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5 सबसे शक्तिशाली कैंडलस्टिक पैटर्न

4.3

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जैसा कि आप पहले से ही पिछले अध्याय में पढ़ चुके हैं, कैंडलस्टिक पैटर्न ट्रेडिंग संकेतों को पहचानने का एक शानदार तरीका है। कहते हैं कि, एक कैंडलस्टिक पैटर्न की पहचान और उसके बाद उसकी व्याख्या करना या यूं कहे कि उसे समझना बहुत ज़रूरी है। बस इस अध्याय में हमारा पूरा फोकस इसी पर है। इसलिए, बिना किसी देरी के, चलिए शुरू करते है।

सिंगल कैंडलस्टिक पैटर्न क्या है?

देखा जाए तो इसके नाम में ही इसकी परिभाषा छुपी हुई है। वह पैटर्न जो सिर्फ एक कैंडल से उत्पन्न होता है, उसे सिंगल कैन्डलस्टिक पैटर्न के रूप में जाना जाता है। आमतौर पर, व्यापारी सिंगल कैन्डलस्टिक पैटर्न को समझने के लिए एक दिन के कैंडलस्टिक चार्ट को काम में लेते हैं। यह टेक्निकल एनालिसिस के सबसे आसान तरीकों में से एक है, और इसकी खास बात यह है कि इसमें बहुत कम समय लगता है।

अब जब आप सिंगल कैंडलस्टिक पैटर्न के बारे में जान गए है तो चलिए अब आपको कुछ जरूरी पैटर्न के बारे में बताते हैं, जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए।

1. दोजी 

इसे सबसे जरूरी सिंगल कैंडलस्टिक पैटर्न में से एक माना है, दोजी आपको बाज़ार में चल रही पूरी स्थिति का एक जायज़ा दे सकता है। दोजी तब बनता है जब स्टॉक की ओपनिंग कीमत और क्लोज़िंग कीमत एक ही होती है। और क्योंकि ओपनिंग कीमत, शेयर की क्लोज़िंग कीमत के बराबर ही होती है इसलिए इन कैंडलस्टिक की कोई बॉडी नहीं होती है। यहाँ पर दोजी का एक उदाहरण है, जिससे आप इस स्थिति को समझ सकते हैं:

 

जैसा कि आप यहाँ देख सकते हैं, यहां, ऊपर और नीचे की शैडो बहुत लंबी हैं, जो की अस्थिरता बढ़ने का संकेत है। पर, अस्थिर स्थिति के बाद भी, शेयर एक ही वैल्यू पर खुला और बंद हुआ है। इससे पता चलता है कि मार्केट में अनिश्चितता या दुविधा का माहौल है।

ज़्यादातर मामलों में, ऐसा होने की संभावना बहुत कम होती है जहाँ शेयर की शुरुआती कीमत और क्लोज़िंग कीमत एक बराबर ही हो। जब आप भारतीय कैंडलस्टिक चार्ट को देखना शुरू करेंगे तो आप भी यही चीज़ नोटिस करेंगे। बस यही कारण है कि ज़्यादातर ट्रेडर्स किसी कैंडलस्टिक की बेहद छोटी या पतली बॉडी होने को ही दोजी मान लेते हैं।

उदाहरण के लिए, मान लीजिए कि एक शेयर की ओपनिंग कीमत ₹50 है और क्लोज़िंग कीमत ₹52 है, हालांकि यहाँ पतली कैंडलस्टिक बॉडी बनती है, लेकिन ट्रेडर फिर भी इसे दोजी मानते हैं। 

 

महत्व: अगर देखा जाए तो सिर्फ दोजी का, एकल तौर पर ज्यादा महत्व नहीं है।इसकी वैल्यू या महत्व तभी बढ़ता है जब यह एक प्रचलित ट्रेंड के दौरान बनता है। जब एक दोजी बुलिश या बेयरिश ट्रेंड के दौरान बनता है तो यह ट्रेंड में एक ठहराव को दिखाता है और साथ में यह भी दिखाता है कि मार्केट के खिलाड़ी (खरीदार और विक्रेता) कीमत की चाल के बारे में काफी अनिश्चित है। इस संकेत को आने वाले संभावित ट्रेंड रिवर्सल के रूप में देखा जा सकता है। 

2. ड्रैगनफ़्लाइ दोजी

ड्रैगनफलाइ दोजी तब बनता है जब किसी शेयर की शुरुआती और समापन कीमतें उस दिन के उच्चतम बिंदु ( हाइएस्ट पॉइंट ) पर होती हैं। ड्रैगनफ़्लाइ दोजी में ऊपरी शैडो नहीं होती है बल्कि एक लंबी निचली शैडो होती है। ड्रैगनफ़्लाइ दोजी का कैंडलस्टिक पैटर्न कुछ इस तरह दिखता है।

 

महत्व: यह पैटर्न दिखाता है कि शेयर तेज़ी के साथ खुला था, फिर बिक्री के दबाव में आकर कीमत में गिरावट आई और फिर दिन के अंत में तेज़ी के कारोबारी बाज़ार पर हावी हुए जिससे कीमत में फिर उछाल आ गया।

ड्रेगनफ़्लाइ दोजी, बुलिश ट्रेंड यानी तेज़ी के रूझान का संकेत देता है और बताता है कि कीमत की चाल पर खरीदारों का ज़ोर ज्यादा है। जब आप भारतीय शेयरों के कैन्डलस्टिक चार्ट देख रहे हो, और ड्रैगनफ्लाइ दोजी बेयरिश ट्रेंड के दौरान बने तो यह ट्रेंड रिवर्सल का अच्छा संकेत हो सकता है। 

 

3. ग्रेव्स्टोन दोजी

यह ड्रैगनफ़्लाइ दोजी से बिलकुल उल्टा है। ग्रेवस्टोन दोज़ी तब बनता है जब किसी शेयर की ओपनिंग और क्लोज़िंग कीमत, दिन के सबसे निचले बिंदु (लोएस्ट पॉइंट) पर होती हैं। इसके पैटर्न में कोई भी निचली शैडो नहीं होती है, सिर्फ एक लंबी ऊपरी शैडो होती है।

 

महत्व: ग्रेवस्टोन दोजी यह दिखाता है कि बाजार काफी मंदी के साथ खुला था, लेकिन दिन में जैसे ही खरीदार मार्केट में ट्रेडिंग के लिए आए तो कीमतों में उछाल आया, लेकिन दिन के अंत में बिक्री का दबाव बढ़ने से यह अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया। ग्रेवस्टोन दोजी, बेयरिश ट्रेंड यानी मंदी के रूझान का संकेत देता है और बताता है कि कीमत की चाल पर विक्रेताओं का ज़ोर ज्यादा है। ग्रेवस्टोन अगर बुलिश ट्रेंड के दौरान बनता है तो यह ट्रेंड रिवर्सल का संकेत हो सकता है।

 

 4- स्पिनिंग टॉप -

दोजी की तरह ही, स्पीनिंग टॉप भी एक सिंगल कैन्डलस्टिक पैटर्न है जो बाजार में फैली अनिश्चितता को दिखाता है। स्पिनिंग टॉप तब बनता है जब क्लोज़िंग कीमत, ओपनिंग कीमत के आस-पास होती है। स्पिनिंग टॉप की संरचना बिल्कुल एक दोजी की तरह ही होती है, लेकिन इसमें कैंडलस्टिक की बॉडी छोटी लेकिन भिन्न होती है, और यह पैटर्न कुछ इस तरह दिखता है:

 

महत्व: लंबी शैडो का मतलब है कि खरीदार और विक्रेता दोनों ही कंट्रोल के लिए प्रतियोगिता कर रहे हैं, लेकिन दोनों में से कोई भी दूसरे के ऊपर हावी नहीं हो पा रहा है। इसलिए, प्राइस मूवमेंट में अनिश्चितता दिखाई देती है। जब एक ट्रेंड के समय स्पीनिंग टॉप बनता है,तो यह गति में कमी का संकेत देता है और इसे ट्रेंड के रिवर्सल का भी संकेत माना जा सकता है।

हालांकि इस पैटर्न को देखते समय आपको सावधान रहने की ज़रूरत होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि स्पीनिंग टॉप बनने पर ट्रेंड के पलटने की संभावना सिर्फ 50% ही होती है। कभी-कभी तो स्पीनिंग टॉप सिर्फ एक ठहराव ही बनकर रह जाता है और ट्रेंड, बिना किसी रिवर्सल के जारी रहता है।

इसलिए, भारतीय शेयरों के कैंडलस्टिक चार्ट पढ़ते समय, मार्केट की दिशा का बेहतर आइडिया लगाने के लिए इसे दूसरे पैटर्न के साथ जोड़ कर देखने की सलाह दी जाती है। उदाहरण के लिए, जब स्पिनिंग टॉप के साथ दोजी भी बनता है तब उसे ट्रेंड रिवर्सल की पुष्टि माना जाता है।

5. हैमर

हैमर भी एक सिंगल कैंडलस्टिक पैटर्न है जो एक कैंडल के ऊपरी तरफ, एक छोटी बॉडी और एक लंबी निचली शैडो के साथ दिखाई देता है। अगर कैंडल की ऊपरी शैडो छोटी होती है, तो भी पैटर्न को हैमर माना जा सकता है। ये पैटर्न कुछ ऐसा दिखता है:

       

ज़्यादातर व्यापारियों के अनुसार, एक कैंडलस्टिक को हैमर मानने के लिए, पैटर्न की निचली शैडो को कैंडलस्टिक की बॉडी की तुलना में कम से कम दो गुना लंबा होना ज़रूरी है।

 महत्व: हैमर को अक्सर मंदी से तेजी में बदलने के ट्रेंड का संकेत माना जाता है। लंबी निचली शैडो विक्रेताओं द्वारा प्राइस मूवमेंट को कंट्रोल करने के प्रयास का संकेत देती है, लेकिन आखिर में खरीदारों पर हावी नहीं हो पाते और तेज़ी के कारोबारी कीमतों को फिर से उछाल देकर उच्चतम बिंदु (हाइएस्ट पॉइंट) के करीब ले जाते हैं। निचली शैडो जितनी लंबी होती है, बुल्स यानी तेज़ी के कारोबारी उतने ही ज्यादा मज़बूत होते हैं। ध्यान देने की एक और बात यह है कि हैमर या तो हरा हो सकता है (जहां समापन कीमत, शुरुआती कीमत से अधिक है) या लाल (जहां समापन कीमत, शुरुआती कीमत से कम है)।

 माना जाता है कि, हैमर तभी महत्व का है जब यह एक डाउनट्रेंड (मंदी का रूझान) के दौरान बनता है। एक डाउनट्रेंड के दौरान हैमर के बनने के बाद , ट्रेंड रिवर्सल और कीमतों के ऊपर जाने की संभावना बन जाती है।

हालांकि, कोई भी ट्रेड करने से पहले अगले दिन के पैटर्न को ट्रैक करके रिवर्सल ट्रेंड की पुष्टि कर लेना एक अच्छा आइडिया होता है। उदाहरण के लिए, अगर किसी शेयर की ओपनिंग कीमत हैमर पैटर्न की क्लोज़िंग कीमत से ज्यादा होती है, तो रिवर्सल का होना तय होता है।

 निष्कर्ष

तो, ये कैंडलस्टिक्स से बनाए गए 5 पैटर्न थे।इस तरह के अन्य कैंडलस्टिक पैटर्न के बारे में जानने के लिए आपको अगले अध्याय पर जाना होगा और वहाँ जाकर हम यह समझेंगे कि उनका क्या मतलब है और वह कैसे काम करते है।

 अब तक आपने पढ़ा

  • एक पैटर्न जो सिर्फ एक कैंडलस्टिक से उत्पन्न होता है, उसे एकल/ सिंगल कैंडलस्टिक पैटर्न के रूप में जाना जाता है। आमतौर पर, व्यापारी एकल कैंडलस्टिक पैटर्न की पहचान करने के लिए 1-दिवसीय कैंडलस्टिक चार्ट का उपयोग करते हैं।
  • एक दोजी तब बनता है जब एक शेयर की ओपनिंग कीमत और क्लोज़िंग कीमत समान होती हैं। यह दर्शाता है कि बाज़ार में अनिश्चितता है।
  • ड्रैगनफलाइ दोजी तब बनता है जब किसी शेयर की शुरुआती और समापन कीमतें दिन के उच्चतम बिंदु पर होती हैं। ड्रैगनफलाइ दोजी की कोई ऊपरी शैडो नहीं होती और एक लंबी निचली शैडो होती है।
  • ड्रैगनफलाइ दोजी तेज़ी के रूझान और कीमतों की चाल पर खरीदारों की मज़बूती का संकेत देता है। 
  • ग्रेवस्टोन दोजी तब बनता है जब किसी शेयर की शुरुआती और समापन कीमतें दिन के सबसे निचले बिंदु पर होती हैं। पैटर्न की कोई निचली शैडो नहीं होती और एक लंबी ऊपरी शैडो होती है।
  • यह पैटर्न बेयरिश ट्रेंड का संकेत देता है और प्राइस मूवमेंट पर विक्रेताओं की पकड़ को दर्शाता है। 
  • एक स्पिनिंग टॉप तब बनता है जब समापन मूल्य, शूरुआती मूल्य के आसपास होता है। स्पिनिंग टॉप की संरचना एक दोजी के समान होती है, लेकिन इसमें कैंडलस्टिक की बॉडी छोटी और भिन्न होती है।
  • जब एक ट्रेंड के दौरान स्पिनिंग टॉप दिखाई देता है, तो यह गति में कमी का संकेत देता है और एक ट्रेंड रिवर्सल का संकेत माना जाता है। 
  • हैमर एक सिंगल कैंडलस्टिक पैटर्न है जो एक कैंडलस्टिक के ऊपरी छोर पर एक छोटी बॉडी और एक लंबी निचली शैडो के साथ दिखाई देता है। हैमर को अक्सर मंदी से तेज़ी में बदलते ट्रेंड का संकेत माना जाता है।
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इस अध्याय के लिए प्रश्नोत्तरी लें और इसे पूरा चिह्नित करें।

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टिप्पणियाँ (4)

chirag mehta

06 Sep 2021, 07:18 PM

need to give examples with every chart pattern,this would beb more helpful to us.

Replies (1)

Smart Money

13 Sep 2021, 01:41 PM

Thanks for the suggestion Chirag, we are working on improving your experience. We've already informed concerned team about it. If you have more feedback or suggestions, please write to us at smartmoney@angelbroking.com

Deepak kumar

18 May 2021, 05:36 PM

without coming to practice all the defined patterns can not be clearly understood.

Pankaj

05 Apr 2021, 10:08 AM

Good information

Jitendra Kumar

31 Jan 2021, 07:56 PM

All Chapters are very valuable

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