आईपीएल नीलामी से फाइनेंसियल प्लानिंग के सबक

19 मार्च,2021

8

1077

आईपीएल नीलामी से फाइनेंसियल प्लानिंग के सबक - स्मार्ट मनी
क्रिकेट और फाइनांस - भारत में क्रिकेट पर सट्टेबाज़ी का जो इतिहास रहा है और जिस तरह क्रिकेट के दीवाने अपने स्क्रीन पर क्रिकेट की हर चाल पर नज़र रखते हैं, ऐसे में ये बात एकदम एक-दूसरे के विपरीत लगती है ।

दरअसल, बल्लेबाजों के बाउंडरी हिट करने और गेंदबाजों के स्टंप बेल उड़ाने की संभावना से भारत के काले बाजार में बड़ी रकम आई है - और सट्टेबाजों को लगता है ये रैंडमनेस का चरम रूप है जो उनके सट्टे को बना या बिगाड़ सकता है। 

लेकिन आईपीएल सट्टेबाजी और क्रिकेट को नए स्तर पर ले गया - 136 करोड़ से अधिक लोगों की आँखें न केवल क्रिकेट के खेल पर टिकी रहती है, बल्कि इससे पहले हुई नीलामी पर भी। क्या टीम के मालिक उसी समय हार जाते हैं जब वे नीलामी के समय गलत कदम उठाते हैं? डाटा साइंटिस्ट का जवाब होगा हाँ, जबकि सच्चे क्रिकेट प्रशंसक असहमत हो सकते हैं - आखिरकार, यदि आपको टीम के कम्पोजीशन से ही हार-जीत का पता चल जाता है , तो मैच देखने का क्या मतलब है?

क्या मुम्बई इंडियंस ने मुकेश अंबानी के टीम के कम्पोजीशन के बारे में व्यावसायिक फैसले से जीत हासिल की या प्रमुख खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन के कारण, आपके पोर्टफोलियो को नफ़ा-नुकसान इस आधार पर होगा कि आप सट्टा कैसे लगाते हैं - और पोर्टफोलियो में शामिल बड़े नाम अंततः कारगर होंगे या नहीं। आईपीएल की नीलामी और शेयर बाजार में उससे ज़्यादा समानता है जितना आप सोच सकते हैं - ऐसा क्यों है, हम आपसे आग्रह करते हैं कि आप फाइनेंसियल प्लानिंग पर इन तीन सबक को पढ़ें और देखें कि आप 2021 की आईपीएल नीलामी से क्या सीख सकते हैं। 

  1. बाज़ार की इकाइयां तर्कसंगत नहीं हैं - इसे बाज़ार में अपने दांव का फैसला न करने दें

हमें पक्का पता है कि आप इस बात को समझते हैं कि बाजार तर्कसंगत नहीं हैं। लेकिन कभी-कभी, हम अक्सर मीडिया चैनलों के ज़रिये पहुँचने वाले शोर में गुम जाते हैं, और कभी-कभी, छोटे-छोटे बुलबुलों से प्रभावित हो जाते हैं जो बेकार एसेट की कीमत बढ़ा देते हैं। ग्लेन मैक्सवेल का उदाहरण लें, जो इस सीजन में 14 करोड़ रूपये से अधिक में बिके, और क्रिस मॉरिस, जिन्हें 16 करोड़ रूपये से अधिक कीमत मिली। क्रिस मॉरिस ने पिछले सीज़न में महज 34 रन बनाए, और 11 विकेट किए - और फिर भी, इस साल की नीलामी से पता चलता है कि राजस्थान रॉयल्स क्रिस को कमाल का क्रिकेटर मानता है। या कम से कम, आरआर के मनोज बडाले और लैकलन मर्डोक - और उनकी बोली की रणनीति इसे पूरी तरह स्पष्ट करती है। 

शेयर बाज़ार में अक्सर ऊंचे दाम पर कारोबार के साथ कम मुनाफ़ा देने वाली कंपनियां दिखती हैं। सबसे अधिक मुनाफा दर्ज़ करने वालों की सूची को अपनी खरीद का फैसला न करने दें, क्योंकि बाजारों से बेहतरीन चुनने का मतलब है कि आपकी रणनीति बाजार के आधे से अधिक लोगों की तुलना में बेहतर होनी चाहिए। और सबसे महत्वपूर्ण बात है, अधिक उतर-चढ़ाव वाले एसेट की खरीद-बिक्री सावधानी से करें, क्योंकि अगले कुछ कारोबारी सत्रों में उनमें भारी गिरावट हो सकती है। क्या आपको लगता है कि क्रिस मॉरिस पर आरआर का दांव मुनाफे वाला साबित होगा, या आने वाले सीज़न में उन्हें नुकसान होगा? यह जानने के लिए यह आईपीएल सीज़न देखें!

  1. अच्छे मौके अक्सर ग्लैमर और मीडिया की चकाचौंध से दूर होते हैं।

एसएंडपी 500 में कितनी बार हमने कितनी बार फ़ांग में तेज़ी के बारे में सुना है? इससे हमारा मतलब - फेसबुक, ऐपल, नेटफ्लिक्स और गूगल - और दीर्घकालिक निवेश के तौर पर मुनाफे के लिहाज़ से उनमें बढ़त से है। अब, यदि कोई आपसे पूछे कि आपको 2009 में पीवीआर लिमिटेड (भारतीय मनोरंजन कंपनी) या गूगल खरीदना हो और 2020 तक रखना हो, तो आप किसे चुनेंगे? इस बात का जवाब मिलने तक हम कुछ और बात कर लें। 

इस साल, डेविड मलान को पंजाब किंग्स को बेचा गया और आईपीएल नीलामी में उन्हें महज़ 1.5 करोड़ की मामूली कीमत मिली। जबकि उनका आईसीसी टी20 का औसत उनकी प्रतिभा बयां करता है -इस फॉर्मेट में 50 से अधिक रन का आंकड़ा शायद ही दीखता है, लेकिन सामान्य रूप से टी20 फॉर्मेट में पावरहाउस भी है - 149 रन से अधिक के स्ट्राइक रेट के साथ।

आईसीसी टी20 अंतर्राष्ट्रीय बल्लेबाजों की रैंकिंग में डेविड शीर्ष पर हैं। लेकिन क्या आईपीएल नीलामी खिलाड़ियों के प्रोफाइल के प्रदर्शन के आंकड़ों को ज़ाहिर करती है? शायद नहीं। और एसेट की कीमत और टेक्निकल इंडिकेटर इसी तरह एक दूसरे से जुड़े हैं - ज़रा कल्पना करें कि आईसीसी रैंकिंग किसी एसेट का टेक्निकल इंडिकेटर है, और नीलामी की कीमत एक्सचेंज में एसेट का बाजार मूल्य है - और इस सीज़न में जब आईपीएल नीलामी देखें तो इस रूपक को भूलें नहीं। 

  1. प्रचार को खुद पर हावी न होने दें

आपको पता है कि महीने भर में, बिटकॉइन की कीमत 35000 डॉलर से 56000 डॉलर हो गई - और यह 60 प्रतिशत से अधिक की भारी-भरकम वृद्धि महज़ चार हफ़्तों में हुई। क्या आपको इस तेज़ी के बाद बिटकॉइन में निवेश करना चाहिए, या क्या यह एक और बुलबुला भर है जो एक बार फिर से इकॉनमीज़ ऑफ़ स्केल पर ध्यान केंद्रित होने पर फूटने के इंतज़ार में है? यही बात है जिसके लिए हम इस सीज़न की नीलामी से मिले सबक पर भरोसा कर रहे हैं। 

चेतेश्वर पुजारा, जो मूल रूप से 2018-19 में भारत-ऑस्ट्रेलिया श्रृंखला के स्टार खिलाड़ी थे, उन्हें काफी समय तक किसी ने पूछा भी नहीं और फिर सीएसके ने उन्हें 50 लाख की न्यूनतम कीमत पर खरीदा। 

पहले जब उनके लिए बोली नहीं लगी थी तो चेतेश्वर ने आश्वस्ति भरा जवाब दिया था - उन्होंने इस बात की ओर इशारा किया कि हाशिम अमला, जो एक बेहतरीन क्रिकेटर हैं, उन्हें भी एक सीजन में नहीं खरीदा गया था, और यह भी कहा कि आईपीएल नीलामी है ही मुसीबत का नाम। जब आप बिटकॉइन और इस तरह के अन्य जोखिम भरे निवेश की ओर आकर्षित होते हैं, तो चेतेश्वर की तरह शांत रहें, और प्रचार को खुद पर हावी न होने दें। 

तो आपका क्या विचार है इस सीजन की नीलामी से फाइनेंसियल प्लानिंग के सबक के बारे में , और क्या आपको लगता है कि आरआर और आरसीबी की जो बेतरतीब बोली है वह उन्हें इस सीज़न में सेमीफाइनल में जगह दिला पाएगी? ये तो वक्त ही बताएगा। लेकिन रुकिए, फाइनेंसियल प्लानिंग के इन सबक को इस सीज़न की मस्ती और खेल के आड़े न आने दें। यदि आप फाइनेंसियल प्लानिंग के बारे में और अधिक जानना चाहते हैं तो www.angelbroking.com पर लॉग इन करें। तब तक हमें उम्मीद है कि आप वर्क फ्रॉम होम और लॉकडाउन के बाद आप क्रिकेट का आनंद उठा सकेंगे!

आप इस अध्याय का मूल्यांकन कैसे करेंगे?

टिप्पणियाँ (0)

एक टिप्पणी जोड़े

संबंधित ब्लॉग

ज्ञान की शक्ति का क्रिया में अनुवाद करो। मुफ़्त खोलें* डीमैट खाता

* टी एंड सी लागू

नवीनतम ब्लॉग

के साथ व्यापार करने के लिए तैयार?

angleone_itrade_img angleone_itrade_img

#स्मार्टसौदा न्यूज़लेटर की सदस्यता लें

Open an account