ध्यान रखने लायक स्टॉक्स: एनएमडीसी, टाटा मोटर्स, मारुति सुजुकी, एचडीएफसी बैंक, इन्फो एज

28 सितम्बर,2021

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यह लेख उन स्टॉक्स पर रोशनी डालता है जिन्हें हाल ही में बाजार में उपलब्ध कराया गया है। इनमें एनएमडीसी लिमिटेड, इन्फो एज, टाटा मोटर्स और मारुति सुजुकी में सरकार की हिस्सेदारी शामिल है। इनमें से हर कंपनी के हालात समझने के लिए पढ़ें।

फ़ास्ट फैक्ट्स

एनएमडीसी 

भारत सरकार नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन या एनएमडीसी में अपनी 7.49 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचना चाह रही है। यह बिक्री ऑफर फॉर सेल के रूप में होगी और इससे डिस्इन्वेस्टमेंट पूल में 3,800 करोड़ रुपये आ सकते हैं। छह जुलाई तक गैर-इन्वेस्टर्स को इस पर बिड करने का अधिकार था, जबकि रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए या प्रक्रिया इस साल 7 जुलाई को खुली। पांच जुलाई को आये तुहिन कांत पांडे के ट्वीट के मुताबिक सरकार 3.49 प्रतिशत ग्रीन शू ऑप्शन के साथ चार प्रतिशत इक्विटी बेचना चाहती है। एनएमडीसी की शेयर प्राइस पर नज़र रखनी चाहिए।

टाटा मोटर्स 

पांच जुलाई 2021 तक टाटा मोटर्स ने स्पष्ट कर दिया था कि वह अपने पैसेंजर वेहिकल रेंज की प्राइस बढ़ाना चाहती है। कंपनी ने इनपुट की बढ़ती लागत को इसकी वजह बताया। कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वास्तव में इन वेहिकल्स की कीमत कब बढ़ेगी; हालांकि, उन्होंने कहा कि यह जल्दी होगा। टाटा मोटर्स की शेयर प्राइस इन बदलावों से काफी हद तक प्रभावित हो सकती है।

मारुति सुजुकी 

भारत की सबसे बड़ी कार मैन्यूफैक्चरर, मारुति सुजुकी इंडिया ने इस साल पांच जुलाई को घोषणा की कि कोरोना वायरस से जुड़े कई प्रतिबंधों के हटने के कारण जून के महीने में इसका उत्पादन बढ़कर 1,65,576 हो गया। मई 2021 तक, मारुति सुजुकी इंडिया ने 40,924 वाहनों का उत्पादन किया था। ये आंकड़े एक रेगुलेटरी फाइलिंग पर आधारित हैं। मारुति की शेयर प्राइस का रुझान ऑटोमोबाइल क्षेत्र की इस विशाल कंपनी की डिमांड पर निर्भर करेगा।

एचडीएफसी बैंक

एचडीएफसी बैंक के रिटेल लोन डिस्बर्समेंट में गिरावट आई, हालांकि इसकी कुल लोन ग्रोथ स्थिर है। बैंक के मुताबिक, पिछली तिमाही के मुकाबले इसके रिटेल डिस्बर्समेंट में 30 प्रतिशत गिरावट दर्ज़ हुई। इसका मतलब यह हुआ कि सीक्वेंशियल ऑर्डर के नज़रिए से बुक कॉन्ट्रैक्ट के मुकाबले आउटस्टैंडिंग रिटेल लोन एक प्रतिशत रहा। अर्थात लोन बुक में सीक्वेंशियल ऑर्डर के लिहाज़ से 1.3 प्रतिशत की मामूली ग्रोथ हुई। एचडीएफसी बैंक की शेयर प्राइस बैंक और उसके प्रॉडक्ट के परफॉर्मेंस के मुताबिक रुझान स्पष्ट करेगी।

इन्फो एज 

इन्फो एज लोकप्रिय फूड-डिलीवरी एप्लिकेशन - ज़ोमैटो के सबसे बड़े स्टेकहोल्डर्स में से एक है। कंपनी ने अपने आईपीओ के ऑफर फॉर सेल का आकार कम करने की बात की है। इसका मतलब है कि नई राशि 375 करोड़ रुपये होगी जो 750 करोड़ रुपये के पहले के आकलन की आधी है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने इनिशियल पब्लिक ऑफर से ज़ोमैटो की फंड जुटाने की योजना को मंजूरी पहले ही दे दी है। इन्फो एज की शेयर प्राइस का रुझान ज़ोमैटो को मिलने वाली सक्सेस पर निर्भर करेगा।

निष्कर्ष

इन्वेस्ट करने से पहले ठीक से यह समझ लेना ज़रूरी है कि आप किसमें इन्वेस्ट करना चाहते हैं। पर्याप्त रिसर्च और समझ से यह तय करने में मदद मिलती है कि आपका पैसा बर्बाद न हो और कमाई की मज़बूत संभावना रहे।

प्रश्न1. एनएमडीसी का फुल फॉर्म क्या है?
उत्तर1. एनएमडीसी का फुल फॉर्म है, नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन। यह इकाई भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के प्रशासन के तहत आती है।

प्रश्न 2. तुहिन कांत पांडे कौन हैं?
उत्तर2. तुहिन कांत पांडे इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट विभाग के सचिव हैं।

प्रश्न3. टाटा मोटर्स अपने वेहिकल्स की प्राइस क्यों बढ़ा रही है?
उत्तर3. टाटा मोटर्स अपने वेहिकल्स की प्राइस इनपुट्स की लागत बढ़ने के कारण बढ़ा रही है।

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