मार्क जुकरबर्ग की सफलता की कहानी: फेसबुक के संस्थापक

26 मई,2022

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मार्क ज़ुकरबर्ग की कहानी को समझें और देखें कि कैसे मेटा (जो पहले फेसबुक के नाम से जाना जाता था) पिछले कुछ वर्षों में बदल गया है।

मार्क ज़ुकरबर्ग - फेसबुक के पीछे का चेहरा

अगर आपने कभी सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया है, तो अवश्य ही फेसबुक के बारे में सुना होगा। जो व्यक्ति 2004 में मेटा (जो पहले फेसबुक के नाम से जाना जाता था) का को- फाउंडर बना, वो है मार्क ज़ुकरबर्ग। उन्होंने स्वयं कंप्यूटर प्रोग्रामिंग सीखी और अब वे इस टेक दिग्गज के सीईओ के रूप में कार्य करते हैं। 2020 की तीसरी तिमाही में, सोशल मीडिया की इस दिग्गज कंपनी ने सूचना दी की इसके 2.74 बिलियन मासिक एक्टिव यूज़र्स हैं। दिसंबर 2020 में मार्क ज़ुकरबर्ग की कुल संपत्ति 100 बिलियन अमरीकी डॉलर थी।

प्रारंभिक वर्ष

मार्क ज़ुकरबर्ग का जन्म 14 मई 1984 को व्हाइट प्लेन्स, न्यूयॉर्क में हुआ था। कम उम्र से ही, उन्होंने कंप्यूटर के प्रति अपनी रुचि दिखानी शुरू कर दी थी। उन्होंने घर के नज़दीक एक कॉलेज में बेसिक प्रोग्रामिंग भाषा सीखी और 12 साल की उम्र में उन्होंने एक इंस्टेंट मैसेजिंग एप्लिकेशन बनाया जिसे उनके पिता ने अपने कार्यालय में नियोजित किया था।

ज़ुकरबर्ग ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय में दाखिला लिया, लेकिन अपने दूसरे वर्ष में पढ़ाई छोड़ दी क्योंकि उन्होंने इसकी जगह फेसबुक के विकास पर काम करना चुना। फेसबुक उनके द्वारा बनाए गए दो पिछले प्लेटफार्मों से विकसित हुआ जो क्रमशः फेसमैश और हार्वर्डकनेक्शन डॉट कॉम थे। फेसमैश ने एक वेबसाइट के रूप में कार्य किया, जो हार्वर्ड के छात्रों को उनके आकर्षण के अनुसार रैंक करती थी, जबकि हार्वर्डकनेक्शन डॉट कॉम ने सोशल नेटवर्किंग के लिए एक ऑनलाइन प्लेटफार्म के रूप में कार्य किया।

2004 में हार्वर्डकनेक्शन डॉट कॉम यानी कैमरन और टायलर विंकलेवोस और दिव्य नरेंद्र के क्रेडिटेड फाउंडर्स द्वारा ज़ुकरबर्ग पर मुकदमा दायर किया गया क्योंकि उन्हें लगा कि उन्होंने उनकी वेबसाइट से इंटेलेक्चुअल प्रॉपटी चुरा ली है। 2008 में मल्टी-मिलियन-डॉलर के निपटान के लिए कैश के साथ-साथ स्टॉक ऑप्शंस में भुगतान किए गए। विंकलेवोस ट्विंस ने 2011 में इस मुकदमे को फिर से शुरू करने की मांग की, लेकिन अदालतों ने उनकी मांग ठुकरा दी।

फेसबुक आईपीओ की खोज

2005 के मध्य में फेसबुक ने वेंचर कैपिटल के माध्यम से 12.7 मिलियन अमरीकी डॉलर जुटाए| उन्होंने इन फंडों का उपयोग कई सौ विश्वविद्यालयों और उच्च विद्यालयों को कवर करके अपनी पहुंच का विस्तार करने के लिए किया।

2006 तक कंपनी को आम जनता के लिए खोल दिया गया और याहू! ने इसे एक अरब डॉलर में खरीदने का प्रस्ताव रखा। इस बोली को मार्क ज़ुकरबर्ग ने तुरंत खारिज कर दिया था।

2012 में तेज़ी से आगे बढ़ते हुए जब फेसबुक ने अपना आईपीओ लॉन्च किया जो अब तक का सबसे सफल इंटरनेट आईपीओ बना और इसने 16 बिलियन अमरीकी डॉलर जुटाए। यह ज़ुकरबर्ग और फेसबुक के लिए एक यादगार वर्ष था क्योंकि कंपनी ने इंस्टाग्राम को एक्वायर कर लिया था और आईपीओ के बाज़ार में आने के एक दिन बाद ज़ुकरबर्ग ने अपनी पत्नी से शादी कर ली थी|

दिसंबर 2015 में, ज़ुकरबर्ग और उनकी पत्नी प्रिसिला चान ने अपनी बेटी मैक्स को संबोधित करते हुए एक सार्वजनिक पत्र प्रकाशित किया। यहां उन्होंने स्पष्ट किया कि चान ज़ुकरबर्ग पहल के इरादे क्या होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानव क्षमता को आगे बढ़ाने और अगली पीढ़ी के बच्चों के लिए समान अवसर को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा| जिन क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा, उनमें मज़बूत समुदायों का निर्माण, लोगों को आपस में जोड़ना, बीमारी का इलाज करना, व्यक्तिगत शिक्षा प्रदान करना और कई अन्य लक्ष्य शामिल हैं। इस पत्र के ज़रिए उन्होंने अपनी इच्छा व्यक्त की कि वे अपने जीवन के दौरान फेसबुक शेयरों का 99 प्रतिशत जिनकी वैल्यू तब 45 बिलियन अमरीकी डॉलर थी इस मिशन को आगे बढ़ाने के लिए देंगे|

मेटा पर कैम्ब्रिज एनालिटिका के साथ का लगा आरोप

लंबे समय से, बल्कि शायद शुरुआत से ही, मेटा पर अपने यूज़र्स का व्यक्तिगत डेटा, पोस्ट और इंस्टेंट मैसेज इकट्ठा करने और बेचने का आरोप लगाया गया। 2016 में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों के तुरंत बाद ये आरोप बढ़ गए| कुछ आरोप लगाने वालों का मानना था कि कंपनी ने टारगेट विज्ञापनों को प्रदर्शित किया जिनके ज़रिये अमेरिकी मतदाताओं को प्रभावित किया गया था और ये विज्ञापन रूस द्वारा स्पोंसर किए गए थे।

मार्च 2018 में कई मीडिया आउटलेट्स ने ब्रिटिश पॉलिटिकल  कंसल्टिंग फर्म कैम्ब्रिज एनालिटिका पर रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसने 50 मिलियन फेसबुक यूज़र्स का डेटा उनकी सहमति के बिना एकत्र करने के लिए एक बाहरी शोधकर्ता को भुगतान किया था। द न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, कैम्ब्रिज एनालिटिका ने इस जानकारी का उपयोग अपने "मनोवैज्ञानिक मॉडलिंग" के लिए किया, ताकि यह मतदाता के दृष्टिकोण का पता लगा सके और चुनाव परिणामों को संभावित रूप से प्रभावित कर सके।

एक महीने बाद फेसबुक ने कहा कि 87 मिलियन यूज़र्स से संबंधित जानकारी को यूके स्थित पॉलिटिकल कंसल्टिंग फर्म के साथ गलत तरीके से साझा किया गया था, न कि 50 मिलियन जैसा कि पहले बताया गया था।

उसी महीने यानी अप्रैल 2018 के अंत में मार्क ज़ुकरबर्ग को फेसबुक के कंज़्यूमर डेटा के गलत उपयोग के कारण अमेरिका की हाउस और सेनेट समितियों के सामने पेश होने के लिए बुलाया गया| यहां, ज़ुकरबर्ग ने इस बात पर ज़ोर दिया कि कैसे फेसबुक ने #मी टू और अन्य आपदाओं के दौरान लोगों को आपस में जोड़ने में मदद की थी। उन्होंने यह भी बताया कि अन्य लोगों की तरह ही, उनको और उनकी कंपनी को कैम्ब्रिज एनालिटिका के बारे में समाचारों के माध्यम से पता चला। उन्होंने साथ ही कहा कि फेसबुक ने भविष्य में इस तरह की घटना को रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

समापन

मार्क ज़ुकरबर्ग ने निश्चित रूप से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के विकास का मार्ग प्रशस्त किया है और डिजिटल स्पेस को बदल दिया है। उनके नेतृत्व में, मेटा ने इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप से लेकर ओकुलस वीआर जैसी कई कंपनियों को एक्वायर किया। मार्क ज़ुकरबर्ग की सफलता की कहानी दर्शाती है कि किसी भी क्षेत्र में शुरुआती रुचि प्रोत्साहित किये जाने पर खुद को वैश्विक वर्चस्व में बदल सकती है।

 

डिस्क्लेमर: इस ब्लॉग का उद्देश्य है, महज जानकारी प्रदान करना न कि इन्वेस्टमेंट के बारे में कोई सलाह/सुझाव प्रदान करना और न ही किसी स्टॉक को खरीदने -बेचने की सिफारिश करना।

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