काफी हद तक तर्कसंगत स्तर पर आ गई है। इस लेख को लिखने तक शेयर की प्राइस 850 रुपये से थोड़ी अधिक थी।

स्टॉक स्प्लिट क्या है:

स्टॉक स्प्लिट कंपनी द्वारा तय किए गए शेयरों की संख्या को स्प्लिट करता है। यदि आपके पास 100 शेयर हैं और कंपनी 1:5 का स्प्लिट करती है, जैसा कि आईआरसीटीसी ने किया था, तो आपके पास 500 शेयर होंगे। हर शेयर की व्यक्तिगत प्राइस कम हो सकती है, लेकिन इन्वेस्टमेंट की वैल्यू नहीं बदलेगी।

कंपनी आमतौर पर रिकॉर्ड डेट के रूप में जानी जाने वाली तारीख जिस दिन वास्तविक स्प्लिट होता है, उससे कुछ दिन या सप्ताह पहले शेयर स्प्लिट की घोषणा करती है।

आईआरसीटीसी के मामले में, घोषणा 3 जुलाई, 2021 को की गई थी और रिकॉर्ड डेट 29 अक्टूबर, 2021 था। इस तीन महीने की अवधि ने बाजार को पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर जाने और स्टॉक की प्राइस को खूब ऊपर जाने का पर्याप्त समय दिया।

सबसे बड़े लूज़र्स और विनर्स:

बेशक, यह उन शेयरधारकों के लिए बहुत अच्छा है, जिनके पास पहले से ही स्टॉक है, जिन्होंने बहुत कम समय में अपने लक्ष्य मूल्य से बहुत अधिक मुनाफा कमा लिया होगा।

इसी तरह जिन इन्वेस्टर्स ने आईआरसीटीसी स्टॉक स्प्लिट की घोषणा के बाद अपट्रेंड की शुरुआत में शेयर खरीदे और आईआरसीटीसी स्टॉक स्प्लिट की डेट के बाद प्राइस के सामान्य होने से पहले बेच दिया, उन्होंने अपनी खरीद के स्तर के मुताबिक बढ़िया मुनाफा कमाया होगा।

जिन इन्वेस्टर्स ने लालच के चरम के दौरान बेवजह शेयर रखा होगा, वे सामान्य से अधिक मुनाफा कमाने से चूक गए होंगे क्योंकि अब जब सारा जोश ठंढा हो गया है तो लगभग कोई भी बाजार विशेषज्ञ यह नहीं सोचता है कि स्टॉक की प्राइस ऐसे स्तर पर पहुंचेगी जिस पर आईआरसीटीसी स्टॉक स्प्लिट डेट से पहले पहुंची थी।

यह ध्यान रखना दिलचस्प हो सकता है कि जुलाई से सितंबर की अवधि के दौरान इन्वेस्टर्स की विभिन्न श्रेणियों व्यवहार कैसा रहा:

  • एएमसी ने अपनी होल्डिंग घटाई
  • विदेशी पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स ने भी अपनी होल्डिंग घटाई
  • व्यक्तिगत इन्वेस्टर्स ने अपनी होल्डिंग बढ़ाई
  • खुदरा इन्वेस्टर्स ने अपनी होल्डिंग में भारी बढ़ोतरी की

इस घटनाक्रम से कोई सीख लेनी चाहिए?

क्या आप विचारशील इन्वेस्टर हैं और यह सोच रहे हैं, "स्टॉक की प्राइस छप्पर फाड़ कर क्यों बढ़ीं और फिर इतनी बुरी तरह गिर क्यों गईं?"

यदि आप ऐसे हैं, तो आप सही रास्ते पर हैं क्योंकि आप मिस्टर मार्केट की प्रकृति को समझने की कोशिश कर रहे हैं। इन्वेस्टिंग के जनक बेंजामिन ग्राहम (और वॉरेन बफे के मेंटर) शेयर बाजार को मिस्टर मार्केट कहते थे। ग्राहम ने हमेशा कहा कि बाजार बहुत भावनात्मक रूप से व्यवहार करता है। उन्होंने कहा कि स्टॉक की प्राइस स्टॉक के वास्तविक मूल्य के बारे में कुछ ख़ास नहीं कहते और वे डरे हुए या लालची इन्वेस्टर्स और अनगिनत अन्य ताकतें इन्हें चढ़ाती और गिराती हैं। उन्होंने कहा कि इन्वेस्टर्स को स्टॉक के वास्तविक मूल्य को तय करने के लिए वित्तीय डेटा और कुछ मेट्रिक्स का उपयोग करना चाहिए - जैसे प्राइस के मुकाबले अर्निंग रेशियो, प्राइस के मुकाबले सेल्स का रेशियो और प्राइस के मुकाबले बुक रेशियो।

ऐसा लगता है कि यहां इन्वेस्टर्स ने ऐसा नहीं किया। इसके बजाय, शोर-शराबे से प्रभावित होकर इन्वेस्टर्स ने जाहिर तौर पर प्राइस बढ़ने की उम्मीद में शेयर खरीदे और खूब खरीदे। कुछ ने शायद तर्क का भी इस्तेमाल किया और इस निष्कर्ष पर पहुंचे होंगे कि आईआरसीटीसी अच्छा इन्वेस्टमेंट होगा इसलिए कि भारतीय रेलवे का कारोबार अच्छा है। हो सकता है कि वे गलत न हों लेकिन वे एक बुनियादी सवाल पूछना भूल गए: अच्छी एंट्री प्राइस क्या है?

तो यहां यह सीखा जा सकता है कि हमेशा वैल्यू इन्वेस्टमेंट मेथड से स्टॉक का मूल्यांकन करें। शुरुआत के तौर पर वैल्यू मेट्रिक्स - जैसे पीई रेशियो का उपयोग करना सीखें। इससे आपको पाता चलेगा कि स्टॉक की प्राइस कैसी है इसकी वास्तविक अर्निंग की तुलना में। यदि अर्निंग प्राइस से अधिक है, तो वैल्यू इन्वेस्टर्स आमतौर पर स्टॉक को होल्ड करते हैं या अन्य फैक्टर अनुकूल होने पर खरीदना चुन सकते हैं। वैकल्पिक रूप से, स्टॉक की प्राइस अर्निंग से अधिक होती है, प्राइस को वैल्यू इन्वेस्टर्स की मदद से चढ़ा हुआ माना जाता है। वे आमतौर पर भविष्यवाणी करते हैं कि प्राइस में जल्द ही करेक्शन (या प्राइस में गिरावट) होना है और आमतौर पर वे जल्दी ही - या जैसे ही - डाउनट्रेंड शुरू होता है, बेच देते हैं।

बेशक, जिन इन्वेस्टर्स ने पीक पर बेचा उन्होंने अपने पत्ते ठीक से खेले।

निष्कर्ष:

वैल्यू इन्वेस्टमेंट और ठीक से रिसर्च करने से आप प्रचार, भय और लालच से बच सकते हैं। अमूमन इन्हीं वजहों से शेयर खरीदने, होल्ड करने और बेचने के दौरान गलत फैसले लिए जाते हैं।

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