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विभिन्न पोर्टफोलियो निवेश विकल्पों की शब्दावली

4.7

पोर्टफोलियो निवेश के विकल्प

1. डायरेक्ट इक्विटी

डायरेक्ट इक्विटी निवेश में स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से कंपनी के शेयरों की खरीद होती है।

  • निवेश सीमा: कार्यकाल की कोई सीमा नहीं
  • जोखिम: अधिक
  • लिक्विडिटी: आम तौर पर अधिक (हर शेयर की तरलता अलग होती है)

2. नॉन- कनवर्टिबल डिबेंचर (एनसीडी)

  • डिबेंचर फिक्स्ड इंटरेस्ट डेट उपकरण हैं जो कंपनियाँ पब्लिक से लॉन्ग टर्म कैपिटल जुटाने के लिए जारी करती हैं।
  • निवेश सीमा: 90 दिनों से लेकर 10 वर्ष तक
  • जोखिम: मध्यम से अधिक के बीच
  • लिक्विडिटी: मध्यम

3. इक्विटी म्यूचुअल फंड

म्यूचुअल फंड निवेश का वो साधन हैं जिसमें कई निवेशकों के फंड को इकट्ठा कर अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश किया जाता है। इक्विटी म्यूचुअल फंड वो निवेश साधन है जो कई कंपनियों के शेयरों को खरीदकर इक्विटी शेयर बाज़ार में निवेश करते हैं।

  • निवेश सीमा: कार्यकाल की कोई सीमा नहीं
  • जोखिम: अधिक
  • लिक्विडिटी: अधिक

4. हाइब्रिड म्यूचुअल फंड

वो म्यूचुअल फंड्स जो अलग-अलग एसेट क्लास जैसे इक्विटी और डेट इंस्ट्रूमेंट्स के मिश्रण में निवेश करते हैं, उन्हें हाइब्रिड म्यूचुअल फंड के रूप में जाना जाता है।

  • निवेश सीमा: कार्यकाल की कोई सीमा नहीं
  • जोखिम: मध्यम से अधिक के बीच
  • लिक्विडिटी: अधिक

5. बैंक एफडी

बैंक FD एक वित्तीय साधन है जहाँ आप एक निर्धारित अवधि के लिए बैंक में पूँजी जमा करते हैं। बैंक आपको पूँजी जमा करने के एवज में आपको निवेश पर ब्याज देता है।

  • निवेश सीमा: आम तौर पर 7 दिन से 10 साल तक
  • जोखिम: कम
  • लिक्विडिटी: मध्यम से अधिक के बीच (आप जब चाहे अपनी एफडी को लिक्विडेट कर सकते हैं)

6. टैक्स बचत वाला फिक्सड डिपोजिट

यह बैंक एफडी के समान है,  सिवाय इसके कि यहां आपका निवेश 5 साल की अवधि के लिए बैंक में लॉक्ड- इन फिक्स्ड डिपोज़िट के तौर पर रखा गया है। यहां निवेश पर ब्याज के अलावा  आपको जमा राशि पर टैक्स छूट का आनंद भी मिलता है। इस योजना के तहत ₹1.5 लाख तक की निवेश राशि पर आप टैक्स छूट ले सकते हैं।

  • निवेश सीमा: 5 वर्षों की लॉक-इन अवधि
  • जोखिम: बहुत कम
  • लिक्विडिटी: शून्य

7. कॉर्पोरेट एफडी

कॉर्पोरेट एफडी के साथ आप एक निर्धारित समय के लिए  बैंक के बजाय एक कंपनी में अपना फंड जमा करते हैं। कंपनी  पैसे जमा करने के बदले आपको निवेश पर ब्याज देती है।

  • निवेश सीमा: 1 वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक
  • जोखिम: अधिक
  • लिक्विडिटी: कम

8. बीमा

बीमा एक निवेश विकल्प है जो सुरक्षात्मक जीवन कवर के अतिरिक्त लाभ के साथ आता है। आमतौर पर अपनी बीमा पॉलिसी को सक्रिय रखने के लिए आपको पॉलिसी अवधि के दौरान बीमा कंपनी को समय-समय पर प्रीमियम भुगतान करना होता है।

पॉलिसी अवधि के अंत में आपको बोनस और लॉयल्टी एडिशन के साथ मेच्योरिटी लाभ मिलता है। बीमा पॉलिसी कार्यकाल के दौरान अगर आपकी मृत्यु हो जाती है तो ऐसी स्थिति में आपके लाभार्थियों को मृत्यु लाभ के रूप में एक निश्चित राशि प्राप्त होती है।

  • निवेश सीमा: आम तौर पर 10 साल से लेकर 30 साल
  • जोखिम: बहुत कम
  • लिक्विडिटी: कम

9. यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (यूएलआईपी)

यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान हाइब्रिड निवेश विकल्प है, जो बीमा और निवेश दोनों पहलुओं को मिलाकर बनते हैं। एक नियमित बीमा पॉलिसी की तरह यहां भी आपको समय-समय पर प्रीमियम भुगतान करना होगा। आपके द्वारा भुगतान किए जाने वाले प्रीमियम का एक हिस्सा विभिन्न संपत्तियों में निवेश किया जाता है।

  • निवेश सीमा: 5 वर्ष की न्यूनतम लॉक-इन अवधि
  • जोखिम: मध्यम से अधिक
  • लिक्विडिटी: कम

10. पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ)

पब्लिक प्रोविडेंट फंड एक निवेश योजना है जो भारत सरकार द्वारा समर्थित है। यह एक लंबी अवधि का निवेश विकल्प है जो आपको टैक्स छूट के साथ अच्छे रिटर्न देता है। पीपीएफ में एक वित्तीय वर्ष में ₹1.5 लाख तक के निवेश पर टैक्स छूट मिलती है। 

  • निवेश सीमा: 15 वर्ष की न्यूनतम लॉक-इन अवधि
  • जोखिम: बहुत कम
  • लिक्विडिटी: बहुत कम
 

11. रियल एस्टेट

रियल एस्टेट (अचल संपत्ति ) निवेश में ज़मीन और बिल्डिंग जैसी संपत्तियों की खरीद होती है। अचल संपत्ति की लगातार बढ़ती मांग की वजह से आप अपने निवेश पर मध्यम से  लंबी अवधि में बहुत अधिक मुनाफा कमा सकते हैं। और  रियल एस्टेट प्रॉपर्टी में आप उन्हें किराए पर देकर भी आय अर्जित कर सकते हैं।

  • निवेश सीमा: कार्यकाल की कोई सीमा नहीं
  • जोखिम: कम से मध्यम
  • लिक्विडिटी: कम से मध्यम

12. गोल्ड

भारत में एक बहुत लोकप्रिय निवेश विकल्प गोल्ड निवेश है जिसमें सोने की खरीद होती है। इसका उद्देश्य भविष्य में कीमतें बढ़ने पर उसे लाभ के लिए बेचना है।

  • निवेश सीमा: कार्यकाल की कोई सीमा नहीं
  • जोखिम: बहुत कम
  • लिक्विडिटी: बहुत अधिक

13. इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ईएलएसएस)

म्यूचुअल फंड की तरह ईएलएसएस एक निवेश साधन है जो जमा किए गए फंड के एक बड़े हिस्से को इक्विटी और इक्विटी-संबंधित इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करते हैं। ईएलएसएस और म्यूचुअल फंड स्कीम में प्राथमिक अंतर यह है कि ईएलएसएस आपको टैक्स बचाने की सुविधा देता है।

  • निवेश सीमा: 3 वर्ष की न्यूनतम लॉक-इन अवधि
  • जोखिम: अधिक
  • लिक्विडिटी: कम

14. राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस)

एनपीएस भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक बचत योजना है। यह रिटायरमेंट के बाद मासिक पेंशन के माध्यम से निवेशकों को रिटायरमेंट लाभ प्रदान करती है। पीपीएफ की तरह एनपीएस में एक वित्तीय वर्ष में ₹1.5 लाख तक के निवेश पर आप टैक्स छूट पा सकते हैं। 

  • निवेश सीमा: निवेशक की 60 वर्ष की आयु तक
  • जोखिम: बहुत कम
  • लिक्विडिटी: बहुत कम

15. ट्रेज़री बिल (टी-बिल)

ट्रेज़री बिल भारत सरकार द्वारा जारी  की गई छोटी अवधि वाली डेट सिक्योरिटीज़  हैं। अन्य निवेश विकल्पों के विपरीत ट्रेज़री बिल एक छूट पर जारी की जाती है और फिर मैच्युरिटी पर फेस वैल्यू पर वापिस खरीदे जाते हैं।

  • निवेश सीमा: इसमें तीन अलग-अलग कार्यकाल होते हैं, 91 दिन, 182 दिन और 364 दिन
  • जोखिम: शून्य
  • लिक्विडिटी: बहुत अधिक

16. सरकारी सिक्योरिटीज़

टी-बिल की तरह सरकारी सिक्योरिटीज़  भी भारत सरकार द्वारा जारी किए गए डेट उपकरण है। हालांकि उनका कार्यकाल बहुत लंबे समय का होता है और आपके निवेश पर एक निश्चित या अस्थायी ब्याज प्रदान करता है। यह ब्याज आपको छमाही आधार पर दिया जाता है।

  • निवेश सीमा: 5 वर्ष से लेकर 40 वर्ष तक
  • जोखिम: शून्य
  • लिक्विडिटी: बहुत अधिक

17. नेशनल सेविंग सर्टिफ़िकेट (एनएससी)

नेशनल सेविंग सर्टिफ़िकेट एक फिक्स्ड इनकम- सेविंग बॉन्ड है, जहां आप अपने निवेश पर एक निश्चित ब्याज दर के बदले एक निर्धारित अवधि के लिए अपना पैसा जमा करते हैं। यह योजना भारत सरकार द्वारा समर्थित है और इसमें वित्तीय वर्ष में ₹1.5 लाख तक के निवेश पर टैक्स छूट मिलती है।  निवेश सीमा: 5 वर्ष

  • जोखिम: बहुत कम
  • लिक्विडिटी: बहुत कम

18. एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ)

एक एक्सचेंज ट्रेडेड फंड निश्चित रूप से एक पूल इनवेस्टमेंट फंड है जिसमें स्टॉक, बॉन्ड और कमोडिटी जैसे एसेट शामिल होते है। स्टॉक की तरह ईटीएफ भी स्टॉक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध होते हैं और वहीं ट्रेड किए जाते हैं।

  • निवेश सीमा: कार्यकाल की कोई सीमा नहीं
  • जोखिम: अधिक
  • लिक्विडिटी: अधिक

19. डाकघर मासिक आय योजना (पीओएमआईएस)

डाकघर मासिक आय योजना सरकार द्वारा फंड की गई लघु-बचत योजनाओं में से एक है। यह इंडिया पोस्ट द्वारा संचालित की जाता है और आपको अपने निवेश से हर महीने एक निश्चित मासिक आय देती है। इसमें  न्यूनतम निवेश राशि ₹1500 और अधिकतम ₹4.5 लाख है।

  • निवेश सीमा: 5 वर्ष
  • जोखिम: बहुत कम
  • लिक्विडिटी: कम

20. किसान विकास पत्र

किसान विकास पत्र एक बचत प्रमाणपत्र योजना है जो एनएससी के समान है। भारत सरकार द्वारा प्रायोजित यह योजना आपको निवेश के बदले में निश्चित ब्याज दर देती है। हालांकि इस योजना में किसी तरह की टैक्स छूट नहीं मिलती लेकिन इसे लोन के लिए गिरवी रखा जा सकता है।

  • निवेश सीमा: 113 महीने लेकिन 2 साल 6 महीने बाद इससे पूँजी निकाल सकते हैं
  • जोखिम: बहुत कम
  • लिक्विडिटी: कम

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