किसी भी आईपीओ में इन्वेस्ट करने से पहले जानने लायक बातें

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05 जुलाई,2021

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शेयर बाजार के इन्वेस्टर के लिए आईपीओ वैसे ही रोमांचक होते हैं जैसे आम जनता बड़े बजट वाली फिल्म के लिए उत्साहित होती है।

भूमिका: शेयर बाजार के इन्वेस्टर के लिए आईपीओ वैसे ही रोमांचक होते हैं जैसे आम जनता बड़े बजट वाली फिल्म के लिए उत्साहित होती है। आईपीओ इन्वेस्टमेंट इस वजह से लोकप्रिय है कि माना जाता है कि इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग के दौरान कंपनी का स्टॉक न्यूनतम कीमत पर मिलता है। सामान्य समझ - और सटीक शब्द इस्तेमाल करें तो सामान्य उम्मीद यह रहती है कि स्टॉक की कीमत यहाँ से आगे ही बढ़ेगी। ज़्यादातर मामले में ऐसा ही होता है। हालांकि, जरूरी नहीं कि हमेशा ऐसा ही हो। इन्वेस्टर को अपने पत्ते सही तरीके से खेलने की जरूरत होती है। 

तो आईपीओ के मामले में "पत्ते सही तरीके से खेलना" क्या है? सो इस प्रक्रिया में शामिल है सावधानीपूर्वक चयन, त्रुटिहीन कागजी काम और समय की पाबंदी - ये रहे सात विचार जिन पर किसी भी इन्वेस्टर को आईपीओ में इन्वेस्टमेंटसे पहले ध्यान देना चाहिए:

1. कंपनी का ऐतिहासिक प्रदर्शन

आपके पास कंपनी के स्टॉक की कीमत का ऐतिहसिक रिकॉर्ड नहीं होता जब तक आईपीओ ऑफर फॉर सेल न हो जिसके तहत इनिशियल स्टेकहोल्डर कंपनी की अपनी हिस्सेदारी शेयर बाजार में बेचते हैं। लक्ष्य तय कर लेने के बाद वे अक्सर ऐसा करते हैं।  इसके अलावा कंपनियां सरकार द्वारा बड़ी कंपनियों के लिए तय मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग मानदंडों का पालन करने के लिए ओएफएस ला सकती हैं। यदि कंपनी पहले से पब्लिकली लिस्टेड है और केवल ओएफएस ला रही है, तो स्टॉक की क्षमता का मूल्यांकन करने में आपकी सहायता के लिए आपके पास स्टॉक की कीमत का ऐतिहासिक रिकॉर्ड होगा। पिछले कुछ साल में इसकी ग्रोथ ट्रेजेक्टरी क्या रही है? क्या ग्रोथ रेट आपके मुनाफे के लक्ष्य और आपके इन्वेस्टमेंट के होराइजन से मेल खाती है?

लेकिन यदि कंपनी पूंजी जुटा रही है और आईपीओ के ज़रिये पब्लिक हो रही है तो आपके पास जाने के लिए आकलन के लिए स्टॉक की कीमत का कोई ऐतिहासिक रिकॉर्ड नहीं है। लेकिन आप बैलेंस शीट, पी एंड एल स्टेटमेंट, कैश फ्लो रिकॉर्ड, सालाना और तिमाही रिपोर्ट और हर तरह का फिनांशियल आंकडा देख सकते हैं। कंपनी की खबरों पर ध्यान रखें और आपको पिछले कुछ वर्षों में सभी बड़ी सुर्खियों के बारे में जानते हैं। 

2. कंपनी जिस सेक्टर में काम करती है

कंपनी को अन्दर-बाहर (और हम बढ़ा-चढ़ा कर नहीं कह रहे हैं) जानने के बाद मौका होता है रिसर्च के दायरे को बढ़ाने का और सेक्टर विशेष की स्थिति और मौकों पर ठीक से निगाह डालने का। 

कॉम्प सेट: अब आप कंपनी की प्रतिस्पर्धियों और अपने जैसी कंपनियों के मुकाबले प्रदर्शन पर निगाह डालना चाहते हैं। हो सकता है कि कंपनी ए को 2020 के दौरान हुए 20 प्रतिशत मुनाफे बारे में उत्साहित हों और उनके आईपीओ में अपनी पूंजी इन्वेस्ट करना चाहते हों। लेकिन क्या यह 20 प्रतिशत मुनाफा वाक़ई सराहनीय है यदि इसके प्रतिस्पर्धियों, कंपनी बी और कंपनी सी ने क्रमशः 27 प्रतिशत और 29 प्रतिशत का मुनाफा कमाया?

टैक्सेशन और पॉलिसी: हम एक ख़ास स्थिति की कल्पना करते हैं। जतिन किसी खास इलाके में टॉप-सेलिंग टोबैको कंपनी में इन्वेस्टमेंट करने वाले हैं। हालांकि, जतिन ने इस बात पर ध्यान नहीं दिया कि पिछले साल हर दो से तीन महीने में खबरें आती रही हैं कि सरकार इस सेक्टर पर संभवतः नया टैक्स लगा रही है। जतिन को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि नए टैक्स से टोबैको कंपनियों का मुनाफ़ा प्रभावित होगा। 

3. कंपनी के भावी प्लान और आउटलुक

जब कोई कंपनी पब्लिक होना चाहती है, तो वह सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया (सेबी) के पास एक ड्राफ्ट हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल करना होता है। आपको इस दस्तावेज़ को देखना चाहिए और जो हमने ऊपर जो लिस्ट किया है, उसके अलावा नीचे दी गई बातों पर भी ध्यान दें:

  • आईपीओ से प्राप्त राशि का उपयोग

ड्राफ्ट हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में यह बताना होगा कि कंपनी इन्वेस्टर पूंजी को किस तरह खर्च करना चाहती है। क्या कंपनी अपने डेट का मैनेजमेंट नहीं कर पा रही है इसलिए पब्लिक हो रही है? या फंड का इस्तेमाल विस्तार के लिए किया जा रहा है? आप उन कंपनियों में इन्वेस्टमेंट करना चाहेंगे जो विस्तार करना चाहती हों न कि खुद को डूबते से उबारने की तलाश में हों।  

  • कानूनी स्थिति

जिन कंपनियों के अंदरखाने बहुत से कानूनी पचड़े हों इसका मतलब है यह इन्वेस्टर के लिए परेशानी की बात है। आपको पता नहीं कि उनका कारोबार कब ठप्प हो जाए या कब उन्हें भारी जुर्माना देना पड़ सकता है। 

  • मैनेजमेंट

किसी कंपनी का भविष्य उन लोगों पर निर्भर करता है जो रोज़मर्रा का काम चालते हैं। आप यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि मैनेजमेंट टीम के सदस्यों का ट्रैक रिकॉर्ड साफ हो।

4. कुछ फौरी कैलकुलेशन और तुलना करें

अब आपके पास नीचे लिखी बातों की जांच करने के लिए सारी ज़रूरी जानकारी है:·

  • कंपनी की आय के मुकाबले उसकी शेयर की कीमत कैसी है?
  • आपके मुनाफे के लक्ष्य के मुकाबले ऐतिहासिक स्टॉक मूल्य (ओएफएस की स्थिति में) की वृद्धि कैसी है?
  • इस कंपनी द्वारा पेश इनिशियल शेयर प्राइस और इसके किसी प्रतिस्पर्धी के स्टॉक की कीमत आईपीओ लाने के समय कितनी रही होगी? इन्फ्लेशन को शामिल कर उनकी कीमत एक दूसरे के मुकाबले कैसी है?
  • इसी सेक्टर के अन्य स्टॉक या किसी आने वाले आईपीओ की तुलना में यहां आपकी संभावित आय कैसी दिखती है?

5. पोर्टफोलियो री-लुक, सामान्य तुलना और बाजार की स्थिति देखेंगे

अब यह देखने का समय है कि प्रस्तावित आईपीओ इन्वेस्टमेंट आपके पोर्टफोलियो में सही बैठता है या नहीं। आम तौर पर आप एक ही सेक्टर की बहुत सी कंपनियां नहीं रखना चाहेंगे। 

आप अलग-अलग एसेट क्लास में इन्वेस्ट भी करना चाह रहे हैं। देखें-परखें कि जो पूंजी आपने इस आईपीओ रखी थी वह किसी और एसेट क्लास में इन्वेस्ट करना चाहेंगे या नहीं। जोखिम कम करने के लिए पोर्टफोलियो का डायवर्सिफिकेशन ज़रूरी है। 

इन्वेस्टमेंट से पहले आपको बाजार की स्थिति भी देखनी चाहिए। बाजार यदि ऑल-टाइम हाई पर है तो वह धीरे-धीरे सुधार की ओर बढ़ता है, लेकिन कोई नहीं बता सकता कि कीमत में गिरावट कब होगी।

6. आईपीओ की तारीखें देखें

यदि आप पहले से सारे चरणों से गुजर चुके हैं और यह तय कर लिया है कि वाक़ई यह आईपीओ आपके लिए है तो समय पर अपना एप्लीकेशन जमा करने के लिए आईपीओ अलॉटमेंट की तारीखों पर नज़र डालें। निराशा से बचने के लिए लास्ट-मिनट सब्सक्रिप्शन से बचें। 

7. स्मार्ट तरीके से अप्लाई करें

अपना आईपीओ एप्लीकेशन सही और ठीक तरह से भरें। ऑनलाइन एप्लीकेशन के समय - जैसे जब आप एंजेल ब्रोकिंग ऐप का उपयोग करते हैं - आप यूपीआई के ज़रिये अप्लाई कर सकते हैं जिससे आप डीडी प्रक्रिया और फिजिकली अप्लाय करने की परेशानी से बच सकते हैं। 

मिनिमम बिड का विकल्प चुनें, विभिन्न एप्लिकेशन नंबरों के ज़रिये अप्लाय करें (कई एप्लिकेशन लेकिन मित्रों और परिवार के अलग-अलग डीमैट खातों से) और हायर-प्राइस बैंड या हायर कट-ऑफ प्राइस चुनें - लेकिन तय करें कि यह आपके इन्वेस्टमेंट लक्ष्य के अनुरूप हो। 

अंतिम विचार: आईपीओ बेहतरीन इन्वेस्टमेंट हो सकता है यदि कंपनी भविष्य में अच्छे मुनाफे की और बढ़ती दिखती है और यदि सामाजिक-राजनीतिक माहौल अनुकूल है। हालांकि, आईपीओ में इन्वेस्टमेंट से पहले कंपनी के सारे रहस्यों की छान-बीन पर मेहनत करनी चाहिए। 

कोई भी इन्वेस्टमेंट कर सकता है चाहे उम्र, पेशा या जेंडर कुछ भी हो। हालांकि आपको किसी भी इन्वेस्टमेंट के जोखिम और मुनाफे का आकलन हमेशा करना चाहिए और यह समझना चाहिए कि ये आपके इन्वेस्टमेंट लक्ष्य और आपकी जोखिम सह पाने की क्षमता से कैसे जुड़े हैं। सबसे बड़ी बात कि यह समझने की कोशिश ज़रूर करें कि कोई इन्वेस्टमेंट या एसेट क्लास कैसे काम करता है - इस ब्लॉग को पढ़ना अच्छी शुरुआत है। कीप इट अप। पूरी तैयारी होने पर आप एंजेल ब्रोकिंग का ऐप मुफ्त डाउनलोड कर एंजेल ब्रोकिंग के साथ अपने इन्वेस्टमेंट का सफ़र शुरू कर सकते हैं।

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