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शेयर बाजार का परिचय

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शेयर बाजार के संकेत - एक अवलोकन

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शेयर बाज़ार के सूचकांक पर एक नज़र

मानिए, आज साल का आखिरी दिन है और आप अपने दोस्तों के ग्रुप के साथ बैठे हैं। बहुत ही शानदार खाने के बाद, कोई दोस्त आखिर में पूछता है, "तो बताओ, आपका यह साल कैसा था?"
 
अब आप इसका जवाब कैसे देंगे? आखिरकार, पिछले साल के 365 दिनों में से हर दिन को मापना या उसके बारे में जानकारी याद रखना आसान नहीं है! लेकिन शायद आप बिता साल कैसा रहा ये जानने के लिए उस साल में हुई बड़ी और ज़रूरी चीज़ों को याद करेंगे और साल का आकलन करेंगे।

आपको प्रोमोशन मिला,  एक नया घर ख़रीदा या आप अपनी पसंदीदा जगह पर छुट्टियाँ मनाने गए?  अगर इन सभी बातों पर गौर करें तो, आप शायद अपने दोस्त को बताएंगे कि आपका यह साल शानदार रहा। और दूसरी तरफ, अगर आपने बीते साल अपने किसी करीबी को खो दिया, या आपको अपने ट्रांसफर की वजह से एक ऐसी नई और नापसंद जगह पर जाना पड़ा , तो आप अपने इस साल को इतना अच्छा नहीं कहेंगे।

तो, जैसा आपने देखा, इन सभी अहम घटनाओं ने आपको यह आकलन करने में मदद की कि साल कैसा था और कैसा नहीं ?

इसी तरह, हम शेयर बाज़ार की तरफ चलते हैं और एक सवाल करते हैं कि "शेयर बाज़ार आज कैसा चल रहा है?"

अब जैसा आप जानते है की, एनएसई और बीएसई पर हज़ारों शेयर लिस्टेड हैं।
और हर लिस्टेड कंपनी के शेयर्स के उतार-चढ़ाव पर नज़र बनाए रखना संभव नहीं है। इससे बेहतर तरीका यह होगा कि एक्सचेंज की कुछ टॉप कंपनियों को जल्दी से देखा जाए और उनके शेयर्स की मूवमेंट को ट्रैक करा जाए।

अगर ज़्यादातर टॉप-कंपनियों के शेयरों में उतार नज़र आता है, तो आप यह निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि उस दिन बाज़ार का प्रदर्शन अच्छा था। और वहीं, दूसरी ओर, अगर वह शेयर्स नीचे गिरे, तो आप कहते हैं कि बाज़ार का आज का प्रदर्शन खराब था। यही चुनी हुई टॉप कंपनियां मिलकर प्रमुख शेयर बाज़ार सूचकांक या स्टॉक मार्केट इंडेक्स बनाते हैं।

तो, शेयर बाज़ार में इंडेक्स का क्या मतलब है?

शेयर बाज़ार इंडेक्स ऐसे संकेतक हैं जो बाज़ार के एक पूरे या एक निश्चित सेगमेंट के प्रदर्शन को दर्शाते हैं। स्टॉक मार्केट इंडेक्स में उन कंपनियों का एक समूह होता है, जिनके शेयरों का कारोबार एक एक्सचेंज में होता है। हर इंडेक्स, कंपनियों के शेयरों की कीमतों में उतार-चढ़ाव को मापता है। तो इसका सीधे-सीधे यह मतलब है कि इंडेक्स का प्रदर्शन, इंडेक्स के शेयरों के प्रदर्शन के हिसाब से ही रहता है। इसे सीधे शब्दों में कहें तो, जब एक इंडेक्स में शेयरों की कीमतें बढ़ जाती हैं, एक पूरे के रूप में वह इंडेक्स भी ऊपर की ओर बढ़ जाता है।

चलिए अब जब हमें ‘इंडेक्स क्या है?’ के सवाल का जवाब मिल गया है, आइए जानते है कि इंडेक्स बनता कैसे है। हर इंडेक्स में शेयर्स  की एक निश्चित संख्या होती है, जैसे 30 या 50 या 100। और इसमें अलग-अलग बिज़नेस और सेक्टरों की सिर्फ सबसे सुस्थापित और आर्थिक रूप से मज़बूत कंपनियों को शामिल किया जाता है। यह सूचकांक देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति का काफी सटीक प्रतिनिधित्व करता है।

भारतीय शेयर बाज़ार के दो प्रमुख इंडेक्स

भारत के वित्तीय बाज़ार में, मुख्य रूप से दो मुख्य इंडेक्स हैं:

1 - एसएंडपी बीएसई  सेंसेक्स
2 - सीएनएक्स  निफ्टी।   

इन दोनों को आमतौर पर व्यापक बाज़ार इंडेक्स के रूप में जाना जाता है। इनके बारे में और अच्छे से समझने के लिए हमे इनके बारे में अच्छे से पढ़ना व समझना पड़ेगा, तो चलिए शुरू करते हैं -

एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स

1986 में बना यह सेंसेक्स, भारत का सबसे पुराना इंडेक्स है। यह बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में लिस्टेड कंपनियों के एक समूह का प्रतिनिधित्व करता है। यहाँ बीएसई सेंसेक्स के बारे में कुछ तथ्य दिए गए हैं।
 
●  स्टैंडर्ड एंड पूअर्स (S & P), एक अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसी है, जिसने इंडेक्स के निर्माण के लिए अपनी तकनीकी विशेषज्ञता का लाइसेंस बीएसई को दिया था।
●  इसलिए, इंडेक्स को हमेशा S & P टैग के साथ रखा जाता है।
●  सेंसेक्स में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के भीतर टॉप 30 सबसे बड़े और सबसे अधिक कारोबार वाले स्टॉक शामिल हैं।

सीएनएक्स  निफ्टी (सीएनएक्स  निफ्टी 50)

निफ्टी 50 क्या है? सीएनएक्स निफ्टी के नाम से भी जाना जाने वाली इस इंडेक्स को पहली बार 1996 में स्थापित किया गया था। यह इंडेक्स, जिसे निफ्टी 50 भी कहा जाता है, एनएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के एक समूह का प्रतिनिधि है।

आइए सीएनएक्स निफ्टी के बारे में कुछ तथ्यों पर एक नज़र डालें।
 
●  निफ्टी, इंडिया इंडेक्स सर्विसेस एंड प्रोडक्टस लिमिटेड (IISL) के स्वामित्व में है और इसे मैंटेन भी इसी के द्वारा किया जाता  है।
●  IISL भारतीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसी CRISIL और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का एक जाइंट-वेंचर है।
●  वास्तव में, CNX NIFTY में CNX टैग CRISIL और NSE को दर्शाता है।
●  निफ्टी के अंदर टॉप 50 सबसे बड़े और सबसे अधिक कारोबार वाले शेयरों के स्टॉक्स शामिल हैं।

 

अन्य सेक्टर से जुड़े इंडेक्स

चूंकि सेंसेक्स और निफ्टी अर्थव्यवस्था के कई सेक्टरों को शामिल करते हैं, उन्हें व्यापक बाज़ार इंडेक्स माना जाता है। हालांकि, बीएसई और एनएसई दोनों के पास सेक्टर-के आधार पर भी सूचकांक हैं जो विशेष सेक्टरों या बिज़नेस के परफ़ोर्मेंस को ट्रैक करते हैं। इन सेक्टोरल इंडेक्सों या क्षेत्रीय सूचकांकों का निर्माण भी उसी तरह किया जाता है जैसे कि व्यापक बाज़ार इंडेक्स का।

उदाहरण के लिए, बैंक निफ्टी एक सेक्टोरल इंडेक्स है जो भारत के बैंकिंग सेक्टर के टॉप 12 शेयरों के प्रदर्शन को ट्रैक करता है। इसी तरह, बीएसई ऑटो भी एक सेक्टोरल इंडेक्स है क्योंकि यह ऑटोमोबाइल-इंडस्ट्री की टॉप 15 शेयरों को दिखाता है और उनकी परफ़ोर्मेंस ट्रैक करता है।

स्टॉक मार्केट इंडेक्स निवेशकों के लिए कैसे फायदेमंद हैं?

स्टॉक मार्केट इंडेक्स का प्रदर्शन अर्थव्यवस्था की स्थिति और सामान्य निवेशकों की भावनाओं का एक पर्फेक्ट इंडिकेटर है। स्टॉक मार्केट इंडेक्स आपके जैसे निवेशकों को जानकारी का ख़ज़ाना भी देते हैं। आप इस जानकारी की मदद से  अपनी निवेश रणनीति बना सकते हैं।
निवेशकों के लिए इंडेक्स कितने फायदेमंद हैं, इसके बारे में संक्षिप्त में पढ़ें:

वह मानदंड तय करने के लिए अहम जानकारी मुहैया कराते हैं

जैसा कि हमने पहले ही देखा है, सूचकांकों की चाल और प्रदर्शन शेयर बाज़ारों के ट्रेंड का एक पर्फेक्ट-इंडिकेटर है।  उदाहरण के लिए, जब इंडेक्स ऊपर जा रहे होते हैं तो आम सहमति यही होती है कि निवेशक और बाज़ार प्रतिभागी आशावादी हैं।

और इतना ही नहीं, कई व्यापारी, निवेशक और अन्य बाज़ार प्रतिभागी इंडेक्स के प्रदर्शन का उपयोग मानदंड के रूप में करते हैं ताकि यह विश्लेषण किया जा सके कि शेयर बाज़ार में उनका निवेश कैसे रहा।

उदाहरण के लिए, आप एक निश्चित समय अवधि के लिए निफ्टी जैसे इंडेक्स का प्रदर्शन देखें और उसकी तुलना उसी अवधि के लिए अपने इनवेस्टमेंट-पोर्टफोलियो के प्रदर्शन के साथ करें। इस तरह, आपको निवेश के प्रदर्शन का ज्यादा सटीक और अहम प्रारूप मिलेगा।

यह आपके रिस्क को कम करते हैं

एक निवेशक के रूप में, आपका मुख्य लक्ष्य बाज़ार से बेहतरीन लाभ उठाने का होता हैै। ऐसा करने का एक तरीका है कि एक ही स्टॉक या एक सेट पोर्टफोलियो के हिसाब से निवेश करने की बजाय इंडेक्स फंड्स के जरिए इंडेक्स में निवेश किया जाए। चूंकि सूचकांकों में कई प्रकार के बिज़नेस व इंडस्ट्रीज़ के शेयर होते हैं, इसलिए विविधीकरण के कारण खराब प्रदर्शन का जोखिम कम होता है।

जब आप किसी एक शेयर में निवेश करते हैं, और अगर वह स्टॉक आपकी उम्मीदों के अनुसार नहीं बढ़ता तो आपका पैसा डूब सकता है है। हालांकि, शेयर बाज़ार सूचकांकों के साथ, इसमें शामिल सभी शेयर्स के एक ही समय में नीचे जाने की संभावना बहुत कम होती है, इसलिए, जोखिम और नुकसान होने की संभावना भी काफी कम हो जाती है।

निष्कर्ष

इसी के साथ, शेयर बाज़ार के सूचकांकों पर हमारा यह अध्याय यही खत्म होता है। इसलिए, अब अगर कोई भी आपसे कभी "सूचकांक क्या है" या " निफ्टी 50 क्या है" के बारे में सवाल करता है तो आप ऐसे सवालों के जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। अगले अध्याय में, हम शेयर बाज़ारों के फ्रंट-एंड के बारे में विस्तार से जानेंगे।

अब तक आपने पढ़ा:

  • शेयर बाज़ार सूचकांक ऐसे संकेतक हैं जो बाज़ार के पूरे या निश्चित क्षेत्र के प्रदर्शन को दर्शाते हैं।
  • स्टॉक मार्केट इंडेक्स में उन कंपनियों का एक समूह होता है, जिनके शेयरों का एक एक्सचेंज पर कारोबार होता है।
  • हर सूचकांक अपनी प्रतिभागी कंपनियों के शेयर के मूल्यों में उतार-चढ़ाव और उनके प्रदर्शन को मापता है।
  • भारत के वित्तीय बाज़ार में, मुख्य रूप से दो मुख्य सूचकांक हैं: एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स और सीएनएक्स निफ्टी।
  • सेंसेक्स में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर टॉप 30 सबसे बड़े और सबसे अधिक कारोबार वाले स्टॉक शामिल हैं।
  • निफ्टी में एनएसई के अंदर टॉप 50 सबसे बड़े और सबसे अधिक कारोबार वाले शेयर शामिल हैं।
  • बीएसई और एनएसई दोनों के पास सेक्टर पर आधारित सूचकांक हैं जो विशेष क्षेत्रों या उद्योगों के प्रदर्शन को ट्रैक करते हैं।
  • सूचकांक मानडंद तय करने के लिए अहम जानकारी प्रदान करते हैं और जोखिम को कम करने में मदद करते हैं।
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