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कैन्डलस्टिक्स 101 – कैन्डलस्टिक्स पैटर्न क्या है ?

3.4

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पिछले अध्याय में, आपने टेक्निकल एनालिसिस के मूल आधार- कैंडलस्टिक चार्ट को संक्षिप्त रूप से पढ़ा था। और क्योंकि व्यापारियों द्वारा, टेक्निकल एनालिसिस के लिए कैंडलस्टिक्स का बहुत ज्यादा उपयोग किया जा रहा है, इस अध्याय में हम इन चार्ट के बारे में और भी अच्छे से समझेंगे ।

बुलिश और बेयरिश कैंडलस्टिक

आपको कैंडलस्टिक की मूल संरचना तो याद ही होगी ? यहाँ हम उससे कैंडलस्टिक के अलग-अलग प्रकारों को समझेंगे । हम किसी शेयर के शुरुआती, सबसे ऊँचे, सबसे कम और क्लोज़िंग मुल्य के लिए कुछ सिद्धांतिक मूल्य लेंगे और उनसे इस डाटा के लिए एक कैन्डलस्टिक बनाने की कोशिश करेंगे । 

ओपनिंग मूल्य = ₹120 

सबसे कम मूल्य = ₹100 

सबसे ज्यादा मूल्य = ₹160 

क्लोज़िंग मूल्य = ₹150 

दिए गए डाटा का कैंडलस्टिक कुछ इस तरह दिखेगा:

कैंडलस्टिक को हरे रंग में दिखाया गया है क्योंकि शेयर की क्लोज़िंग कीमत उसकी ओपनिंग कीमत से अधिक है। इसे बुलिश कैन्डल के नाम से भी जाना जाता है।

अब, एक ऐसा मामला लेते हैं जहां क्लोज़िंग कीमत, ओपनिंग कीमत से कम हो।

ओपनिंग मूल्य = ₹150 

सबसे कम मूल्य = ₹100 

सबसे ज्यादा मूल्य = ₹160 

क्लोज़िंगमूल्य = 120 

दिए गए आंकड़ों के आधार पर, कैंडलस्टिक कुछ इस तरह दिखेगा: 

 

बॉडी को लाल रंग में दिखाया गया है, यह दर्शाता है कि यह एक बेयरिश कैन्डलस्टिक है।

यहाँ आपके लिए एक मजेदार बात है, ज़्यादातर चार्टिंग प्लेटफ़ॉर्म और सर्विसेस आपको इन दोनों प्रकार के कैंडलस्टिक्स चार्ट को दर्शाने वाले रंगों को बदलने का विकल्प देती हैं। मतलब आप बुलिश कैंडलस्टिक को दर्शाने के लिए हरे रंग के बजाय सफ़ेद रंग चुन सकते हैं और, बियरिश चाल को दिखाने के लिए लाल रंग को काले रंग से बदल सकते है । 

अब जब आपने कैंडलस्टिक्स पर पकड़ बना ली है, तो हम कैंडलस्टिक पैटर्न की ओर आगे बढ़ेंगे और उन्हें समझने की कोशिश करेंगे।

कैंडलस्टिक पैटर्न क्या हैं?

कैन्डलस्टिक से उत्पन्न यह पैटर्न एक शेयर की कीमत में हुए बदलाव को बताता है, जिसे उस शेयर में ट्रेडिंग करने के लिए एक सिग्नल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है । कैन्डलस्टिक पैटर्न, शेयर की पुरानी कीमत और मात्रा के डाटा का उपयोग करके, भविष्य में कीमतों में होने वाले बदलावों का अनुमान लगा सकता है। यहां उन विभिन्न कैंडलस्टिक पैटर्न को बताया गया है, जिनका सामना आप टेक्निकल एनालिसिस के दौरान करेंगे:

कैंडलस्टिक बॉडी के आकार के आधार पर पैटर्न

जैसा कि हम पहले ही देख चुके है, एक कैंडलस्टिक बॉडी, शेयर की ओपनिंग और क्लोज़िंग कीमत को दर्शाती है। कैंडलस्टिक की बॉडी जितनी लंबी होगी, कीमतों में बदलाव भी उतना ही ज्यादा होगा ।

  • एक लंबी बुलिश कैंडलस्टिक बॉडी दर्शाती है कि कीमतें तेज़ी से बढ़ रही हैं, जो शेयर की बढ़ती मांग का संकेत है । 
  • इसके विपरीत, एक लंबी बेयरिश कैंडलस्टिक बॉडी दर्शाती है कि कीमतें तेज़ी से गिर रही हैं, जिसका मतलब है कि बिक्री (सप्लाई) बढ़ रही है।
  • अगर एक कैंडलस्टिक बॉडी का आकार धीरे-धीरे, समय के साथ बढ़ता है, तो यह एक ट्रेंड के बनने का संकेत हो सकता है। कैन्डलस्टिक में बदलाव के आधार पर, ट्रेंड बुलिश यानी तेज़ी का या बेयरिश यानी मंदी का हो सकता है। 
  • माना जाता है कि जब कैंडलस्टिक की बॉडी समय के साथ सिकुड़ती जाती है तो बुलिश और बियरिश ट्रेंड भी खत्म होने लगता है। 

यहां कैंडलस्टिक चार्ट पर एक ट्रेंड बनने का उदाहरण है, जहां बॉडी की ऊंचाई धीरे-धीरे बढ़ती है।

और यहां एक कैंडलस्टिक चार्ट का एक उदाहरण है जहां बॉडी की ऊंचाई धीरे-धीरे कम हो जाती है।

जब कैंडलस्टिक का आकार एक अवधि में लगातार एक समान बना रहता है, तो कीमतें आमतौर पर स्थिर होती हैं क्योंकि शेयर के खरीदार और विक्रेताओं की संख्या एक समान हो जाती है। 

अगर पैटर्न छोटी अवधि में ही लंबी बेयरिश कैन्डलस्टिक से लंबी बुलिश कैन्डलस्टिक में बदल जाता है, तो यह ट्रेंड में आए अचानक बदलाव का संकेत माना जा सकता है।

 

 कैंडलस्टिक शैडो की लंबाई के आधार पर पैटर्न

जैसा कि हम पहले ही पिछले अध्याय में पढ़ चुके हैं, कैंडलस्टिक शैडो एक शेयर की प्राइस रेंज को दर्शाती है ।

  • जब कैंडलस्टिक की ऊपरी और निचले शैडो काफी लंबी होती है, तो यह मार्केट में अनिश्चितता का संकेत देता है। यहाँ इसका मतलब है कि खरीदार और विक्रेता एक दूसरे से ज़ोरदार प्रतियोगिता कर रहे हैं, जिससे कोई भी एक-दूसरे पर हावी नहीं हो पा रहा है ।
  • इसी तरह, एक कैंडलस्टिक के ऊपरी और निचली शैडो का छोटा होना स्थिरता का संकेत है। इसका मतलब है कि खरीदार और विक्रेता दोनों ही एक-दूसरे के साथ संतुलन में हैं।
  • मौजूदा ट्रेंड तेज़ी या मंदी) की स्थिति में शैडो की लंबाई लगभग हमेशा कम होती है। क्योंकि इस ट्रेंड में, एक पक्ष, दूसरे पक्ष पर साफ तौर पर भारी होता है और शेयर के मूल्य की चाल में कोई अनिश्चितता नहीं होती।

यहाँ एक उदाहरण है - 

एक मौजूदा ट्रेंड के अंत में, आप शैडो की लंबाई को बढ़ते हुए देख सकते हैं । इसका बढ़ना यह दर्शाता है कि खरीदार और विक्रेता नियंत्रण के लिए संघर्ष कर रहे हैं और शेयर के मूल्य की चाल में अनिश्चितता है।

बॉडी टू शैडो रेशियो के आधार पर पैटर्न

एक मज़बूत बुलिश या बेयरिश ट्रेंड की स्थिति में, कैंडलस्टिक की बॉडी अक्सर अपनी शैडो से अधिक लंबी होती है। क्योंकि एक मज़बूत ट्रेंड के दौरान, शेयर की कीमतें ट्रेंड के आधार पर, इसके सबसे लोएस्ट या हाइएस्ट पाइंट के पास होती हैं। इसी वजह से, कैंडलस्टिक की छोटी सी शैडो बनती है और कुछ मामलों में शैडो बिल्कुल नहीं बनती है ।

इस तरह के एक मार्केट ट्रेंड का एक उदाहरण यहां दिया गया है: 

दूसरी ओर, जब ट्रेंड कमज़ोर होता है, तो शैडो, कैंडलस्टिक की बॉडी की तुलना में अधिक लंबी हो जाती है।

इसके अलावा, जब कोई शेयर तिरछा व्यापार कर रहा होता है या जब वह ट्रेंड रिवर्सल का सामना कर रहा होता है, तो कैंडलस्टिक की बॉडी छोटी और शैडो बहुत लंबी हो जाती है। इसका प्रभावी रूप से मतलब है कि बाज़ार में अनिश्चितता है और खरीदार और विक्रेता एक सामनज्य पर पहुंच गए हैं।

निष्कर्ष

तो ये वह बेसिक पैटर्न हैं जो आपको देखने को मिलेंगे । लेकिन जब आप कैंडलस्टिक चार्ट को थोड़ा और गहराई से जानेंगे, तो आप पाएँगे कई पैटर्न अक्सर समय के साथ दोहराए जाते हैं। ये पैटर्न एक कैंडलस्टिक या कई कैंडलस्टिक द्वारा बनाए जा सकते हैं। अगले अध्याय में, हम इनमें से कुछ लोकप्रिय पैटर्न और व्यापारियों के लिए उनका क्या अर्थ है, इस बारे मे पड़ेंगे ।

अब तक आपने पढ़ा

  • एक बुलिश कैंडलस्टिक को हरे रंग में दर्शाया जाता है क्योंकि स्टॉक की समापन कीमत उसकी शुरुआती कीमत से अधिक है।
  • एक बेयरिश कैंडलस्टिक को लाल रंग में दर्शाया जाता है क्योंकि शेयर की शुरुआती कीमत उसकी समापन कीमत से अधिक है।
  • अधिकांश चार्टिंग प्लेटफॉर्म और सर्विसेज़ आपको चार्ट के रंग बदलने का विकल्प देती हैं। आप बुलिश कारोबार को दर्शाने के लिए हरे रंग को सफेद से रंग बदल सकते हैं, और मंदी या बियरिश कारोबार दिखाने के लिए लाल की जगह काले रंग का इस्तेमाल कर सकते हैं। 
  • कैंडलस्टिक द्वारा उत्पन्न पैटर्न एक शेयर की कीमत की चाल है, जिसे बाज़ार में ट्रेडिंग के लिए संकेत या सिग्नल के रूप में उपयोग किया जाता है।
  • कैंडलस्टिक की बॉडी जितनी लंबी होगी, कीमतों में बदलाव उतना ही ज़्यादा होगा।
  • जब एक कैंडलस्टिक की ऊपरी और निचली शैडो काफी लंबी होती है, तो यह बाज़ार में अनिश्चितता का संकेत देता है।
  • एक मज़बूत तेजी या मंदी के ट्रेंड की स्थिति में, कैंडलस्टिक की बॉडी अक्सर अपनी शैडो से अधिक लंबी होती है।
  • इसके अलावा, जब कोई शेयर तिरछी चाल में व्यापार कर रहा होता है या जब वह ट्रेंड रिवर्सल का सामना कर रहा होता है, तो आमतौर पर, कैंडलस्टिक की बॉडी छोटी और शैडो बहुत लंबी हो जाती है।
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इस अध्याय के लिए प्रश्नोत्तरी लें और इसे पूरा चिह्नित करें।

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