ट्रेडर्स के लिए मॉड्यूल

पेअर ट्रेडिंग

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* टी एंड सी लागू

स्ट्रेट लाइन इक्वेशन मेथड

3.6

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अभी तक आपने देखा कि कैसे दो कोरिलेटेड शेयर की ट्रैकिंग करके पेअर में ट्रेड करना पॉसिबल है और उनकी रिलेशनशिप में टेंपरेरी वीकनिंग को कैसे यूज करना है।   जो वैरियेबल्स हमने देखे वह हैं डिफ्रेंसिअल्स, स्प्रेड  और प्राइस रेश्यो।  हालांकि यह एक तरीका है पेयर्स को ट्रैक करने का।  पेयर्स  में ट्रेडिंग का एक और तरीका भी है । 

फर्स्ट मेथड की तरह इसमें भी दो स्टॉक्स के बीच की रिलेशनशिप को समझना इंवॉल्व है।  लेकिन यहां पर एक स्टॉक को हम डिपेंडेंट ऐसेट की तरह कंसीडर करेंगे जबकि दूसरे को इंडिपेंडेंट की तरह।  दूसरे शब्दों में एक स्टॉक के मूवमेंट को दूसरे स्टॉक  के मूवमेंट के रिलेशन के साथ स्टडी किया जा सकता है। यह पहला रीजन है जिसके लिए हम इसे रिलेटिव वॉल्यूम ट्रेडिंग मेथड(RVT) कहते हैं

यह बहुत ही बेसिक और संछिप्त तरीका है यह एक्सप्लेन करने का कि सेकेंड मेथड में क्या होता है? लेकिन जब आप डिटेल्स में जायेंगे, लेकिन जब आप डिटेल्स में जाएंगे तो हमें वापस रिमाइंड करना होगा और कुछ हाई स्कूल मैथ को फिर से समझना होगा।  चलिए शुरू करते हैं। 

स्ट्रेट लाइन इक्वेशन

इसमें चलते हैं शायद आपको स्कूल में स्ट्रेट लाइन इक्वेशन की पढ़ाई याद आ जाए।  यह कुछ ऐसी है

y = mx + c

घंटी बजी? चलिए चाहे आप को थोड़ा-थोड़ा याद हो या फिर आपको यही ना याद आए कि स्कूल में आपने से सुना था  चिंता की कोई बात नहीं है. यह चैप्टर स्ट्रेट लाइन इक्वेशन को समझने में आपकी मदद करेगा जोकि आर वी टी मेथड को समझने के लिए पहला स्टेप है.

अब, एक्स वाय एम और सी, इक्वेशन में यह लेटर क्या मायने रखते हैं?

शायद आपको पहले से आईडिया होगा कि एक्स और वाई क्या है. यह वह वैरियेबल्स है जिन्हें हम कंसीडर कर रहे हैं इनमें से एक डिपेंडेंट वेरिएबल है और दूसरा इंडिपेंडेंट.

  • एक्स यहां इंडिपेंडेंट वेरिएबल है
  • वाई डिपेंडेंट वेरिएबल है क्योंकि इसकी वैल्यू एक्स पर डिपेंड करती है

इसे बेहतर समझना चाहते हैं? चलिए एक सिंपल एनालॉजी लेते हैं डिपेंडेंट और इंडिपेंडेंट वैरियेबल्स को समझने के लिए

डिपेंडेंट एंड इंडिपेंडेंट वैरियेबल्स: एक प्राथमिक उदाहरण

डिपेंडेंट और इंडिपेंडेंट वैरियेबल्स को समझने के लिए चलिए एक हाइपोथेटिकल सिनेरियो बनाते हैं मान लीजिए आपके घर के पास एक लोकल फूड ज्वाइंट है आप वहां हर शनिवार की शाम कुछ स्नैक्स के लिए जाते हैं और हर वीकेंड पर आप अपना फेवरेट फूड आइटम समोसा खाते हैं

कुछ वीकेंड पर आप सिर्फ एक खाते हैं जबकि कुछ में आपके मूड पर डिपेंड करता है और आप ज्यादा भी खा लेते हैं अब फूड ज्वाइंट पर जितना पैसा आप खर्च करते हैं यह डिपेंड करता है कि कितने समोसे आप खरीद रहे हैं चलिए मान लेते हैं एक समोसा ₹10 का है तो यहां पर जितने समोसे आपने खरीदे हैं उसके आधार पर आपका एक्सपेंस कैसा दिखेगा, दिख रहा है

Weekend number

Number of samosas bought 

(A)

Rate per samosa

(B)

Total amount spent 

(A x B)

Weekend 1

2

Rs. 10

Rs. 20

Weekend 2

1

Rs. 10

Rs. 10

Weekend 3

4

Rs. 10

Rs. 40

Weekend 4

3

Rs. 10

Rs. 30

आप शायद समझ रहे हो कि क्या है जितना पैसा आपने खर्च किया है यह डिपेंड करता है कि आपने कितने समोसे खाए हैं 

  • तो समोसा की संख्या इंडिपेंडेंट वेरिएबल है (x). 
  • और खर्च होने वाला पैसा डिपेंडेंट वेरिएबल है (y).

स्ट्रेट लाइन इक्वेशन को डिकोड करना: स्लोप /ग्रेडियंट

स्ट्रेट लाइन इक्वेशन को याद करिए एक और वेरिएबल था एम, याद आया?

यह क्या रिप्रेजेंट करता है ?

गणित की भाषा में बात करें तो लेटर एम इक्वेशन में स्लोप या ग्रेडिएंट  डिनोट  करता है . इसे स्लोप कहते हैं, क्यूंकि जब आप दो वेरिएबल्स को ग्राफ पर रिप्रेजेंट  करते हैं, तो लाइन की स्लोप ऍम है  

स्लोप का फार्मूला इस तरह से है :

Slope = (Change in y) ÷ (Change in x)

इसे बेहतर समझने के लिए चलिए ऊपर की टेबल से डाटा लेकर ग्राफ पर प्लाट करते हैं।

तो स्लोप है 20 ÷ 2, जोकि 10 है.

स्लोप या ग्रेडिएंट का क्या सिग्नीफिकेन्स है? वाकई ये स्ट्रैटे ? If that’s what you’re wondering, well, चलिए देखते हैं ग्रेडिएंट क्या सिग्नीफाई करता है? यह इंडिपेंडेंट वेरिएबल की यूनिट चेंज पर डिपेंडेंट वेरिएबल में रेट ऑफ चेंज को रिप्रेजेंट करता है। 

इस केस में हर एक्स्ट्रा समोसा जो आप खरीदेंगे आपका टोटल एक्सपेंस ₹10 बढ़ा देगा।  जो कि ग्रेडिएंट है।  देखा आपने यह कैसे फिट बैठता है?

अब यहां पर इक्वेशन का एक और पार्ट है, जो आपको समझना हैयाद रखिए! स्ट्रेट लाइन इक्वेशन में लेटर C को फीचर किया गया था यह इंटरसेप्ट को रिप्रेजेंट करता है यह क्या होता है ? चलिए एग्जांपल में छोटा सा मॉडिफिकेशन करके यह देखने की कोशिश करते हैं, कि एक्वेशन  में बचा हुआ आखरी पीस क्या है ?

इंटरसेप्ट :1 प्राथमिक उदाहरण

ऊपर से सेम हाइपोथेटिकल सिनेरियो को लेते हैं।  आपका लोकल फूड ज्वाइंट।  आपका वीकेंड का समोसा बिंज,  सब कुछ सेम रहेगाइटरेशंस में थोड़ा सा चेंज करते हैं चलिए मान लेते हैं की समोसा के लिए खर्चा करने के साथ-साथ आप सर्विस पर्सन को हर बार टिप भी देते हैं. एक रीजनेबल स्केल मेंटेन करने के लिए चलिए मान लेते हैं आप हर बार ₹5 देते हैं इसका खरीदे हुए समोसे की संख्या से कोई लेना देना नहीं है

इस केस में आप की टोटल एक्सपेंस का डाटा इस तरह दिखेगा

Weekend number

Number of samosas bought 

(A)

Rate per samosa

(B)

Tip amount 

(C)

Total amount spent 

(A x B) + C

Weekend 1

2

Rs. 10

Rs. 5

Rs. 25

Weekend 2

1

Rs. 10

Rs. 5

Rs. 15

Weekend 3

4

Rs. 10

Rs. 5

Rs. 45

Weekend 4

3

Rs. 10

Rs. 5

Rs. 35

डाटा सेट का ग्राफ इस तरह दिखेगा.

देखिए किस तरह स्लोप हमेशा सेम रहती है सिर्फ चेंज वहां आता है जहां पर लाइन y-axis को कट करती है, पिछले केस में इसने y-axis को जीरो पर कट किया था.

और इस बार  y-axis को 5 पर कट कर रही है

यह एडिशनल टेप का इफेक्ट है जो पूरे ट्रांजैक्शन में हमेशा कांस्टेंट ₹5 रही है और यही स्ट्रेट लाइन इक्वेशन में सी का काम करती है .यह इंटरसेप्ट है और यह हमेशा कांस्टेंट रहता है.

बेसिकली यह वह पॉइंट है जहां लाइन y-axis को इंटरसेप्ट करती है

स्ट्रेट लाइन इक्वेशन को साथ रखने पर

ऊपर दिए हुए एग्जांपल में लिए गए डाटा के आधार पर हमारे पास यह है.

  • डिपेंडेंट वेरिएबल (y) = फूड ज्वाइंट पर खर्चा हुआ पैसा
  • ग्रेडियंट/स्लोप = 10
  • इंडिपेंडेंट वेरिएबल (x) = खरीदे हुए समोसों की संख्या
  • इंटरसेप्ट = ₹5 की टिप

तो,इस केस में स्ट्रेट लाइन एक्वेशन है

y = 10x + 5

स्टॉक प्राइस के डाटा के साथ काम

अभी तक हमने बहुत ही प्राथमिक उदाहरण लिखे हैं पर जब आप इसे स्टॉक प्राइसेस पर अप्लाई करते हैं तो यहां पर एक प्रीव्यू दिया गया है कि डाटा कैसा दिखता है

अब इस सेट ऑफ ऑब्जर्वेशंस के लिए आप ग्रेडियंट और इंटरसेप्ट की कैलकुलेशन कैसे करेंगे? यह गणना सिर्फ डाटा को देखकर नहीं की जा सकती. आप इस बात पर बहस कर सकते हैं कि हमें सिंपली पॉइंट्स को ग्राफ पर प्लॉट करना चाहिए और स्लोप और इंटरसेप्ट को आईडेंटिफाई कर लेना चाहिए

हां आप सही हैं ऐसा हो सकता है

हालांकि इस पर्टिकुलर सेट ऑफ ऑब्जरवेशन के लिए यह करना संभव दिखता है क्योंकि यहां पर हर स्टॉक प्राइस के लिए सिर्फ 10 वैल्यू है  लेकिन अगर आप 1 महीने के प्राइसेस का डाटा एनालाइज करेंगे या 1 साल के प्राइजेस का सेट, तो ग्राफ पर प्लॉटिंग करना बहुत ही कठिन और इंप्रैक्टिकल हो जाएगा

तो सोल्यूसन क्या है? लिनियर रिग्रेशन, और यह वह है जिसे हम अगले चैप्टर में देखेंगे

रैपिंग अप

यह चैप्टर स्ट्रेट लाइन इक्वेशन के बारे में बेसिक इंट्रोडक्शन दे रहा था. यह समझना कि इसे ट्रेडिंग पर कैसे अप्लाई करते हैं हमें कुछ और कॉन्सेप्ट्स को एक्सप्लोर करना होगा डिटेल्स जानने के लिए अगले चैप्टर की ओर चलते हैं

क्विक रिकैप

  • रिलेटिव वैल्यू ट्रेडिंग मेथड को शेयर ट्रेडिंग के लिए भी यूज किया जा सकता है.
  • इसकी शुरुआत होती है स्ट्रेट लाइन इक्वेशन को समझने से
  • इक्वेशन कुछ इस तरह से है: y = mx + c
  • यहां Y एक डिपेंडेंट वेरिएबल है जबकि X एक इंडिपेंडेंट वेरिएबल है .
  • ‘m’ स्लोप या ग्रेडियंट को रिप्रेजेंट करता है दूसरे शब्दों में यह Y के चेंज होने की रेट को बताता है X की एक यूनिट चेंज होने पर.
  • ‘c’ इंटरसेप्ट को रिप्रेजेंट करता है या वह पॉइंट जहां ग्राफिकल लाइन y-axis को कट करती है.
  • इंटरसेप्ट हमेशा कांस्टेंट रहता है.
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