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इच्छा पूर्वाग्रह: मुझे चाहिए!

4.6

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इच्छा पूर्वाग्रह एक प्रकार का भावनात्मक पूर्वाग्रह हो सकता है जिसे एक व्यक्ति की उस सामान्य प्रवृत्ति या आदत के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसमें वह तर्कहीन तरीके से कुछ ऐसे विकल्प को चुन लेता है जो उस व्यक्ति के लिए वित्तीय रूप से बहुत ज्यादा खर्चीले होते हैं। संक्षेप में, हम कंप्यूटर नहीं हैं, इसलिए हम कई कार्यों (और विज्ञापन द्वारा) से प्रभावित हो जाते हैं, जिनके परिणाम हमारे हित में नहीं हैं। इच्छा पूर्वाग्रह विशेष रूप से उन एक्शन को संदर्भित करता है जो व्यक्ति यह सोच कर लेता है कि वे उनके मूल्यों को दर्शाते हैं या लोग उनके बारे में क्या सोचेंगे।  

हम यहाँ इसे एक उदाहरण से समझ सकते हैं, कोई एपल कंपनी का एक आईफोन खरीद रहा है जिसके बारे में एक धारणा बनी हुई है कि वह तकनीकी रूप से सभी मोबाइल फोन से ऊपर तो है, इसके साथ ही साथ आपके पास आईफोन होने से एक अलग ही क्लास या स्टेट्स होने का अनुभव होता है। हालांकि आईफोन के कुछ मॉडल्स को दूसरे कई फोन से कम की रेटिंग तो मिली ही है, उसके साथ ही आईफोन के लिए आपको लो-रेटेड परफॉर्मेंस के बावजूद भी दूसरों से ज्यादा कीमत चुकानी पड़ती है। मतलब कि आपके पास एक ब्रांड का फोन होना ज्यादा जरूरी है बजाय इस बात के कि वह फोन टेक्नोलॉजी में कैसा है और उसका वास्तविक परिणाम क्या है। यानी यहाँ उपभोक्ता ने आईफोन खरीदने का विकल्प बहुत ही तर्कहिन तरीके से लिया है। हम ऐसा नहीं कह रहे है कि आईफोन एक खराब फोन है या उसको खरीदने व चलाने की समाज में कोई वैल्यू नहीं है। बल्कि हम यह कह रहे हैं कि वह व्यक्ति अगर समझदारी से काम ले और ब्रांड के पीछे अंधा ही ना हो जाए, तो वह कम बजट या कम खर्च में बेहतर परफॉर्मेंस वाला फोन खरीद सकता है।  

निवेश की इस दुनिया में बिलकुल ऐसा ही होता है जब धारणा को वास्तिवक मानने वाला इच्छा पूर्वाग्रह, “ब्रांड नाम" की वजह से ही निवेश के विकल्पों को चुनने का कारण बन सकता है, जिसमें उस ब्रांड के विकल्प के लिए आपको ज्यादा पैसा देना होगा, वह भी बिना किसी बेहतर प्रदर्शन के। वहीं आपको बिना ब्रांड नाम के ज्यादा बेहतर प्रदर्शन का विकल्प मिल जाएगा। इच्छा निवेश पूर्वाग्रह तब भी उत्पन्न हो सकता है जब कोई यह मानता है कि उनका निवेश विकल्प उनमें निहित एक विशेष मूल्य या मान्यताओं को दर्शाता है।

निवेश इच्छा पूर्वाग्रह का एक शानदार उदाहरण देशभक्ति में आधारित है। बहुत से लोग घरेलू होल्डिंग खरीदते है और वह उन्हें उन दामों पर खरीदते है जिसकी शायद वह होल्डिंग हकदार नहीं होती, पर इससे उनके अंदर देशभक्ति का भाव और उससे मिलने वाला लाभ (अंदरूनी शांति या लाभ) मिलता है। उसी समय में, वह ऊंचे रिटर्न, कम जोखिम वाले एक विविध और ग्लोबल पोर्टफोलियो से मिलने वाली सुविधा को खो देते हैं।

इच्छा पूर्वाग्रह सिर्फ एक ब्रांड की धारणा की वजह, या किसी का चयन उसकी मान्यताओं को कैसे दर्शाता है, इस विश्वास की वजह से उत्पन्न नहीं होता।  यह एक प्रकार के सकारात्मक सहकर्मी के दबाव से भी आ सकता है, उदाहरण के लिए मेरे सभी दोस्तों ने एक्स में निवेश किया है, इसलिए मैं भी समूह से बाहर बाहर होने के डर से एक्स में ही निवेश करता हूँ। मैं ऐसा इसलिए करता हूँ ताकि मैं दूसरों की नजर में अच्छा बना रहूँ और इसलिए ही में इस भेड़चाल का हिस्सा बनता हूँ। हालांकि, मैंने बिना किसी उचित परिश्रम और जांच-पड़ताल ना होने के बावजूद यह चुनाव किया है, जिसकी वजह से मेरे लक्ष्य के हिसाब से, मेरे मौजूदा निवेश विकल्प को कुछ नुकसान पहुंचता है।   

 

इच्छा पूर्वाग्रह पर कैसे काबू पाएँ

किसी भी भावनात्मक पूर्वाग्रह पर काबू पाने का पहला कदम यह पहचानना है कि पूर्वाग्रह मौजूद है। इस अध्याय को पढ़कर, आपने वह कदम उठाया है और आपको अब इस मुद्दे की पहचान है।

दूसरा कदम निवेश प्रक्रिया से भावना और मानवीय तर्कहीनता को बाहर करने की जरूरत है। इसका एक पार्ट सलाहकार एजेंसी की मदद लेना है। अपने आप को विधि से अलग करके, आप एक सलाहकार को अपनी ओर से निर्णय लेने के लिए तथ्यों पर निर्भर होने की अनुमति देंगे। हालांकि, निवेश प्रक्रिया को एक व्यक्ति के नज़रिए से देखा जा रहा है, और यहां भी पूर्वाग्रह हो सकता है, लेकिन इसके होने की संभावना पहले से बहुत कम है।  

तो अब आती है स्टेप 3 की बारी। अगर आप किसी सलाहकार को यह काम सौंप रहे है तो, ऐसे किसी व्यक्ति के साथ काम करें जो तथ्य देखकर फैसले लेता हो और सभी या किसी भी निवेश निर्णय के लिए एक तर्कसंगत मैट्रिक्स लागू करता हो। एक उदाहरण के रूप में, आपके सलाहकार के पास मात्रात्मक रूप से जुड़े निवेश मानदंड का एक समूह होना चाहिए, जिस पर अडिग होकर वो निवेश खरीदने, बेचने या होल्ड करने का फैसला लेते हों।

उदाहरण के लिए, अगर होल्डिंग एक इक्विटी वाहन जैसा ओपन-एंड फंड है, तो आपका सलाहकार फंड के आयाम, प्रबंधक के कार्यकाल और ऐतिहासिक प्रदर्शन को देखना चाहेगा। वे यह भी निर्धारित करना चाहेगा कि आपके लक्ष्य के संदर्भ में, फंड की शैली और निवेश थीसिस / सेक्टर ओरिएंटेशन आपके पोर्टफोलियो के समग्र जोखिम और आवंटन में किस तरह काम करता है। 

बहुत से अन्य वेरिएबल हैं जिन पर विचार किया जाना चाहिए। फिर भी, अहम बात यह है कि जब उन सभी मात्रात्मक कारकों का एक निवेशक के जनादेश के संदर्भ में संकलित और विश्लेषण किया जाता है, तो एक ऐसा गणितीय निर्णय प्राप्त होना चाहिए जो ग्राहक के सबसे ज्यादा फायदे व हित में हो। केवल इस तरह से एक निवेशक मानव होने में निहित अधिकांश पूर्वाग्रहों को कम कर सकता है।

इसे एक कदम आगे बढ़ाते हुए, कुछ निवेशक किसी भी मानव एजेंसी या त्रुटि को पूरी तरह से हटाने के लिए शुद्ध मात्रात्मक ट्रिगर्स और एल्गोरिदम को पूरी तरह से फॉलो करना ​​पसंद कर सकते हैं। हालांकि, कभी-कभी अंतर्निहित मानव तर्कहीनता से अक्सर लाभ होता है। यह ऐसी जानकारी पर काम करने के तौर पर उपलब्ध हो सकता है जो एक कंप्यूटर को नजरअंदाज कर देता है क्योंकि वह झुंड मानसिकता का विपरीत संकेतक है। हालांकि, ये बाहरी मामले हैं, और इसलिए तर्क के सामान्य सूत्र को प्रक्रिया और अंकगणितीय की तर्कसंगत गणना को मानवता के साथ मिलाना चाहिए ।

निष्कर्ष

अब जब हम इच्छा पूर्वाग्रह को समझते हैं, तो हम अगले पूर्वाग्रह, आशावादिता पूर्वाग्रह पर चलते है। ज्यादा जानकारी के लिए अगले अध्याय को ध्यान से पढ़ें।  

अब तक आपने पढ़ा

  • इच्छा पूर्वाग्रह एक प्रकार का भावनात्मक पूर्वाग्रह हो सकता है जिसे एक व्यक्ति की उस सामान्य प्रवृत्ति के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसमें वह तर्कहीन, खर्चीले निर्णय ले सकता है। 
  • इच्छा पूर्वाग्रह विशेष रूप से उन एक्शन को संदर्भित करता है जो व्यक्ति यह सोच कर लेता है कि वे उनके मूल्यों को दर्शाते हैं या लोग उनके बारे में क्या सोचेंगे।
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