ओयो की सक्सेस स्टोरी: रितेश अग्रवाल का प्रेरक सफ़र

17 सितम्बर,2021

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ओयो देश के सबसे अधिक लोकप्रिय और सफल स्टार्टअप्स में से एक है और इसे सबसे बड़े बजट होटल चेन के रूप में देखा जाता है।

ओयो का ओवरव्यू

दुनिया भर में 23,000 से अधिक होटल, 8,50,000 कमरे और 46,000 वेकेशन होम के साथ इसने ट्रेवल लैंडस्केप पर निश्चित रूप से अपनी छाप छोड़ी है। ओयो मॉडल के तहत, होटल के स्वामित्व के बजाय, कुछ होटलों को बिज़नेस से जोड़ा जाता है, जिसके तहत कुछ कमरों का अधिग्रहण किया जाता है, जो उन कस्टमर को दिया जाता है जो ओयो द्वारा प्रदान की जाने वाली सर्विस चाहते हैं। ओयो का प्राथमिक उद्देश्य है इसके गैर-ब्रांडेड हॉस्पिटैलिटी डोमेन आने वाले होटलों को स्टैंडर्डाइज़ करना। ओयो की सफलता का श्रेय ऐसे बजट होटलों की तलाश का समाधान प्रदान करने को दिया जा सकता है जो किफायती थे, साफ़-सुथरे थे और देश भर के टियर -1 और टियर -2 शहरों में उपलब्ध थे। 

द मैन बिहाइंड ओयो - रितेश अग्रवाल

इस सफल बजट होटल लीज्ड स्पेस के पीछे हैं 27 साल के रितेश अग्रवाल। उन्होंने 2013 में कंपनी की स्थापना की। ओडिशा के एक छोटे से शहर में मामूली शुरुआत के बावजूद, अग्रवाल ने सक्सेस हासिल किया। ज़ाहिर है, यह टॉप पर पहुँचने का रास्ता मुश्किलों भरा था। इसकी वजह यह है कि भारत जैसे देश के लिए उनका आईडिया लीक से हटकर था। 

रितेश अग्रवाल के सक्सेस को शायद इस तरह समझा जा सकता है कि वह बाजार की जरूरत समझ सके और उन्होंने कुछ ऐसा तैयार किया जिसकी लोगों को ज़रुरत थी। अपने बिजनेस के लिए फंडिंग हासिल करना आसान नहीं था। आज, हालांकि, इंट्रेप्रेन्योर्स के पास ऑनलाइन लोन ब्रोकर या अपने ऑनलाइन अपना आईडिया शेयर कर और क्राउडफंडिंग के ज़रिये आसानी से फंडिंग हासिल करने की सुविधा है।

रितेश अग्रवाल के बारे में रोचक तथ्य 

ओयो की सक्सेस स्टोरी कंपनी केबारे में रितेश अग्रवाल के विज़न और दृढ़ता से कोशिश करते रहने और बेहतरीन बनने की कोशिश के कारण संभव हुई। इस व्यक्ति के बारे में कुछ रोचक तथ्य जानने के लिए आगे पढ़ें। 

वह कॉलेज से ड्रॉपआउट हो गए - रितेश का एडमिशन इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस एंड फाइनेंस में एक प्रोग्राम में हुआ था, लेकिन अपना बिज़नेस खड़ा करने का उनका सपना उनके अकादमिक सपनों से आगे निकल गया और उन्होंने अपना अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम बीच में ही छोड़ दिया। हालांकि उन्होंने यह फैसला बहुत झिझक के साथ किया, लेकिन उन्हें समझ में आया कि अपने सपने को हकीकत में बदलने के लिए उन्हें कुछ मुश्किल फैसले करने होंगे।

ओयो से पहले ओरेवल की स्थापना - रितेश अग्रवाल ने देश भर में अच्छा-खासा घूमे और ओयो बनाने से पहले, उन्होंने बजट होटलों से जुड़ी मुश्किलें समझने की कोशिश की। 17 साल की उम्र में, उन्होंने ओरेवल ट्रैवल्स लॉन्च करने का फैसला किया जो एयरबीएनबी सेटअप पर आधारित था। बाद में, उन्होंने अपने ओरिजिनल प्लान में बदलाव किया और ओरेवल को ओयो रूम्स में तब्दील कर दिया। उपलब्धता के अलावा बजट होटल से जुड़ी कई मुश्किलें थीं जिनका समाधान वह ओयो के साथ करना चाहते थे।

थिएल फैलोशिप मिली - रितेश अग्रवाल एकमात्र एशियन रेज़ीडेंट हैं जिन्हें थिएल फेलोशिप से सम्मानित किया गया है। थिएल फैलोशिप कोपीटर थिएल ने डिज़ाइन की गई है जो पेपाल के सह-संस्थापक थे। यह फेलोशिप हासिल करने का मतलब था कि अग्रवाल को 100,000 अमरीकी डालर मिले जिसे उन्होंने अपने स्टार्ट-अप में लगाया।

रितेश अग्रवाल की उपलब्धियां - सिर्फ 27 साल के होने के बावजूद, अग्रवाल कई उपलब्धियां हासिल कर चुके हैं जिनमें निम्न शामिल हैं। लेकिन उनकी बस इतनी ही उपलाब्धियाँ नहीं है। उन्हें फोर्ब्स कंज़्यूमर टेक सेक्टर लिस्टिंग के "30 अंडर 30" की सूची में शामिल किया गया। एनईएन अवार्ड्स द्वारा संचालित टाटा फर्स्ट डॉट की 2013 में जारी 50 उद्यमियों की सूची में उनका नाम शामिल हुआ।  2014 में उन्हें टाय- ल्यूमिस इंट्रेप्रेन्योरियल एक्सलेंस अवार्ड मिला। उन्हें बिजनेस वर्ल्ड यंग एंटरप्रेन्योर अवार्ड भी मिला।

ओयो से परे रितेश अग्रवाल - रितेश अग्रवाल ने बहुत कम उम्र में बहुत मेहनत की। जब रितेश स्कूल में ही थे तभी उनकी किताब 'ए कंप्लीट इनसाइक्लोपीडिया ऑफ द टॉप 100 इंजीनियरिंग कॉलेजेज़' प्रकाशित हुई थी और यह बेस्टसेलर बनी। उन्होंने आठ साल की उम्र में कोडिंग शुरू कर दी थी और 16 साल की उम्र तक वह उन 240 छात्रों में से एक थे, जिन्हें टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च में हुए एशियन कैंप का हिस्सा बनने के लिए चुना गया था। 2014 में, उन्हें थिंक एडू पैनल में बोलने के लिए चुना गया और वह इसमें बोलने वालेसबसे कम उम्र के स्पीकर रहे। इसके अलावा, वह अक्सर वीसीसर्कल के कार्यक्रमों में मौजूद रहते हैं।

सबसे कम मेल सेल्फ-मेड बिलियनेयर - रितेश अग्रवाल दुनिया में सबसे कम उम्र के मेल सेल्फ-मेड बिलियनेयर की जमात में शामिल हैं और दुनिया के सबसे कम उम्र के सेल्फ-मेड बिलियनेयर की सूची में दूसरे स्थान पर हैं। ओयो रूम्स सितंबर 2018 में 1 अरब अमेरिकी डालर कमाने में कामयाब रहा, जिसके बाद रितेश अग्रवाल ने अगले साल 2 अरब अमरीकी डालर के शेयर खरीदे, जिससे उनकी शेयर होल्डिंग तिगुनी हो गई। 2020 तक, रितेश अग्रवाल की कुल संपत्ति 7253 करोड़ रूपये थी, जो लगभग 1.1 बिलियन डालर के बराबर है और इस तरह उन्होंने हुरुन रिच लिस्ट 2020 के अनुसार काइली जेनर के बाद सेल्फ-मेड बिलियनेयर सूची में दूसरा स्थान हासिल किया।

निष्कर्ष 

रितेश अग्रवाल की कहानी दृढ़ता, प्रतिबद्धता और बिग पिक्चर से टिके रहने की कहानी है। ओयो रूम्स को फिलहाल देश के सबसे सफल स्टार्टअप्स में से एक माना जाता है और इसने देश-दुनिया में किफायती, साफ़-सुथरे और सुलभ बजट होटलों की तलाश का समाधान किया।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1. रितेश अग्रवाल की उम्र कितनी है?
उत्तर1 रितेश अग्रवाल का जन्म 1993 में हुआ था। वह 27 साल के हैं।

प्रश्न 2. ओयो की स्थापना कब हुई थी?
प्रश्न3. ओयो की स्थापना 2013 में हुई थी।

प्रश्न3. क्या रितेश अग्रवाल ने कोई किताब भी लिखी है?
उत्तर3. हाँ, रितेश अग्रवाल ने एक किताब लिखी है, 'ए कंप्लीट इनसाइक्लोपीडिया ऑफ द टॉप 100 इंजीनियरिंग कॉलेजेज़', जो बेस्टसेलर बन गई।

प्रश्न4. रितेश अग्रवाल नेटवर्थ कितना है?
उत्तर4 रितेश अग्रवाल की का नेटवर्थ 7253 करोड़ है जो 2020 में लगभग 1.1 अरब डॉलर के बराबर था।

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