बाज़ार के पूर्वानुमान के ज़रिये के तौर पर ट्विटर

27 मार्च,2021

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बाज़ार के पूर्वानुमान के ज़रिये के तौर पर ट्विटर - स्मार्ट मनी
आज के डिजिटल दौर में हममें से ज़्यादातर लोग एक या एक से अधिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं। वे दिन याद हैं जब फेसबुक आया ही था और कैसे सभी फेसबुक से जुड़ने लगे थे अपने दोस्तों और दुनिया को अपने जीवन की कहानी से रु-ब-रु कराने के लिए?

सो, सोशल नेटवर्क के पेश होने के कुछ साल बाद, फेसबुक पर कुछ सबसे बड़ी राजनीतिक क्रांति पैदा हुई। तब दुनिया को ठीक तरह से सोशल नेटवर्क के अपने आस-पास की दुनिया को प्रभावित करने की ताक़त का अहसास हुआ। 

सो ट्विटर के बारे में क्या राय है? यदि आप ट्विटर पर हैं तो आपको पता होगा कि कैसे कुछ बेहद लोकप्रिय हस्तियाँ और राजनीतिज्ञ ट्विटर पर अपने विचार और राय रख रहे हैं। लेकिन बात इतनी ही नहीं है- ट्विटर का उपयोग लाखों कंपनियां और न्यूज़ एजेसियाँ छोटे-छोटे टुकड़ों में समाचार प्रसारित कर रही हैं। ट्विटर पर एक ट्वीट में बस कुछ शब्दों में पोस्ट कर सकते हैं- सो हम देखेंगे कि इस लेख के शीर्षक के लिए यह कैसे प्रासंगिक है। 

क्या आपने कभी हाई फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग के बारे में सुना है? हाई फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग के विकास में न्यूज़ आर्टिकल और हेडलाइन का बाज़ार की गतिविधि की दिशा का पूर्वानुमान करने में उपयोग एक बड़ा मुकाम रहा। इसे माइक्रो ट्रेंड एनालिसिस के तौर पर भी जाना जाता है और प्रोद्योगिकी के तौर पर अग्रणी कुछ कंपनियों ने बाज़ार सूचना तैयार करने के लिए हज़ारों न्यूज़ आर्टिकल का लाभ उठाया है जो हर सेकंड इन्टरनेट पर प्रकाशित होते रहते हैं। सो यह कैसे कारगर रहा और ट्विटर बाज़ार को समझने में हमें कैसे मदद करता है।

इसे समझने के लिए हमें पहले यह देखने की ज़रुरत है कि कंपनियां ट्विटर के फीड का उपयोग कैसे करती हैं। ट्विटर ने ट्विटर एपीआई पेश किया है जिससे प्रोग्रामरों को रीयल टाइम पर ट्वीट जारी करने में मदद मिलती है जो लोग लिख रहे होते हैं। अब, प्रोग्रामर इन ट्वीट को हैशटैग, स्थान और अन्य फीचरों के आधार पर इन ट्वीट को फ़िल्टर कर सकता है। इससे बगैर ज़्यादा झंझट के अपने अनुकूल सूचनाएं अलग करने और छांटने में मदद मिलती है। मिसाल के तौर पर, यदि ट्वीट में #बिटकॉइन हैशटैग है तो हमें पता चल जाता है कि इसमें कुछ बिटकॉइन के बारे में कहा गया है। असल जानकारी ट्वीट में अलग हो सकती है। 

कुल मिलाकर  हमें पता है कि ट्विटर प्रोग्रामरों को रीयल टाइम पर जारी हो रहे ट्वीट को स्ट्रीम करने और हैशटैग, ट्वीट करने वाले व्यक्ति के स्थान, राष्ट्रीयता आदि जैसे विभिन्न फीचरों के आधार पर छांटने में मदद करता है। सो प्रोग्रामर इस डाटा के साथ क्या करते हैं? यहीं आता है सबसे रोचक हिस्सा। पिछले कुछ सालों में एआई और मशीन लर्निंग के बारे में जो शोर-शराबा हुआ है उसके बारे में आपको पता ही होगा। तो एआई उतनी नई चीज़ नहीं है और डाटा साइंस उससे ज्यादा पुराना है जितना आप सोच सकते हैं। 

एक मिसाल के ज़रिये हम इसे और समझने की कोशिश करते हैं। कल्पना करें कि आपकी यह समझने में रूचि है कि ट्विटर के ज़रिये टेस्ला के शेयर की कीमत की भविष्यवाणी कैसे की जा सकती है। इस सीधा तरीका है कि उन सारे ट्वीट को छांट लिया जाए जिनमें #टेस्ला है।
यह कहना थोड़ा टेढ़ा हो सकता है कि ईलॉन मस्क के बारे में लोगों की राय कैसी है इससे टेस्ला के शेयर की कीमतों पर असर हो सकता है।

खैर, जब आप कुछ खास फीचर वाले ट्वीट्स को फ़िल्टर करने की रणनीति पर टिक जाते हैं, तो आप इन ट्वीट - इन सब के सब ट्वीट में जो होता है उसका विश्लेषण करने लगते हैं । अब आप अंदाजा लगायें डाटा की उस मात्रा का जो आपके हाथ में होगी यदि आप पूरी दुनिया में जारी हो रहे #टेस्ला वाले ट्वीट स्ट्रीम कर रहे हैं। नहीं कुछ तो, आप आश्वस्त रह सकते हैं कि आप लाखों ट्वीट से डील कर रहे होंगे। 

अब, प्रोग्रामर इन ट्वीट्स के साथ क्या करते हैं, हर ट्वीट से जुड़ी भावना को समझते हैं। मिसाल के लिए यदि एक ट्वीट इस बारे में है कि टेस्ला का भविष्य कैसे उज्ज्वल दिखता है, और कंपनी कैसे पिछले कुछ वर्षों से वाक़ई बढ़िया प्रदर्शन कर रही है तो ट्वीट में 'गुड', 'हाई रिटर्न, 'ग्रोथ', आदि जैसे सकारात्मक शब्द होंगे। 

अब, यहीं डाटा साइंटिस्ट की विशेषज्ञता की ज़रुरत होती है-क्योंकि डाटा साइंटिस्ट प्रभावी रूप से एक रणनीति बनाने में सक्षम होगा जिसके ज़रिये रुझान के आधार पर सही तरीके से ट्वीट अलग किया जा सके। यह सीधा दिखता है, प्रोग्रामर दरअसल ट्वीट में शामिल शब्दों के आधार पर इन्हें फ़िल्टर नहीं करते हैं । इसकी वजह यह है कि कंप्यूटर संख्या समझता है, न कि शब्द -
इसलिए एल्गोरिद्म सिर्फ शब्दों के आधार पर ट्वीट का रुझान तय नहीं कर सकता। मशीन लर्निंग और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग में परिष्कृत तकनीकें हैं जो डेटा साइंटिस्ट को किसी ट्वीट से रुझान को ठीक तरीके से समझने में मदद करता है। 

यह प्रक्रिया रुझान विश्लेषण (सेंटिमेंट एनालिसिस) कहलाती है -हम यहां इसकी बारीकियों में नहीं जाएंगे, लेकिन आप यह समझ सकते हैं कि डाटा साइंटिस्ट ट्वीट के रुझान तय करने के लिए एआई और एमएल तकनीकों का उपयोग करते हैं। कल्पना करें कि यह बड़े पैमाने पर, लाखों ट्वीट के लिए किया जा रहा है। इससे हमें यह समझने में मदद मिलेगी कि कैसे समय के साथ किसी शेयर या एक्सचेंज इंडेक्स से जुड़ा कुल रुझान बदल रहा है। एक काल्पनिक स्थिति के बारे में सोचें जिसमें टेस्ला का शेयर गिरने लगता है-आपको शायद नकारात्मक भावनाओं वाले ट्वीट दिखेंगे और टेस्ला के शेयर की कीमत को प्रभावित करने वाले कारकों से जुड़े कुल रुझान नकारात्मक होने लगेंगे। 

हालाँकि, यहाँ एक बात ध्यान देने वाली है कि रुझान विश्लेषण में ट्वीट को सकारात्मक और नकारात्मक रुझान में वर्गीकृत करने पर निर्भर नहीं करता है- दरअसल अन्य जटिल आयाम हो सकते हैं, जिन पर ट्वीट का वर्गीकरण हो सकता है - इससे बाज़ार के बारे में अधिक सटीक तरीके से पूर्वानुमान करने की क्षमता बेहतर होती है। 

तो यह एक संक्षिप्त समझ कि बाजार के पूर्वानुमान के ज़रीये के तौर पर ट्विटर का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है। जानना चाहते हैं और कुछ बेहतरीन तरीके जिनके ज़रिये दुनिया भर में बाज़ार को समझा जा रहा है? तो हमारी वेबसाइट www.angelbroking.com का रुख करें, और सीखते रहें!

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