क्या आपको पेटीएम के आईपीओ में इन्वेस्टमेंट करना चाहिए?

08 सितम्बर,2021

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पेटीएम आईपीओ पिछले महीने भर से अधिक समय से सुर्खियों में है, इसलिए आपने इसके बारे में भी ज़रूर सुना होगा।

आप यहां इसलिए हैं कि आप यह जानना चाहते हैं कि पेटीएम आईपीओ आपके लिए अच्छा इन्वेस्टमेंट ऑफर है या नहीं। इसका जवाब आप ही दे सकते हैं कि उक्त इन्वेस्टमेंट आपकी जोखिम लेने की क्षमता, इन्वेस्टमेंट के लिए तय अवधि और आपके इन्वेस्टमेंट के लक्ष्य के अनुकूल है या नहीं। हालाँकि, हम आपको यहाँ जो बता सकते हैं, वह उन सारी जानकारी में शामिल है जिसकी आपको ठीक से फैसला करने में ज़रुरत पड़ेगी।

लगभग तीन अरब डॉलर के पेटीएम आईपीओ में 1.6 अरब रूपये के फ्रेश शेयर इशू होंगे, जबकि बाकी इसके मौजूदा इन्वेस्टर्स और प्रमोटर्स का ऑफर फॉर सेल होगा।

पेटीएम आईपीओ इन्वेस्टर के तौर पर आपके अनुकूल है या नहीं, यह तय करते समय आपको कुछ प्रमुख बिंदुओं पर सोचना होगा:

पेटीएम का फिनांशियल ट्रैक रिकॉर्ड

किसी भी आईपीओ के बारे में विचार करते समय यह पहली चीज है जिस पर आपको गौर करना चाहिए। कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में आईपीओ वाली कंपनी के सबसे ताजातरीन फिनांशियल डाटा होगा। यहां हैं प्रमुख बातें: 

  • पेटीएम का रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 1000 करोड़ रुपये से अधिक गिरा है। वित्त वर्ष 2020 में ऑपरेटिंग रेवेन्यू 3820 करोड़ रुपये रहा, जबकि वित्त वर्ष 2021 में ऑपरेटिंग रेवेन्यू 2802 करोड़ रुपये रहा। 
  • हालांकि टोटल रेवन्यू में काफी फर्क रहा। वित्त वर्ष 2020 में टोटल रेवन्यू 3540 करोड़ रुपये था, जबकि वित्त वर्ष 2021 में यह 3186 करोड़ रुपये रहा। 
  • हालांकि पेटीएम के कुल खर्च में भी कमी आई है। वॉलेट का खर्च वित्त वर्ष 2020 में 6138 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2021 में काफी कम 4728 करोड़ रुपये रहा। 
  • पेटीएम का घाटा भी कम हुआ जो 1200 करोड़ रुपये से अधिक रहा - वित्त वर्ष 2020 में घाटा 2942 करोड़ रुपये था जो घटकर 1701 करोड़ रुपये हो गया।

बेशक, व्यापार में गिरावट के लिए महामारी को ज़िम्मेदार ठहरा सकते हैं।

पेटीएम के कारोबार के इर्द-गिर्द के हालात

किसी कंपनी में इन्वेस्ट करना हो और हालत एकदम दुरुस्त दिख रहे हों फिनांशियल डाटा के रूप में, तब भी कंपनी के अपने सेक्टर में परफॉर्मेंस पर विचार करना महत्वपूर्ण है।

पेटीएम और इसके ई-वॉलेट के बारे में कुछ मुख्य बातें इस प्रकार हैं - डिजिटल भुगतान वॉलेट बहुत नहीं हैं कि सामूहिक रूप से इसे सेक्टर कहा जाए लेकिन फिर भी काफी हैं। पेटीएम ई-वॉलेट कंपननियों में तीसरे स्थान पर है। गूगलपे और फ़ोनपे पहले 2 स्थान पर हैं। इसकी बाजार हिस्सेदारी 12 प्रतिशत है।

जहां तक डिमांड की बात है, दो अनुकूल वजहों से इसके बढ़ने की उम्मीद की जा सकती है: 

  1. दुनिया सब कुछ डिजिटल होता जा रहा है। पेटीएम के यूज़र बेस में पिछले कुछ साल से तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।
    वित्त वर्ष 2018 में 20 करोड़ यूज़र थे, जो वित्त वर्ष 2019 में बढ़कर 26 करोड़, 2020 में 30 करोड़ और वित्त वर्ष 2021 में 35 करोड़ हो गए।
    पेटीएम पेमेंट स्वीकार करने वाले बिज़नेस या मर्चेंट की संख्या भी ई-वॉलेट पेमेंट में तेजी दिखाती है: वित्त वर्ष 2018 में मर्चेंट्स की संख्या 70 लाख थी। वित्त वर्ष 2019 में यह बढ़कर 1.2 करोड़, 2020 में 1.6 करोड़ और वित्त वर्ष 2021 में दो करोड़ हो गई।
    जैसा कि आपने देखा होगा, यूज़र बेस और मर्चेंट बेस लगातार बढ़ोतरी दर्ज़ हुई है। 
  2. मौजूदा महामारी, और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे मानदंडों के लागू होने से डिजिटल पेमेंट ऑप्शंस के इस्तेमाल में बढ़ोतरी ही हुई है। फिनटेक में आम तौर पर उछाल की स्थिति है।

आईपीओ लाने की वजह, कंपनी के लक्ष्य और भविष्य का प्लान

तमाम शोर-शराबे के बावजूद, पेटीएम ने अभी तक रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल नहीं किया है और इसलिए इस बारे में कुछ ठोस नहीं कहा जा सकता कि आईपीओ की राशि का इस्तेमाल किस काम के लिए किया जाएगा। किसी भी तरह का फैसला करने से पहले इन्वेस्टर को इसका इंतजार करना चाहिए।

  • कहा जा रहा है कि पेटीएम अपने वैल्यूएशन 16 अरब डॉलर से बढ़ाकर 25-30 अरब डॉलर करना चाहता है।
  • कंपनी एक स्मॉल फाइनांस बैंक और लेंडिंग ऑपरेशन शुरू करना चाहती है।
  • पेटीएम ने विस्तार और डायवर्सिफाय करने के लिए आईआरडीएआई लाइसेंस के लिए आवेदन किया है।
  • पेटीएम मनी कंपनी का इन्वेस्टमेंट वेहिकल है और आने वाले दिनों में यह और अधिक आकर्षक हो सकता है।

इतनी चर्चा की वजह

यह वाक़ई ध्यान देने वाली बहुत ही महत्वपूर्ण बात है। पेटीएम आईपीओ की बहुत चर्चा है और ऐसा महसूस हो सकता है कि इसमें इन्वेस्टमेंट करना अच्छा है। हालांकि, पेटीएम आईपीओ सुर्खियों में इसलिए भी है कि यह घर-घर में लोकप्रिय हो गया है। न्यूज़ वेबसाइट चाहती हैं कि आप उनके आर्टिकल पर क्लिक करें! और निश्चित रूप से आपने - और कई अन्य इन्वेस्टर्स - ने ऐसा किया भी होगा!

दूसरी वजह है कि सारे अखबार पेटीएम आईपीओ के बारे में कह रहे हैं, यह भारत के शेयर मार्केट के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ है। आईपीओ लगभग 3 बिलियन अमरीकी डालर - या करीब 21,000 -22,000 करोड़ रुपये का होने की उम्मीद है। अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ एक दशक पहले आया था और यह 15,000 करोड़ रुपये का था।

यह आईपीओ आपके लिए है या नहीं, यह तय करने के लिए हमने आपको बहुत सी जानकारी दी है। इस अपकमिंग आईपीओ में भाग लेने के बारे में फैसला करने से पहले कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस पलटने का इंतज़ार करें। आईपीओ में पेटीएम शेयर की कीमत पर सोचें और इसकी तुलना कंपनी की असल कमाई से करें। इसी तरह के और आईपीओ का अध्ययन करें - इन्वेस्टमेंट अवधि और संभावित एग्जिट प्राइस तय करें। क्या ये चीज़ें आपको सूट करती हैं? इसके मुताबिक़ इन्वेस्टमेंट करें।

यदि इस ब्लॉग से मदद मिली, तो हमारे अन्य ब्लॉग पढ़ें कि कंपनियां आईपीओ क्यों लाती हैं। हमारे पास कई दूसरे आईपीओ पर लोकप्रिय और रोमांचक पोस्ट हैं। शेयर मार्केट के बारे में अपनी समझ बढ़ाते रहें।

आम तौर पर पूछे जाने वाले सवाल:

पेटीएम आईपीओ कब आएगा? 

आईपीओ की तारीख की घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन इन्वेस्टर 2021 के अंत से पहले आने की उम्मीद कर सकते हैं। उम्मीद है कि कंपनी इस महीने के अंत में अपना रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल करेगी।

पेटीएम शेयर की ऑफर प्राइस क्या है? 

पेटीएम के शेयर की ऑफर प्राइस की अब तक घोषणा नहीं हुई है।

पेटीएम आईपीओ के लिए रिटेल इन्वेस्टर रेशियो क्या है? 

रिटेल इन्वेस्टर के साथ-साथ क्यूआईबी और इंस्टीच्यूशनल इन्वेस्टर के अनुपात की घोषणा होनी अभी बाकी है।

पेटीएम आईपीओ की राशि क्या है? 

माना जा रहा है कि पेटीएम आईपीओ तीन अरब डॉलर का होगा।

क्या पेटीएम आईपीओ प्रॉफिटेबल इन्वेस्टमेंट है? 

इसकी गारंटी देने का कोई तरीका नहीं है कि शेयर बाजार में इन्वेस्टमेंट प्रॉफिटेबल होगा या नहीं, लेकिन समय आने पर सही फैसला करने के लिए ऊपर सुझाए गए बिन्दुओं पर गौर करें।

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