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आईपीओ: आप आईपीओ में कैसे निवेश कर सकते हैं?

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IPO को समझने के लिए बहुत समय देने के बाद, अब हम आखिरकार इस मॉड्यूल के सबसे ज़रूरी पॉइंट पर पहुँच गए हैं। इस अध्याय में, हम न केवल एक IPO में निवेश करना सीखेंगे, बल्कि उस विश्लेषण प्रकिया के बारे में भी जानेंगे जिसपर आपको एक निवेशक के तौर पर ध्यान देना चाहिए। 

IPO में निवेश करने से पहले आपको क्या करना चाहिए?

IPO में निवेश करना तो एक सरल भाग है, पर आप जिस IPO में निवेश करना चाह रहे हैं, वह निवेश करने लायक है भी या नहीं, यह आकलन करना कठिन है। लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है । हम इसे समझने में आपकी मदद करेंगे । चलिए, मानिए कि आप IRCTC के IPO में निवेश करना चाहते हैं । अब इससे पहले कि आप निवेश के लिए पैसा जुटाना शुरू करें, कुछ और भी ज़रूरी काम हैं जो आपको करने चाहिए ।

प्रॉस्पेक्टस पढ़ें

जब आप एक IPO में निवेश करने का मन बनाते हैं तो आपको सबसे पहले उसके जारी हुए प्रोस्पेक्टस को पूरी तरह, बहुत ध्यान से पढ़ना चाहिए । इस छोटी-सी किताब में वह हर बात होती है जो आपको कंपनी के बारे में जानना ज़रूरी है । इसमें कंपनी के IPO जारी करने से लेकर, कंपनी के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स तक, सारी ज़रूरी जानकारी शामिल होती है । 

उदाहरण के लिए, हम IRCTC के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस व इसमें लिखी हुई चीज़ों व जानकारी को समझते हैं। हमने यहाँ संक्षिप्त रूप में वह सभी चीज़े लिखी हुई हैं जो आपको प्रोस्पेक्टस के पहले पेज पर ही मिल जाएंगी ।

सदस्यता के लिए शेयरों की संख्या

20,160,000 इक्विटी शेयर

प्रत्येक इक्विटी शेयर की फेस वैल्यू 

₹10 

फाइनल इश्यू प्राइस

₹320 प्रति शेयर 320 

इश्यू का साइज़ 

₹6,379.60 मिलियन  

IRCTC के कर्मचारियों के लिए जारी शेयरों की संख्या

160,000 इक्विटी शेयर 

रीटेल निवेशकों को छूट

₹10 प्रति शेयर 

कर्मचारियों को छूट

ऑफर ओपनिंग तिथि 

₹10 प्रति शेयर

सोमवार, 30 सितंबर, 2019

ऑफर क्लोज़िंग 

गुरुवार, 3 अक्टूबर 2019 

इसके अलावा प्रॉस्पेक्टस में कंपनी की डिटेल्स, जोखिम के कारक, वित्तीय जानकारी, कानूनी जानकारी, ऑफर की शर्तों और अन्य जानकारी विस्तार से दी जाती हैं।

कंपनी की वित्तीय स्थिति का परीक्षण करें

जब आप एक बार प्रॉस्पेक्टस का पहला पेज पढ़ लेते हैं तो, इसके बाद आपको प्रॉस्पेक्टस में कंपनी के दिए गए फाइनेंशल्स को अच्छे से देखना होता है । इससे आपको कंपनी के प्रदर्शन को अच्छे से समझने का मौका मिलेगा, जिससे आपके लिए यह निर्णय करना आसान हो जाएगा की आपको IPO में निवेश करना है या नहीं ।

IRCTC के मामले में, आपको इसके प्रॉस्पेक्टस के सेक्शन 5 में सभी ज़रूरी फाइनेंशल स्टेटमेंट मिल जाएँगे । इस सेक्शन में कंपनी, IPO से 3 साल पहले तक की बैलेंस शीट, प्रॉफ़िट और लॉस स्टेटमेंट, कैश फ्लो स्टेटमेंट, और फाइनेंशल स्टेटमेंट्स के नोट्स शामिल करती है । इससे निवेशक के लिए फाइनेंशल रेशियो की गणना करना और उनकी तुलना करना आसान हो जाता है। 

आमतौर पर, यह सेक्शन बहुत बड़ा होता है और इसे समझने के लिए आपको अपनी तरफ से बहुत समय और मेहनत का निवेश करना होगा। आपको हमारे पिछले मॉड्यूल में बताया गया फंडामेंटल एनालिसिस तो ध्यान होगा ही, और यह भी याद होगा कि हमने कैसे अलग-अलग प्रमुख रेशियोज़ की गणना कर कंपनी का मू्ल्यांकन किया था। आप उन्हें यहाँ भी बहुत अच्छे से उपयोग में ले सकते हैं, क्योंकि यहाँ पर उन्हें काम में लेने से आपको कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन का बेहतर आइडिया हो जाएगा । आप यहाँ एक कदम आगे जाकर, IRCTC के मुख्य रेशियोज़ की तुलना दूसरी समान कंपनियों के साथ भी कर सकते हैं ताकि आपको कंपनी के परफ़ोर्मेंस की बेहतर समझ मिल सके।

मूल्यांकन अभ्यास करें

हाँ, तो अब आपने कंपनी के फंडामेंटल्स का बहुत अच्छे और बड़े स्केल पर विश्लेषण कर लिया है और कंपनी के IPO में निवेश करने का फैसला कर लिया है । लेकिन क्या IPO की कीमत सही रखी गयी है ? यह पता लगाने के लिए, हमें इसका मूल्यांकन करना पड़ेगा । IRCTC के मामले में, इश्यू की कीमत ₹320 प्रति शेयर रखी गई है ।

तो, कंपनी के शेयरों को खरीदने लिए यह कीमत सही है ? या यह कीमत ज्यादा है? डिस्काउंटेड कैश फ्लो (DCF) विधि या किसी अन्य मूल्यांकन पद्धति का उपयोग करके आप एक आसान एनालिसिस के साथ इन सवालों के जवाब ढूंढ सकते है।

विश्लेषक रिपोर्टों को पढ़ें

आपने क्या सोचा, विश्लेषक केवल उन कंपनियों पर रिपोर्ट बनाते है जो पहले से ही स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेडिंग कर रही होती हैं ? जी नहीं, वह आने वाले इश्यू या IPO पर भी अपनी रिसर्च-रिपोर्ट बनाते है । कंपनी के IPO में निवेश करने या ना करने के निर्णय में मदद लेने के लिए आप इन विश्लेषक रिपोर्ट्स का भी पूरा उपयोग कर सकते है ।

IRCTC के IPO के मामले में, आपको हज़ारों रिसर्च एनलिस्टस की रिपोर्ट्स ऑनलाइन मिल जाएंगी । बस यहीं हमे सावधानी बरतने की ज़रूरत है । हाँ, इसमें कोई दोराय नहीं है कि विश्लेषक रिपोर्ट आपको कंपनी के बारे में वह जानकारी दे सकती है जो शायद आपके खुद के मूल्यांकन में छूट जाए। लेकिन सिर्फ इन विश्लेषक रिपोर्टों पर ही भरोसा करके निवेश का फैसला ना लें। ऐसा इसलिए, क्योंकि इन रिपोर्टों में हमेशा हल्का पक्षपात होता है। इसलिए, इसके बारे में जाने का सही तरीका यह है कि आप पहले खुद पूरा एनालिसिस करें और फिर आपके परिणाम और विश्लेषकों के परिणामों की तुलना करें। इस तरह, आप काफी हद तक पक्षपात-मुक्त, सटीक परिणाम तक पहुंच सकते हैं। 

 

IPO में निवेश कैसे करें?

जैसा कि आप सभी पहले से ही जानते हैं कि कंपनियों के शेयर खरीदने या बेचने से पहले आपके पास एक डीमैट अकाउंट होना ज़रूरी है । तो इससे पहले कि आप किसी IPO मे निवेश करने की प्लानिंग करें आपको अपना डीमैट अकाउंट खुलवाना होगा । और जैसे ही एक बार आपका डीमैट अकाउंट खुल हो गया तो आप एक बैंक अकाउंट या अपने ट्रेडिंग अकाउंट के ज़रिये IPO में निवेश कर सकते हैं। 

बैंक खाते के माध्यम से IPO में निवेश करना

इसे ASBA प्रक्रिया के रूप में भी जाना जाता है, आप अपने बैंक की इंटरनेट बैंकिंग सुविधा से IPO के लिए जल्दी और आसानी से आवेदन दे सकते हैं। 'ASBA' शब्द का मतलब है एप्लिकेशन सपोर्टेड बाय ब्लॉक्ड अमाउंट। यह सेबी द्वारा बनाई गयी एक प्रकिया है जिसका उद्देश्य नियमित निवेशकों को IPO के ज़रिये शेयर खरीदने में समर्थ बनाना है । ASBA प्रकिया से आवेदन करना, ट्रेडिंग अकाउंट से आवेदन करने से थोड़ा अलग होता है, इसमें आपके खाते से पैसे तब तक नहीं कटते, जब तक बैंक को आपके खरीदे गए शेयरों के आवंटन की सूचना नहीं मिलती ।

हाँ, इससे वह पैसा आपके खाते में ब्लॉक हो जाता है और आप उसे एक अस्थायी समय के लिए काम में नहीं ले सकते। और जैसे ही आपको शेयरों का आवंटन हो जाता है, वह पैसा जो ब्लॉक किया गया था उसे आपके अकाउंट से काट लिया जाता है। और अगर आपको शेयरों का आवंटन नहीं होता है तो वह ब्लॉक्ड राशि आपको वापस कर दी जाती है। इस प्रक्रिया से आपको यह फायदा होता है कि यह आपके रिफ़ंड की प्रकिया में लगने वाले समय को कम कर देता है, जिसे पूरा होने मे ज़्यादातर कई दिन लग जाते हैं । भारत के लगभग सभी बैंक, चाहे वह प्राइवेट बैंक हो या सरकारी, सभी अपने इंटरनेट बैंकिंग पोर्टल के माध्यम से ASBA सुविधा प्रदान करते हैं।

अब जब आपको प्रकिया की संरचना समझ आ गई है, तो चलिए चरण-दर-चरण, बैंक खाते के ज़रिये IPO के लिए आवेदन करना सीखते हैं।

  • अपने यूज़र आईडी और पासवर्ड का उपयोग करके अपने बैंक का इंटरनेट बैंकिंग पोर्टल खोले।
  • उसमें IPO का टैब ढूंढकर उस पर क्लिक करें । आपको आमतौर पर अपने इंटरनेट बैंकिंग पोर्टल में 'निवेश' या 'डीमैट' टैब में यह ऑप्शन मिल जाएगा । 
  • पोर्टल शायद आपको एक IPO सेक्शन में ले जाएगा ।
  • एक बार यहाँ पहुंचने के बाद, उस IPO पर क्लिक करें जिसमें आप निवेश करना चाहते हैं और सभी ज़रूरी डीटेल्स जैसे शेयरों की संख्या और अपनी पसंद की कीमत खुद भरें।
  • अपने डीमैट अकाउंट की डीटेल्स डालें जैसे उस डिपॉजिटरी का नाम जिसमें आपका अकाउंट है, आपके डीमैट खाते में लिखा आपका नाम और खाता संख्या।
  • सभी चीज़े लिखने पर, सबमिट पर क्लिक करें।
  • जैसे ही आप आवेदन करते है, आपके बैंक खाते में अपेक्षित राशि ब्लॉक हो जाती है जिसे आप अस्थायी रूप से एक निश्चित समय तक निकाल नहीं सकते। इसके अलावा, आप IPO ऑर्डर बुक ऑप्शन के ज़रिये अपने द्वारा सबमिट की गयी एप्लिकेशन को देख भी सकते हैं।

यहाँ पर ध्यान देने योग्य बात है कि यह सिर्फ एक स्टैंडर्ड प्रकिया है और यह आपके बैंक के आधार पर थोड़ा बदल भी सकती है ।

 ट्रेडिंग खाते के माध्यम से IPO में निवेश 

अगर आप ऐसे निवेशक हैं, जिनके पास स्टॉक ब्रोकर के साथ ट्रेडिंग अकाउंट है, तो आप अपने ट्रेडिंग टर्मिनल के ज़रिये IPO के लिए आवेदन कर सकते हैं। एंजेल ब्रोकिंग के साथ IPO एप्लिकेशन प्रकिया बहुत आसान हो गयी है । अपने ट्रेडिंग खाते के ज़रिये IPO के लिए आवेदन करना इतना आसान है कि इस प्रकिया को पूरा करने में मुश्किल से 5 मिनट का समय लगता है।

 चलिए, जल्दी से देखते हैं कि आपके पास मौजूदा ट्रेडिंग अकाउंट के ज़रिये IPO के लिए कैसे आवेदन कर सकते हैं:

  • अपनी पसंद के वेब ब्राउज़र के ज़रिये अपनी यू़ज़र आईडी और पासवर्ड से अपने ट्रेडिंग अकाउंट मे लॉग-इन करें।
  • आपको ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के टॉप पर ‘मोर’ का एक ऑप्शन दिख रहा होगा उस पर क्लिक करिए ।
  • अब आपके सामने एक IPO टैब आएगा, उस पर क्लिक करें ।
  • वह IPO इश्यू चुनें जिसमें आप निवेश करना चाहते हैं और फिर अप्लाई पर क्लिक करें।
  • IPO इश्यू के डीटेल जैसे प्राइस बैंड और लॉट साइज के साथ एक नई विंडो खुलती है। आप अपनी पसंद से लॉट की संख्या और कीमत चुनें । सिस्टम खुद ही भुगतान राशि कि गणना करके आपको बता देगा। 
  • एक बार जब आप ऐसा कर लेते हैं, तो आपको अपने UPI से जुड़े हुए वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (VPA) को डालना होगा ।
  • इसके बाद, नियम और शर्तों को स्वीकार करें और 'अप्लाई' पर क्लिक करें।
  • एक अन्य विंडो आपके IPO एप्लिकेशन को जमा करने के पुष्टिकरण के लिए खुलेगी। अब आप IPO ऑर्डर बुक के ज़रिये अपने आवेदन की स्थिति की जांच कर सकते हैं, अपने आवेदन को बदल या कैंसल भी कर सकते है ।
  • एक बार आपके पास यह नोटिफिकेशन आ जाती है तो आपको अपने UPI एप मे लॉगिन करके पेमेंट करना होगा ।
  • बस, आपने IPO के लिए सफलतापूर्वक आवेदन कर दिया है।

 ASBA प्रकिया की तरह ही, यह प्रकिया भी सिर्फ आपको आडिया देने के लिए है और आपके स्टॉकब्रोकर के ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के आधार पर बदल सकती है। आपके IPO के लिए सफलतापूर्वक आवेदन देने के बाद जब बिडिंग विंडो बंद हो जाती है यानी बोली लगाने की अवधि पूरी हो जाती है तो उसके बाद आवंटन प्रक्रिया शुरू होती है। 

निष्कर्ष

और इसी के साथ यह अध्याय पूरा हुआ । अगले अध्याय में, हम IPO के अलावा कुछ अन्य तरीकों पर एक नज़र डालेंगे जिनके ज़रिये एक कंपनी शेयर मार्केट से पूँजी जुटा सकती है। अधिक जानने के लिए अगले अध्याय पर जाएँ।

अब तक आपने पढ़ा

  • IPO में निवेश करने से पहले कुछ प्रमुख चीज़ें हैं जो आपको करने की आवश्यकता है:
    1. प्रॉस्पेक्टस पढ़ें
    2. कंपनी की वित्तीय स्थिति का परीक्षण करें
    3. मूल्यांकन अभ्यास करें 
    4. विश्लेषक रिपोर्ट पढ़ें
  • प्रॉस्पेक्टस में कंपनी के बारे में जानने के लिए लगभग सब कुछ होता है। IPO जारी करने से लेकर कंपनी के वित्तीय विवरण तक, हर महत्वपूर्ण जानकारी इसमें शामिल है।
  • प्रॉस्पेक्टस कंपनी के बारे में विस्तार से, जोखिम के कारकों, वित्तीय जानकारी, कानूनी जानकारी, ऑफर की संरचना और अन्य जानकारी के बारे में विस्तार से बताता है।
  • एक बार जब आप प्रॉस्पेक्टस के शुरू के पेज को अच्छे से पढ़ लेते हैं, तो अगला कदम कंपनी के फाइनेंशियल स्टेटमेेंट्स को गहराई से समझना होता है।
  • विश्लेषक आगामी IPO इश्यू पर भी रिसर्च रिपोर्ट संकलित करते हैं, जिसका उपयोग आप कंपनी के IPO में निवेश करने के अपने निर्णय का समर्थन करने के लिए कर सकते हैं।
  • जबकि विश्लेषक रिपोर्ट एक कंपनी के बारे में जानकारी प्राप्त करने का एक शानदार तरीका हो सकती है, लेकिन सिर्फ इन विश्लेषक रिपोर्टों पर ही भरोसा करके निवेश का फैसला ना लें।
  • अपने खुद का मूल्यांकन करें और उन विश्लेषकों की रिपोर्ट के परिणामों की तुलना अपने मुल्यांकन से करें। इस तरह, आप काफी सटीक परिणामों पर पहुंच सकते हैं।
  • इससे पहले कि आप IPO में निवेश कर सकें, आपको पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि आपके पास डीमैट खाता है।
  • आप IPO में बैंक खाते के माध्यम से या ट्रेडिंग खाते के माध्यम से निवेश कर सकते हैं।
  • 'ASBA' का मतलब ‘एप्लिकेशन सपोर्टेड बाय ब्लॉक्ड अमाउंट है । यह सेबी द्वारा विकसित एक प्रक्रिया है जो नियमित निवेशकों को IPO के माध्यम से शेयर खरीदने में सक्षम बनाती है।
  • ASBA प्रक्रिया में, बैंक द्वारा शेयर आवंटन की सूचना मिलने तक कुल आवेदन राशि आपके खाते से डेबिट नहीं होती है।
  • ASBA सुविधा रिफंड प्रक्रिया में लगने वाले समय को कम करने में मदद करती है, जिसे आमतौर पर पूरा होने में कई दिन लगते हैं।
  • एक बार जब आप सफलतापूर्वक IPO आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लेते हैं और बिडिंग विंडो के बंद होने के बाद, शेयर आवंटन प्रक्रिया शुरू होती है।
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