टर्मिनल वैल्यू क्या है?

06 अगस्त,2022

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क्या आप जानते हैं कि टर्मिनल वैल्यू क्या है? आइए इसकी परिभाषा, दायरे और इसके रूपों के बारे में जानते हैं ।

टर्मिनल वैल्यू की परिभाषा

टर्मिनल वैल्यू (या टीवी) एक प्रोजेक्ट, बिज़नेस या एसेट की वो वैल्यू है जिससे फोरकास्ट पीरियड के बाद भविष्य में कैश फ्लो का अनुमान लगाया जा सकता है। इस वैल्यू को निकालने के लिए यह माना जाता है कि एक बिज़नेस फोरकास्ट पीरियड के बाद हमेशा एक निर्धारित विकास दर पर ही बढ़ेगा। यह वैल्यू अक्सर ओवरऑल अस्सेस्सेड वैल्यू के एक बड़े प्रतिशत से बनी होती है|

टर्मिनल वैल्यू का मैकेनिज्म समझना

जैसे-जैसे विचाराधीन समय सीमा बढ़ती है, वैसे-वैसे पूर्वानुमान से जुड़ी कठिनाई भी बढ़ती है। यह बात ​​फाइनेंस में भी लागू होती है क्योंकि भविष्य में किसी कंपनी के कैश फ्लो का सटीक अनुमान लगाना कठिन है। लेकिन फिर भी बिज़नेस की वैल्यू समझना ज़रूरी है। इस समस्या से निपटने के लिए, विश्लेषक डिस्काउंटेड कैश फ्लो मेथड जैसे फाइनेंशियल मॉडल का उपयोग करते हैं। इसके अलावा, वे कुछ धारणाओं को ध्यान में रखते हैं जिससे कि किसी प्रोजेक्ट या बिज़नेस की कुल वैल्यू निकाली जा सके|

डिस्काउंटेड कैश फ्लो और टर्मिनल वैल्यू की भूमिका

डिस्काउंटेड कैश फ्लो का प्रयोग अक्सर शेयर बाज़ार के मूल्यांकन, कॉर्पोरेट एक्विसिशन्स और अध्ययन के लिए किया जाता है। इसके लिए एक सिद्धांत को ध्यान में रखा जाता है जिसके अनुसार एक एसेट की वैल्यू भविष्य में इससे होने वाले सभी कैश फ्लो के बराबर होती है। इस कैश फ्लो को वर्तमान वैल्यू से डिस्काउंट करना अनिवार्य है। यह डिस्काउंट रेट इंटरेस्ट रेट की तरह कैपिटल कॉस्ट को दर्शाता है।

डिस्काउंटेड कैश फ्लो के दो प्रमुख पहलू पूर्वानुमान पीरियड और टर्मिनल वैल्यू हैं। पूर्वानुमान पीरियड आमतौर पर लगभग पांच वर्षों का माना जाता है। अगर समय सीमा इससे अधिक होती है, तो इसका असर अनुमान की सटीकता पर पड़ता है| ऐसी स्थिति में, टर्मिनल वैल्यू की गणना करना महत्वपूर्ण हो जाता है।

टर्मिनल वैल्यू की गणना

टर्मिनल वैल्यू की गणना निम्न विधियों की मदद से की जा सकती है।

  • सतत विकास - इस धारणा में माना जाता है कि बिज़नेस हमेशा एक स्थिर दर पर कैश फ्लो उत्पन्न करेगा| यह दृष्टिकोण अकैडमिक्स द्वारा पसंद किया जाता है| 
  • एग्जिट मल्टीपल - इस धारणा में बिज़नेस को बाज़ार के किसी मीट्रिक के मल्टिपल की तरह समझा जाता है। यह दृष्टिकोण निवेशकों द्वारा पसंद किया जाता है।

टर्मिनल वैल्यू के रूपों को समझना

  1. परपेच्युटी मेथड 

डिस्कॉउंटिंग का उपयोग करना महत्वपूर्ण होता है क्योंकि समय के साथ एक निश्चित धन राशि की वर्तमान और भविष्य वैल्यू के बीच अंतर आ जाता है। बिज़नेस वैल्यूएशन के लिए, डिविडेंड्स या फ्री कैश फ्लो का अनुमान एक निश्चित समय सीमा के लिए लगाया जा सकता है| हालांकि वर्तमान परफॉरमेंस का अनुमान लगाना कठिन हो जाता है क्योंकि अनुमान भविष्य के लिए लागू होता है। इसके अलावा, इस बात का भी सही अनुमान लगाना मुश्किल है कि कोई कंपनी किस समय अपना संचालन बंद करेगी| 

इन बाधाओं को दूर करने के लिए, निवेशक यह मान सकते हैं कि भविष्य में किसी तय समय से कैश फ्लो हमेशा एक स्थिर दर पर रहेगा। यह टर्मिनल वैल्यू है।

टर्मिनल वैल्यू के फॉर्मूले में, आपको लास्ट कैश फ्लो फोरकास्ट को डिस्काउंट रेट और टर्मिनल ग्रोथ रेट के बीच मौजूद अंतर से डिवाइड करना होगा। इससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि फोरकास्ट पीरियड के बाद कंपनी की वैल्यू क्या होगी।

टर्मिनल वैल्यू = [FCF x (1+g)] / (d-g)

यहां, 

FCF = फ्री कैश फ्लो

g = टर्मिनल ग्रोथ रेट 

d = डिस्काउंट रेट 

  1. एग्जिट मल्टीपल मेथड

यदि निवेशक मानते हैं कि एक तय नंबर के ऑपरेशन मौजूद हैं, तो परपेच्युटी ग्रोथ मॉडल की आवश्यकता नहीं होती है। इसके बजाय, टर्मिनल वैल्यू को उस समय कंपनी के एसेट की नेट रिऐलज़ेशन वैल्यू बतानी चाहिए। अक्सर इसका मतलब यह होता है कि इक्विटी को एक बड़ी फर्म द्वारा ले लिया जाएगा और अधिग्रहण की वैल्यू अक्सर एग्जिट मल्टीपल की मदद से निकाली जाती है।

एग्जिट मल्टीपल फिनेंशिअल आंकड़ों को मल्टीप्लाई करके एक उचित वैल्यू का अनुमान लगाने में मदद करते हैं। इसमें EBITDA, लाभ या बिक्री को एक ऐसे फैक्टर से मल्टीप्लाई किया जाता है जो फर्म के लिए कॉमन है और जिसे हाल ही में प्राप्त किया गया है। एग्जिट मल्टीपल मेथड में टर्मिनल वैल्यू वह सबसे हालिया मेट्रिक है जिसे एक तय मल्टीपल से मल्टीप्लाई किया जाता है।

हालांकि निवेश बैंक इस मेथड का समर्थन करते हैं, लेकिन कुछ आलोचक एक ही समय में इन्ट्रिंसिक और रिलेटिव वैल्यूएशन मेथड्स का उपयोग करना पसंद नहीं करते हैं।

अंतिम विचार

बहुत सी कंपनियां ऐसा नहीं मानती हैं कि कुछ वर्षों के बाद उनका कारोबार बंद हो जाएगा। वे यह सोच कर चलती हैं कि चाहे हमेशा के लिए नहीं परंतु उनका बिज़नेस लंबे समय तक जारी रहेगा। टर्मिनल वैल्यू यह अनुमान लगाने में मदद करती है कि किसी कंपनी का भविष्य में वैल्यूएशन क्या होगा। इस वैल्यू को डिस्कॉउंटिंग के माध्यम से वर्तमान कीमतों पर लागू किया जाता है। एंजेल वन वेबसाइट पर टर्मिनल वैल्यू के बारे में और जानें।

 

 

 

डिस्क्लेमर: इस ब्लॉग का उद्देश्य है, महज़ जानकारी प्रदान करना न कि इन्वेस्टमेंट के बारे में कोई सलाह/सुझाव प्रदान करना और न ही किसी स्टॉक को खरीदने -बेचने की सिफारिश करना।

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